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15 सितंबर से शुरू नहीं हो सकेगी राफ्टिंग, बढ़ रहा गंगा का जलस्तर

News web media Uttarakhand : 15 सितंबर से राफ्टिंग का इंतजार कर रहे शौकीनों को अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा। गंगा का पानी मटमैला और जलस्तर अधिक होने के कारण राफ्टिंग का संचालन संभव नहीं हो पा रहा है। 15 सितंबर को पर्यटन विभाग की टीम गंगा नदी का निरीक्षण करेगी। उसके बाद ही राफ्टिंग के संचालन को हरी झंडी मिलेगी। हर साल एक सितंबर से राफ्टिंग शुरू होती है, लेकिन इस साल गंगा का जलस्तर अधिक होने से अभी तक यह शुरू नहीं हो सकी है। जो सुरक्षात्मक दृष्टि से उचित नहीं है। मौसम विभाग की ओर से 16 सितंबर को येलो अलर्ट जारी किया है। जिसके चलते 15 सितंबर से गंगा में राफ्टिंग संचालित होना संभव नहीं है। 15 सितंबर को टीम एक बार फिर गंगा का निरीक्षण करेगी। उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

चार लाख 31 हजार 870 पर्यटकों ने की राफ्टिंग 2022-2023

एक सितंबर से 31 जून तक गंगा में रीवर राफ्टिंग का संचालन होता है। जुलाई और अगस्त में बरसात को मौसम होने के कारण राफ्टिंग का संचालन बंद रहता है। वर्ष 2022-2023 में चार लाख 31 हजार 870 पर्यटकों ने राफ्टिंग का लुत्फ उठाया है।

 

सीयूईटी 12वीं के अंकों की मेरिट से दाखिले की केवल इस साल छूट मिल सकती है

NEWS WEB MEDIA UTTARAKHAND: उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के कॉलेजों में इस साल सीयूईटी से दा​खिलों में छूट मिल सकती है। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। इस साल सेंट्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) की वजह से गढ़वाल केंद्रीय विवि के तीनों परिसरों के साथ ही संबद्ध 102 कॉलेजों में भी सीटें खाली रह गईं। 20 हजार से ज्यादा सीटों को भरने के लिए छात्र संगठन लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इस समस्या के समाधान को यूजीसी ने बैठक कर गढ़वाल विवि कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल की अध्यक्षता में समिति का गठन किया था।

समिति ने तय किया था कि विवि के स्तर से इस पर निर्णय लेने के बाद यूजीसी को इसका प्रस्ताव दोबारा भेजा जाएगा। पांच सितंबर को विवि की कार्यकारी परिषद की 24वीं बैठक हुई, जिसके मिनट्स अब विवि ने जारी कर दिए हैं। इस बैठक में अकादमिक परिषद के बिना सीयूईटी दाखिलों के निर्णय पर मुहर लगाई गई। तय किया गया कि इसका प्रस्ताव यूजीसी को भेजा जाएगा।

छूट केवल इस सत्र के लिए ही लागू
यह भी तय किया गया कि यूजीसी से एसओपी (मानक प्रचालन प्रक्रिया) जारी होने के बाद विवि की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर खाली सीटें 12वीं के अंकों के आधार पर भरने के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। बैठक में ये भी तय हुआ कि यह छूट केवल इस सत्र के लिए ही लागू होगी। भविष्य में इसे नजीर नहीं माना जाएगा।

यानी ये स्पष्ट निर्णय लिया गया कि भविष्य में केवल सीयूईटी देने वाले छात्रों को ही विवि व इसके संबद्ध कॉलेजों में दाखिला मिल पाएगा। विवि प्रशासन ने परिषद के निर्णय के तहत प्रस्ताव यूजीसी को भेज दिया था, लेकिन दिल्ली में जी-20 समिट के चलते तीन दिन तक सभी दफ्तर बंद थे। माना जा रहा कि इस सप्ताह यूजीसी से निर्देश मिलेंगे और बिना सीयूईटी दाखिलों की राह खुल सकती है।

क्या 8 से 10 सितंबर तक पूरी तरह बंद है दिल्ली? अहम सवालों से जुड़े जवाब यहां जानें

