हिमाचल में भारी बारिश के चलते छुट्टियों में बदलाव,सरकार ने जारी किया संशोधित शेड्यूल

News web media Uttarakhand : हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की वजह से जमकर तबाही हुई है. हिमाचल प्रदेश सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हो चुका है. इसके अलावा आम जनता की निजी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है. हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने स्कूली बच्चों को सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मानसून के दौरान होने वाली छुट्टियों के शेड्यूल में बदलाव किया है. नए शेड्यूल के मुताबिक, जिला कुल्लू में अब 10 जुलाई से 1 अगस्त तक छुट्टी रहेगी. लाहौल स्पीति जिला में गर्मियों की छुट्टी को 10 जुलाई से लेकर 20 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है. इससे पहले यह छुट्टियां 17 जुलाई को शुरू होनी होकर 27 अगस्त को खत्म होनी थी. जनजातीय क्षेत्र किन्नौर, पांगी और भरमौर के लिए भी छुट्टियां 10 जुलाई से 15 अगस्त तक रहेगी. इससे पहले यह छुट्टियां 22 जुलाई से 27 जुलाई तक होनी थी. शिक्षा विभाग ने अन्य विंटर क्लोजिंग स्कूलों के लिए छुट्टियों को 10 जुलाई से 15 जुलाई तक बढ़ाया है. इससे पहले यह छुट्टियां 22 जुलाई से शुरू होकर 27 जुलाई तक होनी थी.

हिमाचल सरकार को बड़ा नुकसान
बता दें कि पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में बारिश ने जमकर तबाही मचाई है. बारिश की वजह से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है. इसके अलावा भारी बारिश की वजह से आम जनता का कारोबार प्रभावित हुआ है. सरकारी संपत्ति के साथ लोगों की निजी संपत्ति को भी भारी नुकसान हुआ है. हिमाचल प्रदेश आपदा प्राधिकरण के पास मौजूद आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश सरकार को 785.51 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है. इनमें जल शक्ति विभाग को 350.15 करोड़ रुपए, लोक निर्माण विभाग को 355.96 करोड़ रुपए, बिजली विभाग को 0.92 करोड रुपए, बागवानी विभाग को 70.36 करोड़ रुपए और शहरी विकास विभाग को 0.41 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह का कहना है कि बीते तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के बाद नुकसान का आंकड़ा चार हजार करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है.

यूपीपीएससी पीसीएस के मेंस एग्जाम के रजिस्ट्रेशन हुए शुरू

News web media Uttarakhand : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने यूपीपीएससी पीसीएस मुख्य परीक्षा 2023 रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। जानकारी दे दें कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आज यानी 7 जुलाई से शुरू हो रही है और 21 जुलाई, 2023 तक चलेगी। जो उम्मीदवार  UPPSC PCS की प्री में पास हुए हो, वे संयुक्त राज्य/उच्च अधीनस्थ सेवा (PCS Main Exam) परीक्षा के लिए यूपीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एप्लीकेशन फार्म में डिटेल एडिट या सुधारने के लिए करेक्शन विंडो 7 जुलाई से 28 जुलाई, 2023 तक खुली रहेगी।

4 हजार से ज्यादा छात्रों ने पास की थी परीक्षा

ध्यान दें कि जिन उम्मीदवारों ने प्रीलिम्स एग्जाम पास किए हैं वे मेंस एग्जाम के लिए आवेदन करने के पात्र हैं। जानकारी दे दें कि कुल 4047 उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की है। परीक्षा के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवार नीचे दिए गए चरणों का पालन कर सकते हैं।

