यूपी के प्रतापगढ़ जंक्शन समेत 3 रेलवे स्टेशन के बदले नाम,

News web media Uttarakhand :  उत्तर प्रदेश के तीन स्टेशनों के नाम बदल दिए गए हैं। रेलवे ने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में तीन स्टेशनों का नाम बदलने की घोषणा की है। गृह मंत्रालय ने जुलाई में इन स्टेशनों के नाम बदलने को मंजूरी दी थी। इन स्टेशनों में प्रतापगढ़ जंक्शन, अंतू स्टेशन और बिशनाथगंज स्टेशन शामिल हैं।

रेलवे की ओर से प्रेस रिलीज कर बताया कि प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ जंक्शन कर दिया गया। अंतू रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर मां चंद्रिका देवी धाम अंतू और बिशनाथगंज का नाम बदलकर शनिदेव धाम बिशनाथगंज कर दिया गया है। प्रतापगढ़ के सांसद संगम लाल गुप्ता ने केंद्र से तीन स्टेशनों का नाम बदलने का आग्रह किया था।

इन तीन स्टेशनों के नाम बदले
प्रतापगढ़
अंतू
बिशनाथगंज

अब इन नामों से होगी पहचान
प्रतापगढ़ – मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ जंक्शन
अंतू – मां चंद्रिका देवी धाम अंतू
बिशनाथगंज – शनिदेव धाम बिशनाथगंज

दो दिन में किए 9000 करोड़ के निवेश पर एमओयू,

News web media Uttarakhand :  दिसंबर में प्रस्तावित वैश्विक निवेशक सम्मेलन के लिए अंतरराष्ट्रीय रोड शो से उत्तराखंड में निवेश की बारिश शुरू हो गई है। लंदन और बर्मिंघम में दो दिन के रोड शो में सरकार ने निवेशकों के साथ 9000 करोड़ के निवेश पर एमओयू किया है। बुधवार को दूसरे दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 7000 करोड़ के निवेश पर एमओयू किया गया। जबकि पहले दिन 2000 करोड़ का एमओयू हुआ था।

औद्योगिक समूह कयान जेट के साथ दो अलग-अलग एमओयू में 4500 करोड़ और उषा ब्रेको के साथ 1000 करोड़, बर्मिंघम में अलग-अलग कंपनियों के साथ 1500 करोड़ के एमओयू शामिल हैं। कयान जेट केबल कार प्रोजेक्ट में निवेश करेगा, साथ ही औली, दयारा बुग्याल और मुनस्यारी में स्की रिसॉर्ट विकसित करने पर भी सहमति बनी है। उषा ब्रेको लिमिटेड हरिद्वार और अन्य जनपदों में रोपवे में निवेश करेगी।

मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में निवेशकों के साथ हुई बैठक में शिक्षा, पर्यटन, आईटी और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विभिन्न 80 उद्योग घरानों ने भाग लिया। इसके बाद सीएम और प्रतिनिधियों ने इंडिया हाउस और पार्लियामेंट हाउस का दौरा भी किया। राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने टूर एंड ट्रेवलिंग क्षेत्र से जुड़े प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों के राज्य में बेहतर परिवहन तकनीक पर विचार साझा किए। इस मौके सचिव मुख्यमंत्री डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा, स्थानीय आयुक्त अजय मिश्रा मौजूद थे।

निवेशकों को दिया सम्मेलन में आने का निमंत्रण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को लंदन में हुई बैठक में प्रदेश में दिसंबर में प्रस्तावित वैश्विक निवेशक सम्मेलन के लिए निवेशकों को निमंत्रण दिया। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड को वैश्विक पर्यटन डेस्टीनेशन बनाने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है। राज्य में वेलनेस और ग्रामीण पर्यटन में कई संभावनाएं हैं। ऋषिकेश योग और आध्यात्म की वैश्विक राजधानी के रूप में जाना जाता है। यूरोप से लेकर अन्य देशों के पर्यटक हर साल बड़ी तादात में योग आध्यात्म के लिए राज्य में आते हैं। सरकार विश्वस्तरीय कन्वेशनर सेंटर की स्थापना के लिए निवेशकों से बात कर रही है।