News web media Uttarakhand : भारत में G20 बैठक के मद्देनजर तैयारियों जोरों से हो रही है। दिल्ली में 9-10 सितंबर तक जी20 के मद्देनजर भव्य आयोजन किया जाएगा। इस बैठक में G20 समूह के राष्ट्राध्यक्ष भाग लेने के लिए दिल्ली आएंगे। ऐसे में लोगों के मन में एक सवाल यह आ रहा है कि क्या 8-10 सितंबर के बीच राजधानी दिल्ली बंद रहेगी। अगर ऐसा नहीं है तो फिर क्या खुला रहेगा और क्या नियम रहेंगे। इस बाबत दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों के लिए एक विस्तृत एडवाइजारी जारी की है।

दिल्ली में क्या खुलेगा और क्या रहेगा बंद?

शिखर सम्मेलन के लिए नवनिर्मित भारत मंडपम सम्मेलन केंद्र को पूरी तरह तैयार कर दिया गया है। ऐसे में राजधानी दिल्ली में प्रवेश और निकास को सीमित किया जाएगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक 8 सितंबर से नई दिल्ली में सभी प्रतिष्ठान, जैसे रेस्तरां, मॉल, कार्यालय, बाजार इत्यादि बंद रहेंगे। अधिकारियों के मुताबिक इस क्षेत्र में रहने वालों को ही केवल प्रवेश और निकास की अनुमति होगी। लेकिन बाहर से आने वाले लोगों के लिए दिल्ली में विशेष पास की आवश्यकता होगी। साथ ही सारे गैर-गंतव्य वाहनों को पूर्वी और पश्चिम पेरिफेरल एक्सप्रेसवे व अन्य वैकल्पिक मार्गों पर मोड दिया जाएगा। सीधा बताएं तो दिल्ली में प्रत्याक्ष तौर पर वाहनों को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

दिल्ली पुलिस ट्रैफिक एडवाइजरी के मुताबिक भारी और हल्के मालवाहक वाहनों को भी दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। हालांकि आवश्यक वस्तुएं जैसे फल, दूध, सब्जी, चिकित्सा आपूर्ति से संबंधित वस्तुओं को ले जाने वाली वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति रहेगी। आपातकालीन सेवाओं के लिए भी किसी तरह की मनाही नहीं है। इस दौरान मेट्रो और दिल्ली बस सेवाएं चालू तो रहेंगी, लेकिन कुछ प्रतिबंध इनपर पर लागू रहेंगे। 7 सितंबर की आधीर रात से 11 सितंबर की रात 11.59 बजे तक एक समर्पित एंबुलेंस सहायता नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा।

क्या दिल्ली में मिलेगी ऑटो, बस और टैक्सी?

बता दें कि राजधानी दिल्ली में बताई गई समय सीमा के अंदर पर्यटकों को ले जाने वाली टैक्सियों को नई दिल्ली में एंट्री मिलेगी, लेकिन इसके लिए उनके पास वैध होटल की बुकिंग होना अनिवार्य है। हालांकि नई दिल्ली जिले के बाहर सड़क नेटवर्क पर ऑटो रिक्शा और टैक्सियों को अनुमति दी जाएगी। दिल्ली में रह रहे निवासियों, अधितकृत वाहनों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को अपनी पहचान साबित करने के लिए आवश्यकत दस्तावेज लेकर जाना होगा। साथ ही बसों को दिल्ली की सीमाओं की ओर सड़क नेटवर्क पर संचालन की अनुमति नहीं है। उन्हें रिंग रोड और रिंग रोड से आगे दिल्ली से दूर रखा जाएगा। हालांकि सामान्य यातायात के तहत वाणिज्यक बसों और दिल्ली में जो वाहन पहले से ही मौजूद रहेंगे, उन्हें रिंग रोड और दिल्ली की सीमाओं की ओर जाने की अनुमति रहेगी।

क्या दिल्ली मेट्रो चलेगी?

ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी के मुताबिक दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशनों पर यात्री मेट्रो सेवा का लाभ उठा सकते हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों को 9 सितंबर की सुबह 5 बजे 10 सितंबर की रात 11 बजे तक अनुमति नहीं दी जाएगी। हवाई अड्डे से आने वाले यात्री या फिर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों की यात्रा को आसान बनाने के लिए मेट्रो के इस्तेमाल की सलाह दी गई। ट्रैफिक पुलिस ने कहा है कि 8-10 सितंबर सभी लोग मेट्रो से यात्रा करें।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उतरने वालों के लिए सलाह

अगर आप 10 सितंबर की सुबह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उतरते हैं तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस दिन सुबह 1 बजे से दोपहर के 1 बजे तक अजमेरी गेट की ओर यात्रा प्रभावित रहेगी। पुरानी दिल्ली जाने वाले ध्यान दें कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी रोड की ओर से यात्रा प्रभावित रहेगी। इस दौरान हजरत निजामुद्दीन रेललवे स्टेशन की तरफ यात्रा करने वालों को मेट्रो सेवा का इस्तेमाल करने को कहा गया है। हालांकि अगर वे सड़क मार्ग पर आने की अनिवार्यता है तो इसके लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा गलियारे तैयार किए गए हैं।

नई दिल्ली में इन इन रास्तों का करें चयन

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा वैसे तो यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे नियंत्रित और विनियमित क्षेत्रों में यात्रा करने से बचें। लेकिन यदि यह अनिवार्य है तो नीचे दिए गए मार्गों के जरिए ही यात्रा करें, ताकि उन्हें किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े और वे फंसे नहीं।

पूर्व-पश्चिम कोरिडोर: सन डायल/डीएनडी फ्लाईओवर-रिंग रोड-आश्रम चौक-मूलचंद अंडरपास-एम्स चौक-रिंग रोड-धौला कुआं-रिंग रोड-बरार स्क्वायर-नारायणा फ्लाईओवर से।

युधिष्ठिर सेतु-रिंग रोड-चंदगी राम अखाड़ा-मॉल रोड-आजादपुर चौक-रिंग रोड-लाला जगत नारायण मार्ग

उत्तर-दक्षिण गलियारा: रिंग रोड-आश्रम चौक-सराय काले खां-दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे-नोएडा लिंक रोड-पुस्ता रोड-युधिष्ठिर सेतु-आईएसबीटी कश्मीरी गेट-रिंग रोड-मजनू का टीला

इसके अलावा, एम्स चौक-रिंग रोड-धौला कुआं-रिंग रोड-बरार स्क्वायर-नारायणा फ्लाईओवर-राजौरी गार्डन जंक्शन-रिंग रोड-पंजाबी बाग जंक्शन-रिंग रोड-आजाद पुर चौक

एयरपोर्ट को लेकर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की सलाह

7 सितंबर की मध्यरात्रि से 10 सितंबर की रात 11.59 बजे तक हवाई अड्डे की तरफ जाने वाले लोगो को मेट्रो सेवा इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। लोगों को एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन (ऑरेंज) का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

 

युवा एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के नेहरू युवा के द्वारा संवाद कार्यक्रम का आयोजन संपन्न हुआ

News web media uttarakhand : भारत दुनिया की सबसे अधिक युवा आबादी वाला देश है। युवाओं की इस विशाल क्षमता को सही मायने में सुरक्षित करने और आगे बढ़ाने के लिए युवा संवाद 2047 कार्यक्रम बहुत जरूरी है।उक्त विचार युवा एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार नेहरू युवा केंद्र एवं हिमालय हिमालय सेंटर फॉर कम्युनिटी एंड रूरल डेवलपमेंट स्वयंसेवी संस्था के द्वारा आशरा ट्रस्ट के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव एवं ने व्यक्त किया।उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि युवा संवाद कार्यक्रम भारत को विकसित राष्ट्रीय के श्रेणी में खड़ा करने में कारगर साबित होगा।इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए युवा अधिकारी नेहरू युवा केंद्र अविनाश कुमार ने युवा संवाद कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हमें 2047 तक उन पंच प्रण पर काम करना होगा ।जिनकी प्रेरणा से भारत विकसित राष्ट्र बनेगा।
डॉ अनिल कुमार डिमरी वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय क्षेत्रीय केंद्र देहरादून ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा की युवा खुद को जमीन से जुड़े कार्यक्रमों से सहभागिता कीअनुभूति कर विकसित राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। साथ ही उन्होंने युवाओं के शैक्षणि के विकास में इग्नू की भूमिका पर भी विस्तृत चर्चा की।
इस अवसर पर आयोजित संवाद पर चर्चा में प्रतिभा करते हुए युवा प्रतिभागियों ने उन पंच प्राण पर विस्तृत रूप से प्रकाश डालते हुए अपनी कौशलता क्षमता एवं संवाद कौशलता का परिचय दिया। जिससे सभी उपस्थित लोगों ने बहुत प्रशंसा की भविष्य में इस तरह के संवाद कार्यक्रम आयोजित करने के लिए आयोजन कर्ताओं से निवेदन किया। कार्यक्रम में आगंतुकों का स्वागत आसरा ट्रस्ट के कार्यक्रम अधिकारी मुकुल शर्मा ने किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर

इलाहाबाद विश्वविद्यालय की छात्रा जय वर्मा सिन्हा रेलवे बोर्ड की पहली महिला मुख्य कार्यकारी अधिकारी और अध्यक्ष नियुक्त की गई

News web media uttarakhand : भारतीय रेलवे बोर्ड के इतिहास में ऐसा पहली बार है, जब किसी महिला के हाथों में रेलवे बोर्ड की कमान आई है. रेलवे बोर्ड की चेयरमैन के तौर पर गुरुवार को जया वर्मा सिन्हा के नाम की घोषणा की गई थी और आज यानी 1 सितंबर 2023 को उन्‍होंने अपना पदभार ग्रहण कर लिया है. उन्‍होंने अनिल कुमार लाहोटी की जगह ली है. जया अब तक रेलवे बोर्ड में सदस्य (संचालन और व्यवसाय विकास) के तौर पर सेवाएं दे रही थीं. चेयरमैन के रूप में जया का कार्यकाल पूरे 1 साल का होगा. जया से पहले विजयलक्ष्मी विश्वनाथन रेलवे बोर्ड की पहली महिला सदस्य के रूप में ख्‍याति प्राप्‍त कर चुकी हैं. लेकिन जया बोर्ड की पहली महिला अध्‍यक्ष और सीईओ के तौर पर जानी जाएंगीं

रेलवे बोर्ड की पहली महिला चेयरमैन जया वर्मा सिन्‍हा ने इलाहाबाद विश्‍वविद्यालय से शिक्षा प्राप्‍त की है. वे 1988 बैच की अधिकारी हैं. पिछले 35 साल से वो रेलवे में कार्यरत हैं और दक्षिण पूर्व रेलवे, उत्तर रेलवे और पूर्व रेलवे में कई महत्वपूर्ण पदों को संभाल चुकी हैं. कोलकाता से ढाका के बीच चलने वाली मैत्री एक्सप्रेस का उद्घाटन उन्हीं के कार्यकाल का माना जाता है. उस वक्त वे ढाका में स्थित भारतीय दूतावास में रेलवे सलाहकार पद पर थीं.

हाल ही में बालासोर में हुए कोरमंडल एक्सप्रेस हादसे के समय में जया वर्मा सिन्‍हा ने काफी महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उस समय वो काफी एक्टिव रही थीं और पूरे घटनाक्रम पर उन्‍होंने खास नजर बनाकर रखी थी. उस समय उनकी काफी तारीफ हुई थी. जया ने ही पीएमओ में भी घटना का प्रजेंटेशन दिया था. रेलवे बोर्ड की चेयरमैन के तौर पर जया का कार्यकाल 31 अगस्त 2024 तक रहेगा.

अनिल कुमार लाहोटी ने इसी साल ग्रहण किया था पद

जया वर्मा सिन्‍हा से पहले रेलवे बोर्ड के चेयरमैन के तौर पर अनिल कुमार लाहोटी पद संभाल रहे थे. उन्‍होंने इसी साल 1 जनवरी को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ का कार्यभाल संभाला था. 1984 बैच के रेलवे अधिकारी अनिल कुमार लाहोटी का कार्यकाल 31 अगस्‍त 2023 को समाप्‍त हुआ है. रेलवे बोर्ड में उनकी एंट्री 17 दिसंबर 2022 को सदस्य इंफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर हुई थी.