UPPSC PCS Main Exam 2023: ऐसे करें आवेदन

सबसे पहले यूपीपीएससी की आधिकारिक साइट uppsc.up.nic.in पर जाएं।

  • फिर होम पेज पर उपलब्ध यूपीपीएससी पीसीएस मुख्य परीक्षा 2023 लिंक पर क्लिक करें।
  • इसके बाद लॉगिन डिटेल डालें और सबमिट पर क्लिक करें।
  • इसके बाद एप्लीकेशन फार्म दिखने लगेगा।
  • फिर एप्लीकेशन फार्म भरें और जरूरी डाक्यूमेंट अपलोड करें।
  • फिर आवेदन शुल्क जमा करें और सबमिट पर क्लिक करें।
  • अब आपका आवेदन जमा हो गया है।
  • अंत में पेज डाउनलोड करें और आगे की आवश्यकता के लिए उसकी एक हार्ड कॉपी अपने पास रखें।

इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार यूपीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।

 

हाईकोर्ट ने डीएवी समेत 9 कालेजों की सम्बद्धता समाप्त करने के आदेश पर लगाई रोक

News web media Uttarakhand : नैनीताल हाई कोर्ट ने हेमवतीनंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय से डीएवी कॉलेज देहरादून सहित 9 अन्य कालेजों की सम्बद्धता समाप्त किए जाने को लेकर डीएवी कालेज मैनेजमेंट की याचिका पर सोमवार को सुनवाई की। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट की खण्डपीठ ने सम्बद्धता समाप्त करने के आदेश पर रोक लगाते हुए केंद्रीय विश्वविद्यालय से तीन सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। कोर्ट की खण्डपीठ ने केवल डीएवी कॉलेज की संबद्धता समाप्त करने के आदेश पर ही रोक लगाई है अन्य कॉलेजों पर नही। क्योंकि आज डीएवी कॉलेज के द्वारा ही याचिका दायर की गयी है। आपकों बता दे कि डीएवी कॉलेज प्रबंधन ने उच्च न्यायलय में याचिका दायर कर कहा है कि हेमवतीनन्दन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर की एक्जयुक्यूटिव बोर्ड ने डीएवी कॉलेज सहित 9 अन्य कालेजों की सम्बद्धता समाप्त कर दी।. जिसमे देहरादून के कई अन्य कालेज भी शामिल है। आदेश में यह भी कहा गया है कि कालेजो की संबद्धता समाप्त करते हुए उनको विश्वविद्यालय की बेबसाइट से नाम हटाने के आदेश भी दे दिए है। जिसकी वजह से हजारों बच्चों के भविष्य पर खतरा उतपन्न हो गया है। याचिका में यह भी कहा गया कि विश्वविद्यालय ने बिना किसी कालेज का पक्ष सुने न ही नियमावली का अवलोकन किए उनकी संबद्धता समाप्त कर दी, इसलिए इस आदेश पर रोक लगाई जाय।

कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) 2024 की परीक्षा 3 दिसंबर 2023 को होगी, आज 1 जुलाई से कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

Dehradun Milap : कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज की एग्जीक्यूटिव कमेटी एवं गवर्निंग बॉडी ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) 2024 के एग्जाम पैटर्न में बदलाव किया गया है। यह बदलाव क्लैट 2024 की परीक्षा से लागू हो जाएगा। इसकी जानकारी कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर दी गयी है। जो आज 1 जुलाई 2023 से कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन और आवेदन करने की अंतिम तिथि 3 नवंबर 2023 है। नया पैटर्न के मुताबिक इस वर्ष से प्रश्नों की संख्या कम कर दी गयी है। आपको बता दें कि नोटिफिकेशन में बताया गया है कि एग्जाम पैटर्न में बदलाव केवल अंडर ग्रेजुएट कोर्स के एग्जाम के लिए किया गया है, पोस्ट-ग्रेजुएशन एग्जाम में किसी भी प्रकार का कोई भी बदलाव नहीं किया गया है।

परीक्षा विशेषज्ञ और ला प्रेप दून के निदेशक एसएन उपाध्याय ने बताया कि क्लैट 2024 परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किया गया जो निम्न है

इस वर्ष से प्रश्नों की संख्या 120 रहेगी। पिछले वर्ष तक इस एग्जाम में 150 प्रश्न पूछे जाते थे। यानी की प्रश्नों की संख्या में कटौती की गयी है। प्रत्येक प्रश्न के लिए एक अंक प्रदान किया जायेगा लेकिन इस वर्ष से पेपर 150 अंको के बजाय 120 अंकों का होगा। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक की माइनस मार्किंग की जाएगी, प्रत्येक सही उत्तर के लिए 1 अंक प्रदान किया जाएगा। समय में किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की गयी है। उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए दो घंटे का समय प्रदान किया जाएगा।

एमबीबीएस नेशनल एग्जिट परीक्षा वर्ष में दो बार होगी

News web media Uttarakhand : देश में 2019 बैच के एमबीबीएस अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए नेशनल एग्जिट टेस्ट यानि NEXT अगले साल दो चरणों में होगा. पहले चरण का आयोजन अगले साल फरवरी में हो सकता है. इसके जरिये एमबीबीएस लास्ट ईयर के छात्रों को डिग्री मिलेगी और मेडिकल कॉलेजों में पीजी के पाठ्यक्रमों में दाखिले होंगे. परीक्षा का आयोजन एम्स दिल्ली की ओर से किया जाएगा. NEXT का पहला चरण पास करने बाद एक साल के लिए इंटर्नशिप करना होगा. इस परीक्षा के प्राप्तांकों के आधार पर ही मेडिकल पीजी में दाखिला मिलेगा. इंटर्नशिप के बाद भारत में प्रैक्टिस के लिए लाइसेंस हासिल करने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए NEXTका दूसरा चरण पास करना होगा. राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने इस साल से NEET की जगह नेक्स्ट के आयोजन की घोषणा की थी.

28 जुलाई को पहला मॉक टेस्ट
पहली बार आयोजित होने वाली इस परीक्षा से पहले आयोग देशभर में मॉक टेस्ट का भी आयोजन कर रहा है। पहले चरण में लिखित परीक्षा होगी और सात विषयों के पेपर होंगे। भारत में प्रैक्टिस करने के लिए यह परीक्षा पास करनी होगी। नेक्स्ट पहले चरण के बाद उन्हें एक साल इंटर्नशिप करना होगा, फिर नेक्स्ट दूसरे चरण को पास करना होगा। 28 जुलाई को इस परीक्षा से जुड़े मॉक टेस्ट का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए अंतिम वर्ष के छात्र 28 जून यानी बुधवार से ही पंजीकरण करा सकते हैं।

पीएम मोदी ने धान्यदान के रुप में उत्तराखंड के चावल,अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन को उपहार स्वरूप किये भेंट

News web media uttarakhand : आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और उनकी पत्नी जिल बाइडन से मुलाकात के दौरान कुछ उपहार भेंट स्वरूप दिए हैं, जिनमें ये ख़ास बॉक्स शामिल है, इस बॉक्स में दस दान राशि हैं- गौदान (गाय का दान), भूदान (भूमि का दान), तिलदान (तिल के बीज का दान),राजस्थान में हस्तनिर्मित, 24K शुद्ध और हॉलमार्क वाला सोने का सिक्का हिरण्यदान (सोने का दान), रौप्यदान (चांदी का दान), लवंदन (नमक का दान), बॉक्स में गणेश जी की मूर्ति है, एक दीया (तेल का दीपक), डिब्बे में पंजाब का घी है, झारखंड के टसर रेशम का कपड़ा, *उत्तराखंड से प्राप्त लंबे दाने वाला चावल और महाराष्ट्र का गुड़ साथ ही अमेरिका की फर्स्ट लेडी जिल बाइडन को पीएम मोदी ने उपहार के रूप में 7.5 कैरेट का ग्रीन डायमंड दिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन को धान्यदान के रूप में उत्तराखंड में उत्पन्न होने वाले लंबे चावल भेंट करने पर प्रधानमंत्री मोदी जी का धन्यवाद प्रकट किया और इसे अंतरराष्ट्रीय फलक पर उत्तराखंड और यहां की पहचान को स्थान देने के लिए प्रत्येक उत्तराखंड वासी की तरफ से गौरवपूर्ण पल की संज्ञा दी।