वहीं, सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित जी-20 समिट के सफल आयोजन से ब्रिटेन और भारत के रिश्तों को और अधिक मजबूती मिली है। सरकार ने निवेशक सम्मेलन में 2.5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा है, जो प्रदेश की आर्थिकी को नई गति में सहायक साबित होगा। वहीं, भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी ने प्रदेश सरकार की विभिन्न नीतियों और सकारात्मक विजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश की राष्ट्रीय राजधानी से कुछ दूरी पर होने के कारण दिल्ली एनसीआर में रहने वाले लोगों के लिए वीकेंड डेस्टिनेशन के रूप में विकसित हो गया है। उच्चायुक्त ने अपने पुराने अनुभवों को याद कर लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी से जुड़े स्मरण साझा किए।

 

लंदन में सीएम धामी ने किया 2 हजार करोड़ रुपए का एमओयू साइन

NEWS WEB MEDIA UTTARAKHAND : प्रदेश में विकास के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी लगातार जुटे हुए हैं। इसी क्रम में प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए ग्लोबल इंवेस्टर समिट का आयोजन किया जा रहा है। सीएम धामी रोड शो के लिए लंदन गए हुए हैं। जहां एक उन्होंने बड़ी कंपनी के साथ MOU साइन किया। आपको बता दे कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को लेकर लंदन से बड़ी खबर सामने आई है। रोपवे निर्माण में दुनिया की अग्रणी फ्रांसीसी कंपनी पोमा के साथ उत्तराखंड में रोप वे- केबल कार, निर्माण के लिए 2000 करोड़ का एमओयू साइन किया। सीएम धामी की उपस्थिति में एमओयू साइन किया गया।

इसके साथ ही ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए लंदन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहला रोड शो मंगलवार को किया गया हैं। रोड के जरिए प्रदेश सरकार उत्तराखंड में पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण और शिक्षा क्षेत्र में निवेश करने के लिए निवेशकों को प्रोत्साहित करेगी। इसके साथ ही सीएम धामी ने लंदन में निवेशकों के साथ संवाद भी किया।

सीएम धामी का फोकस पर्यटन के साथ-साथ इकोलॉजी और इकॉनमी पर भी है। उनका कहना हैं कि प्रदेश सरकार निवेश के लिए ऐसे रास्तों की तलाश कर रही है जिसमें विकास और पर्यावरण का संतुलन बना रहे। ऐसे में रोपवे जैसे विकल्प उत्तराखण्ड में जहां एक ओर पर्यटकों को सुगमता प्रदान करेंगे वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों की आजीविका के अवसर बढ़ने के साथ ही पर्यावरणीय दृष्टिकोंण से भी ये बेहतर सिद्ध होगा।

 

निवेश के लिए सीएम धामी जाएंगे विदेश, आज से चार दिन का दौरा

News web media uttarakhand : पहले दुनिया की दिग्गज कंपनियों को राज्य में निवेश के लिए तैयार करने के लिए प्रदेश सरकार का प्रतिनिधिमंडल सीएम की अगुवाई में 25 सितंबर को लंदन के लिए रवाना होगा। वहां 26, 27 व 28 सितंबर तक रोड शो और बैठकें होंगी और निवेशक सम्मेलन का निमंत्रण दिया जाएगा। लंदन दौरे से पहले सीएम की फ्रांस और स्पेन की दो नामी कंपनियों से पर्यटन सेक्टर में निवेश के लिए मुलाकात होगी। उनके रिस्पांस से राज्य सरकार उत्साहित है। मुख्यमंत्री के सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम के मुताबिक, फ्रांसीसी पोमा ग्रुप रोपवे के क्षेत्र में एक बड़ा नाम है। कंपनी के साथ 26 सितंबर को लंदन में बैठक होगी, जिसमें प्रदेश में इको फ्रेंडली मोबिलिटी पर चर्चा होगी।