युवाओं के लिए बड़ी खबर आयोग ने 21 भर्तियों का नया कैलेंडर किया जारी

News web media uttarakhand : युवाओं के लिए बड़ी खबर है। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने विभिन्न विभागों से जुड़े पदों को लेकर भर्ती परीक्षा का कैलेंडर जारी कर दिया है।आयोग ने कई पदों को लेकर होने वाली भर्ती के लिए संभावित तारीख दी है मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखंड में युवाओं के लिए सरकारी नौकरियां को लेकर विभिन्न पदों के लिए आगामी परीक्षाओं का कैलेंडर जारी हो गया है। आयोग की तरफ से करवाई जाने वाली परीक्षाओं को लेकर संभावित तारीखों का ऐलान हुआ है। हालांकि कुछ पदों पर अधियाचन के परीक्षण के बाद परीक्षाओं की तारीख बाद में तय की जाएगी।

बता दें  कि युवा आयोग की वेबसाइट https://psc.uk.gov.in/exam%20calendar से परीक्षा शेड्यूल चेक कर सकते  है। बताया जा रहा है कि विभिन्न विभागों में सहायक लेखाकार के पद के लिए 28 अगस्त से परीक्षा प्रारंभ करने का निर्णय हुआ है।

कौन से भर्ती की परीक्षा कब

  • पीसीएस-जे मुख्य परीक्षा- हाईकोर्ट के आदेश के बाद
  • सहायक लेखाकार परीक्षा 2022- 28 अगस्त से टाइपिंग परीक्षा
  • फॉरेस्ट गार्ड भर्ती 2022- अक्तूबर माह में
  • जेल बंदीरक्षक भर्ती 2022- 15 अक्तूबर
  • संभागीय निरीक्षक परीक्षा 2022- 16-17 अक्तूबर
  • मानचित्रकार-प्रारूपकार परीक्षा 2022- 05 नवंबर
  • सहकारिता पर्यवेक्षक पर्यावरण पर्यवेक्षक 2023- 19 नवंबर
  • अधिशासी अधिकारी, कर व राजस्व निरीक्षक भर्ती 2023- 26 नवंबर
  • सफाई निरीक्षक परीक्षा 2023- 03 दिसंबर
  • पशुचिकित्साधिकारी ग्रेड-2 परीक्षा 2023- 10 दिसंबर
  • समीक्षा-सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा 2023- 17 दिसंबर
  • सहायक नियोजक एवं वास्तुविद नियोजक परीक्षा 2023- 20 दिसंबर
  • कंबाइंड जेई भर्ती परीक्षा 2023- 23, 24, 26 व 27 दिसंबर
  • गन्ना-दुग्ध पर्यवेक्षक परीक्षा 2023- 28 जनवरी 2024
  • आईटीआई अनुदेशक समूह-ग परीक्षा 2023- 03 फरवरी 2024
  • सहायक कृषि, उद्यान पर्यवेक्षक परीक्षा 2023- 10 फरवरी 2024
  • व्यवस्थाधिकारी परीक्षा 2023- 02 मार्च 2024
  • व्यवस्थापक राज्य संपत्ति परीक्षा 2023- 16 मार्च 2024
  • प्रयोगशाला सहायक(विधि विज्ञान) परीक्षा 2023- 31 मार्च 2024
  • अन्वेषक कम संगणक परीक्षा 2023- 31 मार्च 2024
  • प्रयोगशाला सहायक(उच्च शिक्षा) परीक्षा 2023- 23-26 अप्रैल 2024

 

गोस्वामी तुलसीदास जी का 526वीं जयंती मनाई गई

News web media Uttarakhand : स्थानीय नगर निगम टाउन हॉल में श्री नरसिंह कृपा धाम एवं ब्राह्मण समाज उत्थान परिषद द्वारा संयुक्त तत्वाधान में गोस्वामी तुलसीदास जी का 526 वीं जयंती महोत्सव परंपरागत रूप से मनाई गई।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए महंत किशन गिरी जी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म को पुनः स्थापित करते हुए उन्होंने समाज को एक सूत्र में बांधने वाला श्री रामचरितमानस ग्रंथ दिया। महंत जी ने कहा कि हमें अपने बच्चों को संस्कारमय में बनाना चाहिए।

