हरेला पर्व उत्तराखंड में आज; प्रदेश में पौधरोपण कार्यक्रम, भाजपा का छह लाख पौधे लगाने अभियान Harela Festival 2026: उत्तराखंड में आज लोकपर्व का उत्सव, हरियाली का महाअभियान, छह लाख पौधे लगाएगी भाजपा
हरेला पर्व उत्तराखंड में आज; प्रदेश में पौधरोपण कार्यक्रम, भाजपा का छह लाख पौधे लगाने अभियान Harela Festival 2026: उत्तराखंड में आज लोकपर्व का उत्सव, हरियाली का महाअभियान, छह लाख पौधे लगाएगी भाजपा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बृहस्पतिवार को हरेला पर्व के अवसर पर नगला तराई स्थित अपने निजी आवास परिसर में पौधरोपण किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बृहस्पतिवार को हरेला पर्व के अवसर पर नगला तराई स्थित अपने निजी आवास परिसर में पौधरोपण किया। उन्होंने सभी को पर्यावरण को समर्पित देवभूमि उत्तराखंड के प्रमुख लोक पर्व हरेला की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण करना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है, इसलिए हम सबको पौधे अवश्य लगाना चाहिए और उसका संरक्षण भी करना चाहिए।
उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)) के पहले चरण में 19.04 लाख विसंगतियां सामने आई हैं। जांच में दो लाख मतदाताओं के माता-पिता नाबालिग और 92 हजार मतदाताओं के दादा ‘जवान’ दर्ज मिले, जबकि रुद्रपुर विधानसभा में सबसे अधिक 89 प्रतिशत रिकॉर्ड में गड़बड़ियां पाई गईं।
उत्तराखंड में दो लाख मतदाता ऐसे हैं जिनके माता-पिता नाबालिग हैं। वहीं, 92 हजार मतदाताओं के दादा जवान हैं। ये हम नहीं कह रहे, चुनाव आयोग के एसआईआर के पहले चरण के बाद जो 19.04 लाख मतदाताओं की विसंगतियां पकड़ी गईं, उनमें अजब-गजब तथ्य सामने आए हैं। ऊधमसिंह नगर जिले में रुद्रपुर ऐसी विधानसभा है, जहां 89 प्रतिशत मतदाताओं की विसंगतियां हैं। 42,808 मतदाता ऐसे हैं, जिनका कुछ पता नहीं चल पाया।
बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पुलिस आरोपी तक पहुंच गई है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है।
बदरीनाथ धाम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में फरार चल रहे आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को पुलिस ने रविवार देर रात करीब 11 बजे देहरादून से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम आरोपी को पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बदरीनाथ कार्यालय लेकर आ रही है। साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस टीम आरोपी की तलाश कर रही थी। उसके संभावित जगहों पर भी लगातार दबिश दी जा रही थी। आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और उसे देहरादून से हिरासत में ले लिया गया।
बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे में हेराफेरी के मामले की पुलिस की जांच रविवार को भी जारी रही। पुलिस ने 25 जून की सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो उसमें भी आरोपी नोटों की गड्डी ले जाते हुए दिख रहा है। पुलिस ने बीकेटीसी से मामले की आंतरिक जांच रिपोर्ट और अन्य आवश्यक दस्तावेज कब्जे में ले लिए हैं।
पुलिस के अनुसार, बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गणना सामान्यतः तीन से चार दिन के अंतराल में होती है। इस अवधि में 25 जून, 29 जून और 2 जुलाई को गणना की गई थी। जांच टीम ने इन तीनों दिनों के सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर क्रमवार देख रही है। रविवार को पुलिस ने जब 25 जून को हुई गणना की सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो इसमें भी आरोपी कर्मचारी नोटों की गड्डी ले जाते हुए दिख रहा है।