इस संबंध में मुख्यमंत्री के सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम के अनुसार फ्रांसीसी पोमा ग्रुप रोपवे के क्षेत्र में एक बड़ा नाम है। इस कंपनी के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आगामी 26 सितंबर को लंदन में बैठक करेंगे , जिसमें प्रदेश में इको फ्रेंडली मोबिलिटी पर चर्चा होगी। इसके अतिरिक्त इसी दिन अन्य उधोगपतियों से बैठक करने के उपरांत वह आगामी 27 सितंबर को बर्मिंघम में डब्ल्यूएमजी वार्बिक मैन्यूफैक्चरिंग ग्रुप एवं टीवीएस नॉर्टन ग्रुप के साथ भी वार्ता करेंगे। इतना ही नहीं उनकी कन्वेंशन सेंटर संचालित करने वाली कंपनी फिरा बार्सिलोना (स्पेन) ग्रुप से भी मीटिंग फिक्स हुई है। वह बर्मिंघम यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के साथ बैठक कर उत्तराखण्ड में भी तेलंगाना की तरह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोलने का अनुरोध करेंगे।

जेईई मेन जनवरी में, नीट का आयोजन मई में

News web media uttarakhand :  राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को अगले शैक्षणिक सत्र में होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर जारी कर दिया है। जेईई मेन 2024 दो सत्रों में आयोजित की जाएगी। जेईई मेन 2024 पहले सत्र की परीक्षा जनवरी-फरवरी में और दूसरे सत्र की परीक्षा अप्रैल 2024 में आयोजित की जाएगी। वहीं मेडिकल कॉलेजों में स्नातक कोर्सों में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET 2024) 5 मई 2024 को होगी। जेईई मेन पहले सत्र की परीक्षा 24 जनवरी से 1 फरवरी 2024 तक और दूसरे सत्र की जेईई मेन की परीक्षा 1 अप्रैल 2024 से 15 अप्रैल 2024 तक आयोजित होगी।

कोर्सेस के लिए होती है परीक्षा

जेईई मेन के जरिए अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी कोर्सों में आईआईआईटी, एनआईटी और इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला मिलता है। एनटीए परीक्षा कैलेंडर 2024 के अनुसार, संयुक्त विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (CUET) 15 से 31 मई 2024 तक आयोजित की जाएगी। सीयूईटी पीजी 11 से 28 मार्च 2024 तक आयोजित की जाएगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की रार्ष्टीय पात्रता परीक्षा (UGC NET) का आयोजन भी अगले साल 2024 में 10 जून से 21 जून तक किया जाएगा।

लाखों परीक्षार्थी लेते हैं हिस्सा

उल्लेखनीय है कि जेईई मेन में करीब 12 लाख , नीट यूजी में करीब 20 लाख, यूजीसी नेट में करीब 9 लाख, सीयूईटी में करीब 19 लाख छात्र भाग लेते हैं। एनटीए का परीक्षा कैलेंडर ऑफिशियल वेबसाइट https://www.nta.ac.in/  पर या यहां दिए जा रहे डायरेक्ट लिंक पर देखा जा सकता है।

क्षेत्रीय भाषाओं में CLAT परीक्षा आयोजित करने के लिए हाई कोर्ट में दायर याचिका का BCI ने समर्थन किया

News web media Uttarakhand: बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने क्षेत्रीय भाषाओं में CLAT आयोजित करने की मांग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका का समर्थन किया है. क्योंकि इससे देश के अधिक नागरिकों को परीक्षा में शामिल होने और कानून को करियर के रूप में अपनाने का अवसर मिलेगा।

कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT), जो कि कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज द्वारा अंग्रेजी भाषा में आयोजित किया जाता है, इस बार CLAT परीक्षा-दिसंबर 2024 और 2023 में आयोजित होने वाली है। याचिकाकर्ता ने अपनी जनहित याचिका में कहा है कि CLAT (UG) परीक्षा भेदभाव करती है. उन सभी छात्रों को समान अवसर प्रदान करने में विफल रहता है जिनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि क्षेत्रीय भाषाओं में निहित है।

बीसीआई ने अपने जवाब में कहा कि कानूनी शिक्षा नियमों के अनुसार, एकीकृत पांच-वर्षीय और तीन-वर्षीय कानून पाठ्यक्रमों में शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी होना चाहिए, लेकिन संस्थान अंग्रेजी भाषा के अलावा किसी भी भाषा में शिक्षा की अनुमति देने के लिए खुला है। . इसमें कहा गया है कि यदि कानूनी शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी के अलावा अन्य है, तो छात्रों को अंग्रेजी को अनिवार्य पेपर के रूप में लेना होगा।

आपको बता दें, बीसीआई की ओर से हलफनामे में यह भी कहा गया है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया याचिकाकर्ता द्वारा अंग्रेजी के अलावा अन्य भाषाओं में CLAT परीक्षा आयोजित करने के उठाए गए मुद्दे का समर्थन करता है। बीसीआई ने आगे कहा है कि 05 फरवरी को आयोजित ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) को 23 भाषाओं अंग्रेजी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है.

लॉ प्रेप दून के निर्देश एस.एन उपाध्याय ने बताया कि बार काउंसलिंग ऑफ इंडिया का कदम स्वागत योग्य है और छात्रों को हिंदी में परीक्षा देने का अधिकार मिलना चाहिए। जिससे की कानून के क्षेत्र में हिंदी भाषा को बढ़ावा मिलेगा।

 

नीट पीजी 2023 कट-ऑफ 30 प्रतिशत तक रखने की मांग

News web media Uttarakhand :  इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने नीट पीजी 2023 के लिए कट-ऑफ मानदंडों में संशोधन के संबंध में बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया को एक पत्र लिखा है। आईएमए ने नीट पीजी 2023 कट-ऑफ को 30 प्रतिशत तक कम करने की मांग की है ताकि अधिकांश सीटें क्लिनिकल (नैदानिक) और नॉन क्लिनिकल (गैर-नैदानिक) दोनों शाखाओं में भरी जा सकें।

आईएमए ने अपने पत्र में कहा है कि जब देश में कोरोना से लोगों की मौत हो रही थी, तब डॉक्टरों ने अपना घर छोड़ दिया और देश की जमकर सेवा की। अब समय आ गया है कि सरकार नीट-पीजी 2023 के लिए कटऑफ अंक कम करके उनकी निःस्वार्थ सेवा के लिए उन्हें मान्यता दे। आईएमए ने एक पत्र में लिखा है, अगर सरकार कट ऑफ को कम करती है तो बड़ी संख्या में इच्छुक डॉक्टर देश भर के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के लिए दाखिला ले सकेंगे और एक भी स्नातकोत्तर सीट खाली न रहे।

मौजूदा समय में नीट पीजी 2023 के लिए सामान्य वर्ग के लिए 50 प्रतिशत, एससी, एसटी, ओबीसी के लिए 40 प्रतिशत, और दिव्यांग के लिए 40 प्रतिशत कटऑफ निर्धारित है।

सीयूईटी 12वीं के अंकों की मेरिट से दाखिले की केवल इस साल छूट मिल सकती है

NEWS WEB MEDIA UTTARAKHAND: उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के कॉलेजों में इस साल सीयूईटी से दा​खिलों में छूट मिल सकती है। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। इस साल सेंट्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) की वजह से गढ़वाल केंद्रीय विवि के तीनों परिसरों के साथ ही संबद्ध 102 कॉलेजों में भी सीटें खाली रह गईं। 20 हजार से ज्यादा सीटों को भरने के लिए छात्र संगठन लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इस समस्या के समाधान को यूजीसी ने बैठक कर गढ़वाल विवि कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल की अध्यक्षता में समिति का गठन किया था।