मुख्य वक्ता के रूप में स्वामी 1008 अमृत प्रकाश जी महाराज ने कहा कि हमें अपने संतो उनकी वाणी को आत्मसात करना चाहिए। उनके बताए गए सदमार्ग को अपनाना चाहिए।

गौडिया मठ के संस्थापक भक्ति प्रश्न त्यागी ने कहा कि तुलसीदास जी ने राम नाम मंत्र जपने से मनुष्य को सद्गति प्राप्त हो जाती है। तुलसीदास जी ने अपने काव्य व साहित्य से भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया।

विशिष्ट अतिथि आईजी (आईपीएस) श्री पुष्पक ज्योति एवं डीआईजी अमिताभ श्रीवास्तव जी ने अपने विचार रखें।

कार्यक्रम के अंत में ओजस्वी कवि श्रीकांत श्री के संचालन में कवि संबोधन का आयोजन किया गया।

विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य करने वाले विभूतियों का “तुलसी रत्न सम्मान” से उनको सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन दिनेश शर्मा एवं उमानरेश तिवारी ने संयुक्त रूप से किया।

इस अवसर पर इस अवसर पर परिषद के अध्यक्ष एस.एन.उपाध्याय, महापौर देहरादून सुनील उनियाल गामा, श्री नरसिंह कृपा धाम के संस्थापक आचार्य शशिकांत दुबे, डी.पी.पांडे, अशोक मिश्रा, विनोद त्यागी, दिवाकांत शास्त्र, डॉ. वी.डी. शर्मा प्रवक्ता, सूर्य प्रकाश शर्मा, श्री एस.पी.पाठक, श्री दिनेश शर्मा, वी.पी.पांडेय आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

गोस्वामी तुलसीदास जयंती महोत्सव 23 अगस्त को 526 वीं जयंती

News web media uttarakhand : हिंदी साहित्य जगत के शशि गोस्वामी तुलसी दास की 526 वीं जयंती के उपलक्ष में श्री नरसिंह कृपा धाम एवम ब्राह्मण समाज उत्थान परिषद, पंजी. के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 23 अगस्त को अपरान्ह 3 बजे से स्थानीय नगर निगम के टाउन हाल में तुलसी दास जयंती समारोह का परंपरागत आयोजन किया जा रहा है ।उक्त जानकारी आज उत्तरांचल प्रेस कलब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान समारोह के संयोजक आचार्य शशिकांत दूबे ने देते हुए बताया कि “एक शाम तुलसी के नाम” इस कार्यक्रम में महान संत गोस्वामी तुलसी दास जी के व्यक्तित्व एवम कृतित्व पर संतो द्वारा उद्बोधन, नगर के कवियों द्वारा काव्य पाठ, राष्ट्र व समाज में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को “तुलसी रत्न सम्मान” से सम्मानित किया जाएगा । ब्राह्मण समाज उत्थान परिषद के अध्यक्ष एस एन उपाध्याय ने बताया कि समारोह की अध्यक्षता श्री श्री 108 महंत कृष्ण गिरि जी महाराज, टपकेश्वर महादेव मंदिर, जी करेंगे । समारोह में राज्य सभा सांसद श्री नरेश बंसल जी मुख्य अतिथि, महापौर श्री सुनील उनियाल गामा जी विशिष्ठ अतिथि होंगे । मुख्य उद्बबोधन एवम आशीर्वचन श्री 1008 श्री महा मंडलेश्वर स्वामी ईश्वर दास जी महाराज, ईश्वर आश्रम, शीशम झाड़ी, ऋषिकेश जी का रहेगा। इस अवसर पर नगर के सम्मानित गणमान्य जन, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं को भी आमंत्रित किया गया है । राष्ट्रीय ब्राह्मण समाज उत्थान परिषद देहरादून उत्तराखंड प्रेस वार्ता में एस एन उपाध्याय,अध्यक्ष, एस पी पाठक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, उमा नरेश तिवारी, डा. वी डी शर्मा, प्रवक्ता, श्री नरसिंह कृपा धाम में संस्थापक आचार्य शशिकांत दूबे आदि उपस्थित थे ।