 

एनएलयू कंसोर्टियम ने क्लैट (यूजी) 2024 परीक्षा का नया पैटर्न जारी किया

New web media Uttarakhand : कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (“क्लैट”) को और अधिक छात्र-अनुकूल और सुलभ परीक्षा बनाने के अपने चल रहे प्रयासों के तहत, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों के संघ के शासी निकाय ने 20 मई, 2023 को आयोजित अपनी बैठक में निम्नलिखित का समाधान किया:

1. भाग लेने वाले राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक वर्ष 2024-2025 में शुरू होने वाले स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अंडरग्रेजुएट (“यूजी”) क्लैट 2024 में 150 (एक पचास) के बजाय 120 (एक सौ बीस) प्रश्न शामिल होंगे। पिछले वर्षों की तरह प्रश्न। उम्मीदवारों के पास पिछले वर्षों की तरह परीक्षा पूरी करने के लिए 2 (दो) घंटे का समय होगा।

2. 120 प्रश्नों को पांच खंडों में व्यवस्थित किया जाएगा, अर्थात, अंग्रेजी भाषा, करंट अफेयर्स सहित सामान्य ज्ञान, कानूनी तर्क, तार्किक तर्क और मात्रात्मक तकनीक।

3.  स्नातकोत्तर क्लैट 2024 के पाठ्यक्रम और प्रश्नों की संख्या में कोई बदलाव नहीं होगा।

4. एनएलयू का कंसोर्टियम क्लैट 2024 की तैयारी में उम्मीदवारों की सहायता करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा, और क्लैट 2024 को छात्रों के अनुकूल और सुलभ परीक्षा बनाने के लिए हर संभव सहायता करेगा।

लॉ प्रेप दून के निर्देशक एवं विधि विशेषज्ञ एस.एन उपाध्याय ने बताया कि नया पैटर्न में 120 प्रश्न होंगे तथा प्रश्न के 5 सेक्शन में अंग्रेजी के 25 प्रश्न, सामान्य ज्ञान के 30 प्रश्न, कानूनी तर्क के 30 प्रश्न, तार्किक तर्क के 25 प्रश्न और मात्रात्मक तकनीक के लगभग 10 प्रश्न होंगे

IMA पासिंग आउट परेड में ब्रिटिश परंपरा पर लगी रोक

News web media uttarakhand  :  देहरादून IMA में 10 जून को होने वाली पासिंग आउट परेड के लिए अब मुख्य अतिथि को घोड़े बग्गी से नहीं लाया जाएगा अब बग्गियों की जगह सरकारी गाड़ी में सवार होकर परेड में अतिथि पहुंचेंगे। ब्रिटिश काल से चली आ रही इस परंपरा पर रक्षा मंत्रालय ने रोक लगा दी है। जानकारी के अनुसार, आधिकारिक तौर पर अब नई व्यवस्था को अपनाया जाएगा। दरअसल पटियाला कोर्ट के समय से अलग-अलग बग्गी से मेहमानों की अगवानी होती आई है, लेकिन 10 जून से इसमें बदलाव होगा।

बता दें कि ब्रिटिश काल की विरासत को छोड़ने के फैसले के साथ ही उस समय से चली आ रही सेना की यूनिफार्म, साज-ओ-सामान, नियम-कानून, अधिनियम और नीतियों में भी परिवर्तन होगा। सैन्य संस्थानों में धीरे-धीरे इसकी शुरुआत भी हो गयी है। आईएमए देहरादून की पीआरओ लेफ्टिनेंट कर्नल ईशानी मैत्रा ने बताया कि IMA के पास निर्देश आ चुके है कि घोड़े बग्गी से मुख्य अतिथि को न लाया जाए, जिसको इस बार से अमल करेंगे। बता दें कि इस साल 374 जांबाज अफसर भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से पास आउट होकर सेना में शामिल होंगे। जिसमें मित्र देशों के 42 कैडेट पास आउट होंगे।