समिति ने तय किया था कि विवि के स्तर से इस पर निर्णय लेने के बाद यूजीसी को इसका प्रस्ताव दोबारा भेजा जाएगा। पांच सितंबर को विवि की कार्यकारी परिषद की 24वीं बैठक हुई, जिसके मिनट्स अब विवि ने जारी कर दिए हैं। इस बैठक में अकादमिक परिषद के बिना सीयूईटी दाखिलों के निर्णय पर मुहर लगाई गई। तय किया गया कि इसका प्रस्ताव यूजीसी को भेजा जाएगा।

छूट केवल इस सत्र के लिए ही लागू
यह भी तय किया गया कि यूजीसी से एसओपी (मानक प्रचालन प्रक्रिया) जारी होने के बाद विवि की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर खाली सीटें 12वीं के अंकों के आधार पर भरने के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। बैठक में ये भी तय हुआ कि यह छूट केवल इस सत्र के लिए ही लागू होगी। भविष्य में इसे नजीर नहीं माना जाएगा।

यानी ये स्पष्ट निर्णय लिया गया कि भविष्य में केवल सीयूईटी देने वाले छात्रों को ही विवि व इसके संबद्ध कॉलेजों में दाखिला मिल पाएगा। विवि प्रशासन ने परिषद के निर्णय के तहत प्रस्ताव यूजीसी को भेज दिया था, लेकिन दिल्ली में जी-20 समिट के चलते तीन दिन तक सभी दफ्तर बंद थे। माना जा रहा कि इस सप्ताह यूजीसी से निर्देश मिलेंगे और बिना सीयूईटी दाखिलों की राह खुल सकती है।

क्या 8 से 10 सितंबर तक पूरी तरह बंद है दिल्ली? अहम सवालों से जुड़े जवाब यहां जानें

News web media Uttarakhand : भारत में G20 बैठक के मद्देनजर तैयारियों जोरों से हो रही है। दिल्ली में 9-10 सितंबर तक जी20 के मद्देनजर भव्य आयोजन किया जाएगा। इस बैठक में G20 समूह के राष्ट्राध्यक्ष भाग लेने के लिए दिल्ली आएंगे। ऐसे में लोगों के मन में एक सवाल यह आ रहा है कि क्या 8-10 सितंबर के बीच राजधानी दिल्ली बंद रहेगी। अगर ऐसा नहीं है तो फिर क्या खुला रहेगा और क्या नियम रहेंगे। इस बाबत दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों के लिए एक विस्तृत एडवाइजारी जारी की है।

दिल्ली में क्या खुलेगा और क्या रहेगा बंद?

शिखर सम्मेलन के लिए नवनिर्मित भारत मंडपम सम्मेलन केंद्र को पूरी तरह तैयार कर दिया गया है। ऐसे में राजधानी दिल्ली में प्रवेश और निकास को सीमित किया जाएगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक 8 सितंबर से नई दिल्ली में सभी प्रतिष्ठान, जैसे रेस्तरां, मॉल, कार्यालय, बाजार इत्यादि बंद रहेंगे। अधिकारियों के मुताबिक इस क्षेत्र में रहने वालों को ही केवल प्रवेश और निकास की अनुमति होगी। लेकिन बाहर से आने वाले लोगों के लिए दिल्ली में विशेष पास की आवश्यकता होगी। साथ ही सारे गैर-गंतव्य वाहनों को पूर्वी और पश्चिम पेरिफेरल एक्सप्रेसवे व अन्य वैकल्पिक मार्गों पर मोड दिया जाएगा। सीधा बताएं तो दिल्ली में प्रत्याक्ष तौर पर वाहनों को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

दिल्ली पुलिस ट्रैफिक एडवाइजरी के मुताबिक भारी और हल्के मालवाहक वाहनों को भी दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। हालांकि आवश्यक वस्तुएं जैसे फल, दूध, सब्जी, चिकित्सा आपूर्ति से संबंधित वस्तुओं को ले जाने वाली वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति रहेगी। आपातकालीन सेवाओं के लिए भी किसी तरह की मनाही नहीं है। इस दौरान मेट्रो और दिल्ली बस सेवाएं चालू तो रहेंगी, लेकिन कुछ प्रतिबंध इनपर पर लागू रहेंगे। 7 सितंबर की आधीर रात से 11 सितंबर की रात 11.59 बजे तक एक समर्पित एंबुलेंस सहायता नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा।

क्या दिल्ली में मिलेगी ऑटो, बस और टैक्सी?