रविवार को पुलिस ने बीकेटीसी के कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए। दो जुलाई को हुई चढ़ावे की गणना के दौरान आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल समेत 12 से अधिक लोग गणना कक्ष में मौजूद थे। इनमें कुछ स्थानीय साधु-संत भी थे, जो अक्सर चढ़ावे की गणना की प्रक्रिया में भाग लेते रहे हैं। पुलिस उनसे भी पूछताछ कर रही है।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 का परिणाम 20 जुलाई तक घोषित किए जाने की संभावना है। परिणाम जारी होने के बाद ऑल इंडिया एवं राज्य स्तरीय मेडिकल काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। इस वर्ष काउंसलिंग को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की तैयारी की जा रही है, जिससे विद्यार्थियों को प्रवेश प्रक्रिया में कम परेशानी का सामना करना पड़े।
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) और संबंधित एजेंसियां सीट मैट्रिक्स तथा काउंसलिंग शेड्यूल को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। परिणाम घोषित होने के कुछ दिनों के भीतर विस्तृत काउंसलिंग कार्यक्रम जारी किया जा सकता है।
चेतना अकादमी के निदेशक एस एन उपाध्याय ने बताया
इस बार देशभर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की संख्या में 8,000 से 10,000 तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। यदि सभी प्रस्तावित सीटों को मंजूरी मिलती है, तो कुल एमबीबीएस सीटें बढ़कर लगभग 1.40 लाख तक पहुंच सकती हैं। इससे अधिक छात्रों को सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश का अवसर मिलेगा।
काउंसलिंग में क्या रहेगा खास?
विद्यार्थियों के लिए सलाह
परिणाम जारी होने तक अभ्यर्थी अपने आवश्यक दस्तावेज, श्रेणी प्रमाणपत्र, पहचान पत्र एवं अन्य प्रमाणपत्र तैयार रखें। काउंसलिंग से संबंधित किसी भी सूचना के लिए केवल NTA, MCC और संबंधित राज्य काउंसलिंग प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइटों पर जारी अपडेट पर ही भरोसा करें।
स्वास्थ्य संबंधी सलाह या जानकारी के लिए 104 हेल्पलाइन का इस्तेमाल करने वाले लोगों को अगले कुछ दिन असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। तकनीकी सुधार कार्य के चलते हेल्पलाइन की सेवाएं 12 जुलाई तक आंशिक रूप से प्रभावित रहेंगी।
उत्तराखंड में स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और जानकारी के लिए संचालित 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन की सेवाएं 12 जुलाई तक प्रभावित रहेंगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने हेल्पलाइन के तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू किया है, जिसके चलते कॉल रिसीव करने और सेवाएं उपलब्ध कराने में अस्थायी विलंब की संभावना जताई गई है।
104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन की नोडल अधिकारी डॉ.अरिता सक्सेना ने बताया कि मरम्मत कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है और प्रयास है कि निर्धारित समय के भीतर सभी सेवाएं पूरी तरह सुचारु कर दी जाएं। राज्यभर में स्वास्थ्य सलाह, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, शिकायत निवारण तथा विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने वाली 104 हेल्पलाइन लाखों लोगों के लिए महत्वपूर्ण सेवा है।
स्यानाचट्टी के समीप यमुनोत्री हाईवे का करीब 100 मीटर हिस्सा तेज बारिश के कारण वॉशआउट होने के साथ ही हनुमान चट्टी के पास काफी ऊंचाई से चट्टानी मलबा पत्थरों के तेजी से रुक-रुक कर आ रहे हैं।
यमुनोत्री घाटी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ यात्रा व्यवस्थाओं को भी बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। स्थानीय लोगों और तीर्थ यात्रियों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
उत्तराखंड में अगले दो दिनों तक भारी से अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है। लगातार बारिश का असर सड़क संपर्क पर भी दिखने लगा है। उत्तरकाशी में पांच गांवों का संपर्क संकट में है, जबकि प्रदेशभर में चार राज्य मार्ग समेत 70 सड़कें बंद होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