अब प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए बीएड नहीं डीएलएड की मान्यता अनिवार्य,सुप्रीम कोर्ट का फैसला

News web media uttarakhand : उत्तराखंड के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए बीएड नहीं बल्कि अब केवल डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) की मान्यता अनिवार्य होगी। आपको बता दे, यह फैसला सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTI) की याचिका के आधार पर सुनाया था। एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट ने उत्तराखंड सरकार से यह आग्रह किया है कि उत्तराखंड के निजी बीएड कॉलेजों में भी डीएलएड की पढ़ाई की अनुमति दी जाए, ताकि युवा अन्य राज्यों में पलायन न करें।

सुप्रीम कोर्ट का है यह निर्णय
सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा, कि प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए उम्मीदवारों को डीएलएड की मान्यता प्राप्त होनी चाहिए, और बीएडधारक उम्मीदवारों को अब यह अवसर नहीं मिलेगा। आपको बता दे, इस निर्णय के पीछे उत्तराखंड के संदर्भ में राजस्थान हाईकोर्ट के एक निर्णय का प्रभाव है, और इसके परिणामस्वरूप उत्तराखंड में केवल कुछ कॉलेजों में ही 13 डायट में डीएलएड कोर्स चल रहा है, जिसमें हर साल केवल 650 छात्रों को ही दाखिला मिलता है।

डॉ. सुनील अग्रवाल ने प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती को लेकर दिया यह सुझाव
पूर्व में निजी कॉलेजों ने डीएलएड कोर्स की अनुमति मांगी थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसे नहीं माना। इसके परिणामस्वरूप बहुत से युवा अन्य राज्यों में जाकर डीएलएड कोर्स कर रहे हैं। डॉ. सुनील अग्रवाल ने सरकार से मांग की कि प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती में निजी कॉलेजों में डीएलएड कोर्स की अनुमति दी जाए। इसके साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि अब NCTI को निजी कॉलेजों में डीएलएड कोर्स को संचालित करने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए, ताकि युवाओं को यूपी और अन्य राज्यों में पलायन की आवश्यकता ना हो। अन्यथा, नई शिक्षा नीति के तहत NCTI ने दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स के लिए नए आवेदन स्वीकार नहीं करने का निर्णय लिया है।

एसएससी एसआई, सीएपीएफ का रिजल्ट जारी

News web media uttarakhand :  कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने 2022 के सीएपीएफ और दिल्ली पुलिस उप-निरीक्षक परीक्षा के अंतिम परिणाम जारी किए हैं। परीक्षा में भाग लेने वाले उम्मीदवार अपना परिणाम ssc.nic.in नामक आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।

आयोग ने बताया कि 3,995 पुरुष और 281 महिला उम्मीदवारों को नियुक्ति के लिए योग्य पाया गया है। 28 अगस्त से 9 सितंबर, 2023 तक, आयोग की वेबसाइट पर चयनित और गैर-चयनित उम्मीदवारों की विस्तृत सूची दी जाएगी। रिजल्ट में प्रत्येक पद के लिए चयनित उम्मीदवारों की श्रेणी, लिंग-वार संख्या और अंतिम चयनित उम्मीदवार द्वारा प्राप्त अंक दिखाए गए हैं।

SSC SI CAPF अंतिम परिणाम जानने के लिए  :-
1. पहले आधिकारिक वेबसाइट ssc.nic.in पर जाएं।
2. होमपेज पर सीएपीएफ एसआई 2022 के अंतिम परिणाम के लिंक पर क्लिक करें।
3. परिणाम एक पीडीएफ स्क्रीन पर दिखाई देगा।
4. अब सूची में अपना नाम देखें।
5. भविष्य में देखने के लिए परिणाम को डाउनलोड करें और उसका प्रिंटआउट ले लें।