बता दें कि राजधानी दिल्ली में बताई गई समय सीमा के अंदर पर्यटकों को ले जाने वाली टैक्सियों को नई दिल्ली में एंट्री मिलेगी, लेकिन इसके लिए उनके पास वैध होटल की बुकिंग होना अनिवार्य है। हालांकि नई दिल्ली जिले के बाहर सड़क नेटवर्क पर ऑटो रिक्शा और टैक्सियों को अनुमति दी जाएगी। दिल्ली में रह रहे निवासियों, अधितकृत वाहनों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को अपनी पहचान साबित करने के लिए आवश्यकत दस्तावेज लेकर जाना होगा। साथ ही बसों को दिल्ली की सीमाओं की ओर सड़क नेटवर्क पर संचालन की अनुमति नहीं है। उन्हें रिंग रोड और रिंग रोड से आगे दिल्ली से दूर रखा जाएगा। हालांकि सामान्य यातायात के तहत वाणिज्यक बसों और दिल्ली में जो वाहन पहले से ही मौजूद रहेंगे, उन्हें रिंग रोड और दिल्ली की सीमाओं की ओर जाने की अनुमति रहेगी।

क्या दिल्ली मेट्रो चलेगी?

ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी के मुताबिक दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशनों पर यात्री मेट्रो सेवा का लाभ उठा सकते हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों को 9 सितंबर की सुबह 5 बजे 10 सितंबर की रात 11 बजे तक अनुमति नहीं दी जाएगी। हवाई अड्डे से आने वाले यात्री या फिर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों की यात्रा को आसान बनाने के लिए मेट्रो के इस्तेमाल की सलाह दी गई। ट्रैफिक पुलिस ने कहा है कि 8-10 सितंबर सभी लोग मेट्रो से यात्रा करें।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उतरने वालों के लिए सलाह

अगर आप 10 सितंबर की सुबह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उतरते हैं तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस दिन सुबह 1 बजे से दोपहर के 1 बजे तक अजमेरी गेट की ओर यात्रा प्रभावित रहेगी। पुरानी दिल्ली जाने वाले ध्यान दें कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी रोड की ओर से यात्रा प्रभावित रहेगी। इस दौरान हजरत निजामुद्दीन रेललवे स्टेशन की तरफ यात्रा करने वालों को मेट्रो सेवा का इस्तेमाल करने को कहा गया है। हालांकि अगर वे सड़क मार्ग पर आने की अनिवार्यता है तो इसके लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा गलियारे तैयार किए गए हैं।

नई दिल्ली में इन इन रास्तों का करें चयन

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा वैसे तो यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे नियंत्रित और विनियमित क्षेत्रों में यात्रा करने से बचें। लेकिन यदि यह अनिवार्य है तो नीचे दिए गए मार्गों के जरिए ही यात्रा करें, ताकि उन्हें किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े और वे फंसे नहीं।

पूर्व-पश्चिम कोरिडोर: सन डायल/डीएनडी फ्लाईओवर-रिंग रोड-आश्रम चौक-मूलचंद अंडरपास-एम्स चौक-रिंग रोड-धौला कुआं-रिंग रोड-बरार स्क्वायर-नारायणा फ्लाईओवर से।

युधिष्ठिर सेतु-रिंग रोड-चंदगी राम अखाड़ा-मॉल रोड-आजादपुर चौक-रिंग रोड-लाला जगत नारायण मार्ग

उत्तर-दक्षिण गलियारा: रिंग रोड-आश्रम चौक-सराय काले खां-दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे-नोएडा लिंक रोड-पुस्ता रोड-युधिष्ठिर सेतु-आईएसबीटी कश्मीरी गेट-रिंग रोड-मजनू का टीला

इसके अलावा, एम्स चौक-रिंग रोड-धौला कुआं-रिंग रोड-बरार स्क्वायर-नारायणा फ्लाईओवर-राजौरी गार्डन जंक्शन-रिंग रोड-पंजाबी बाग जंक्शन-रिंग रोड-आजाद पुर चौक

एयरपोर्ट को लेकर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की सलाह

7 सितंबर की मध्यरात्रि से 10 सितंबर की रात 11.59 बजे तक हवाई अड्डे की तरफ जाने वाले लोगो को मेट्रो सेवा इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। लोगों को एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन (ऑरेंज) का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

 

इलाहाबाद विश्वविद्यालय की छात्रा जय वर्मा सिन्हा रेलवे बोर्ड की पहली महिला मुख्य कार्यकारी अधिकारी और अध्यक्ष नियुक्त की गई

News web media uttarakhand : भारतीय रेलवे बोर्ड के इतिहास में ऐसा पहली बार है, जब किसी महिला के हाथों में रेलवे बोर्ड की कमान आई है. रेलवे बोर्ड की चेयरमैन के तौर पर गुरुवार को जया वर्मा सिन्हा के नाम की घोषणा की गई थी और आज यानी 1 सितंबर 2023 को उन्‍होंने अपना पदभार ग्रहण कर लिया है. उन्‍होंने अनिल कुमार लाहोटी की जगह ली है. जया अब तक रेलवे बोर्ड में सदस्य (संचालन और व्यवसाय विकास) के तौर पर सेवाएं दे रही थीं. चेयरमैन के रूप में जया का कार्यकाल पूरे 1 साल का होगा. जया से पहले विजयलक्ष्मी विश्वनाथन रेलवे बोर्ड की पहली महिला सदस्य के रूप में ख्‍याति प्राप्‍त कर चुकी हैं. लेकिन जया बोर्ड की पहली महिला अध्‍यक्ष और सीईओ के तौर पर जानी जाएंगीं

रेलवे बोर्ड की पहली महिला चेयरमैन जया वर्मा सिन्‍हा ने इलाहाबाद विश्‍वविद्यालय से शिक्षा प्राप्‍त की है. वे 1988 बैच की अधिकारी हैं. पिछले 35 साल से वो रेलवे में कार्यरत हैं और दक्षिण पूर्व रेलवे, उत्तर रेलवे और पूर्व रेलवे में कई महत्वपूर्ण पदों को संभाल चुकी हैं. कोलकाता से ढाका के बीच चलने वाली मैत्री एक्सप्रेस का उद्घाटन उन्हीं के कार्यकाल का माना जाता है. उस वक्त वे ढाका में स्थित भारतीय दूतावास में रेलवे सलाहकार पद पर थीं.

हाल ही में बालासोर में हुए कोरमंडल एक्सप्रेस हादसे के समय में जया वर्मा सिन्‍हा ने काफी महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उस समय वो काफी एक्टिव रही थीं और पूरे घटनाक्रम पर उन्‍होंने खास नजर बनाकर रखी थी. उस समय उनकी काफी तारीफ हुई थी. जया ने ही पीएमओ में भी घटना का प्रजेंटेशन दिया था. रेलवे बोर्ड की चेयरमैन के तौर पर जया का कार्यकाल 31 अगस्त 2024 तक रहेगा.

अनिल कुमार लाहोटी ने इसी साल ग्रहण किया था पद

जया वर्मा सिन्‍हा से पहले रेलवे बोर्ड के चेयरमैन के तौर पर अनिल कुमार लाहोटी पद संभाल रहे थे. उन्‍होंने इसी साल 1 जनवरी को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ का कार्यभाल संभाला था. 1984 बैच के रेलवे अधिकारी अनिल कुमार लाहोटी का कार्यकाल 31 अगस्‍त 2023 को समाप्‍त हुआ है. रेलवे बोर्ड में उनकी एंट्री 17 दिसंबर 2022 को सदस्य इंफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर हुई थी.