बर्फबारी के चलते रोकी गई हेमकुंड साहिब यात्रा, आज से शुरू

News web media uttarakhand : उत्तराखंड में लगातार बारिश के चलते जीवन अस्त व्यस्त हो गया, वहीं दो दिनों से बर्फबारी के चलते हेमकुंड साहिब यात्रा रोकी गई थी जिसके चलते  शनिवार को शुरू हो गई है। 1500 यात्रियों को घांघरिया से हेमकुंड साहिब भेजा गया है। गौरतलब है कि बर्फबारी से हेमकुंड साहिब का रास्ता अटलाकोटी से आगे तीन किमी क्षेत्र में अवरूद्ध हो गया था। यहां पर बीते दिन ही बर्फ हटाकर रास्ता सुचारू कर दिया गया था।

तड़के प्रशासन ने हेमकुंड यात्रा पर घांघरिया में दो दिनों से यात्रा खुलने का इंतजार कर रहे यात्रियों को रवाना किया गया। 1500 यात्रियों का जत्था एसडीआरएफ की देखरेख में हेमकुंड पहुंच चुका है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मुख्य प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि यात्रा रूट पर कोई दिक्कत नहीं है।

हेमकुंड यात्रा पैदल मार्ग पर अटलाकोटी से हेमकुंड के बीच रास्ते में जमी बर्फ को गुरूद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मेनेजमेंट ट्रस्ट के सेवादारों व मजदूरों ने हटा दिया है। हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग को सुचारू किए जाने के बाद रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी गई है। एसडीआरएफ की टीम भी हेमकुंड तक का दौरा कर वापस लौटी है।अगर मौसम साफ रहा तो प्रशासन तड़के सीमित संख्या में यात्रियों को घांघरिया से हेमकुंड भेज सकता है।

हेमकुंड साहिब यात्रा पर 27 मई तक ऑफलाइन और ऑनलाइन पंजीकरण पर रोक..

News web media Uttarakhand :  हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन 27 मई तक प्रतिबंधित है। खराब मौसम के चलते प्रशासन ने यह फैसला किया है। बता दे कि हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए अब तक 62 हजार से अधिक यात्रियों ने पंजीकरण कराया है। इस बार चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा शुरू होने के बाद से मौसम लगातार खराब बना हुआ है। मौसम विभाग के आगामी दो से तीन दिनों के पूर्वानुमान के कारण सरकार ने हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए पंजीकरण रोक दिया है। हेमकुंड साहिब तीर्थ यात्रा 20 मई से शुरू हुई थी। यात्रा से ठीक पहले हेमकुंड साहिब पैदल मार्ग से बर्फ हटाई गई थी।

पांच दिन में 5,600 से ज्यादा यात्रियों ने किए दर्शन

हेमकुंड साहिब यात्रा 20 मई को धाम के कपाट खुलने के साथ ही शुरू हुई थी। तब से अब तक मात्र पांच दिनों में हेमकुंड साहिब में 5600 से ज्यादा यात्रियों ने दर्शन किए।

इस से पहले कल खराब मौसम के कारण ही यात्रा को रोक दिया गया था। यात्रियों को घांघरियां में ही रोक लिया गया था। हेमकुंड साहिब धाम में अब तक दर्शनों के लिए 62859 लोंगो ने पंजीकरण कराया है।

केदारनाथ के लिए प्रतिदिन 20 हजार से अधिक पंजीकरण..

आपको बता दे कि केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए पंजीकरण का आंकड़ा प्रतिदिन 20 हजार से अधिक है। 26 से 30 मई तक केदारनाथ की यात्रा के लिए 1.17 लाख तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया है। अब तक केदारनाथ में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पांच लाख पार हो चुकी है।

अब तक कुल पंजीकरण की संख्या..

धाम                कुल पंजीकरण की संख्या
केदारनाथ              1224221
बद्रीनाथ                 1050621
गंगोत्री                    640240
यमुनोत्री                 586659
हेमकुंड साहिब        62859