मानसून की शुरुआत के साथ ही मोरी विकासखंड की बड़ासु पट्टी के पांच दूरस्थ गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सांकरी-गंगाड़-ओसला मोटर मार्ग पर हलारा और पूर्ति नालों में जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों का विकासखंड मुख्यालय से संपर्क प्रभावित होने लगा है। उफनते नालों के बीच लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। दोपहिया वाहनों को पार कराने के लिए पांच से दस लोगों की मदद लेनी पड़ रही है, जबकि बड़े वाहनों और पैदल राहगीरों के लिए भी खतरा बना हुआ है।
स्थानीय निवासी नौनियाल राणा, जनक रावत, जयचंद राणा और वरदान सिंह ने बताया कि हर वर्ष मानसून शुरू होते ही पवाणी, ओसला, गंगाड़, ढाटमीर और तालुका गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता है। उन्होंने कहा कि पूर्ति और हलारा खड्ड बरसात में उफान पर आ जाते हैं, जिससे आवाजाही जोखिम भरी हो जाती है। कई बार एक वाहन को निकालने के लिए दस से अधिक लोगों की मदद लेनी पड़ती है, लेकिन इसके बावजूद हादसे का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस समय क्षेत्र में सेब, राजमा और चौलाई जैसी फसलों की निकासी का समय है। यदि अभी से ऐसी स्थिति बनी हुई है तो बारिश बढ़ने पर पांचों गांवों का संपर्क पूरी तरह से मोरी विकासखंड मुख्यालय और अन्य क्षेत्रों से कट सकता है। उनका कहना है कि खड्डों पर पुल और वैकल्पिक मार्ग बनाने की मांग कई बार पीएमजीएसवाई से की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद पीएमजीएसवाई को सुरक्षा के साथ आवाजाही सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मानसून के दौरान जरूरत पड़ने पर आपदा मद से वैकल्पिक व्यवस्थाएं करने को भी कहा गया है।
कई जिलों में भारी बारिश की संभावना, प्रशासन अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), देहरादून द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आज और कल प्रदेश के कई जनपदों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली चमकने तथा तेज से अत्यंत तेज वर्षा के दौर की संभावना व्यक्त की गई है। इसे देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक एहतियाती एवं सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, राहत- बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने, आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों एवं विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने, सड़क मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला सूचना अधिकारियों को मौसम संबंधी चेतावनी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों से मौसम विभाग की जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
चार राज्य मार्ग समेत 70 मार्ग बंद
प्रदेश में चार राज्यमार्ग 70 मार्ग बंद है। एसईओसी से प्राप्त जानकारी के अनुसार इसमें सबसे अधिक मार्ग देहरादून और पिथौरागढ़ जिले में 14-14 बंद है। देहरादून जिले में तीन राज्यमार्ग बंद है। चमोली में 10, पौड़ी और टिहरी में आठ- आठ, बागेश्वर छह, रुद्रप्रयाग चार और चंपावत, अल्मोड़ा और नैनीताल में दो-दो मार्ग बंद है।
प्रदेश भर के पर्वतीय इलाकों में आज मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
उत्तराखंड में मंगलवार को रुक-रुककर हुई बारिश ने मैदानी इलाकों को उमस और गर्मी से राहत दिला दी। जबकि पर्वतीय इलाकों में बारिश ने ठंड का अहसास कराया। आज बुधवार को प्रदेश भर के पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
एसआईआर के तहत प्राप्त गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और अब चुनाव आयोग विधानसभा चुनाव की तैयारियों के अगले चरण में प्रवेश करेगा। मतदाताओं की संख्या और निर्धारित मानकों के आधार पर प्रदेशभर में मतदान केंद्रों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा।
चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का पहला चरण मंगलवार को दोपहर 12 बजे पूरा हो जाएगा। 99.9 प्रतिशत एसआईआर गणना प्रपत्र डिजिटाइज हो चुके हैं। इसके साथ ही अब आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मतदान केंद्रों का पुनर्निर्धारण शुरू हो जाएगा। फिर 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी।