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सैनिक स्कूल के लिए आवेदन की आखिरी तारीख आज, जानें पूरी डिटेल

News web media Uttarakhand : ऑल इंडिया सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा (AISSEE) 2025-26 के लिए आवेदन की आखिरी तारीख आज, 13 जनवरी 2025 है. अगर आपने अभी तक आवेदन नहीं किया है, तो जल्दी ही आधिकारिक वेबसाइट /exams.nta.ac.in/AISSEE/ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी करें.

शैक्षणिक योग्यता-:
कक्षा 6 में प्रवेश के लिए स्टूडेंट्स की आयु 31 मार्च 2025 तक 10 से 12 वर्ष के बीच होनी चाहिए, यानी जन्म 1 अप्रैल 2013 से 31 मार्च 2015 के बीच हुआ हो.लड़के और लड़कियां दोनों आवेदन कर सकते हैं. वहीं क्लास 9 की बात करें तो स्टूडेंट्स की आयु 31 मार्च 2025 तक 13 से 15 वर्ष के बीच होनी चाहिए, यानी जन्म 1 अप्रैल 2010 से 31 मार्च 2012 के बीच हुआ हो. केवल लड़के आवेदन कर सकते हैं. उम्मीदवार वर्तमान में किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में कक्षा 8 में पढ़ाई कर रहा हो.

आवेदन प्रक्रिया-:

उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट exams.nta.ac.in/AISSEE/) पर जाएं.

  1. ‘नए उम्मीदवार पंजीकरण’ लिंक पर क्लिक करें और आवश्यक विवरण भरकर रजिस्ट्रेशन करें.
  2. पंजीकरण के बाद, लॉगिन करें और आवेदन फॉर्म भरें.
  3. आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें, जैसे फोटो, हस्ताक्षर आदि.
  4. शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करें.
  5. आवेदन फॉर्म जमा करें और भविष्य के संदर्भ के लिए प्रिंट आउट लें.

परीक्षा पैटर्न-:
कक्षा 6 के लिए

  • परीक्षा अवधि: 150 मिनट.
  • विषय: गणित, इंटेलिजेंस, भाषा, सामान्य ज्ञान.
  • कुल अंक: 300

कक्षा 9 के लिए-:

  • परीक्षा अवधि: 180 मिनट.
  • विषय: गणित, इंटेलिजेंस, अंग्रेजी, सामान्य विज्ञान, सामाजिक अध्ययन.
  • कुल अंक: 400

इन तारीखों को रखें याद-:

  • -आवेदन की अंतिम तिथि: 13 जनवरी 2025, शाम 5 बजे तक
    -आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि: 14 जनवरी 2025, रात 11:50 बजे तक
  • -फॉर्म में त्रुटि सुधार की अवधि: 16 से 18 जनवरी 2025
  • -परीक्षा तिथि: मार्च 2025 (सटीक तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी)

उतराखंड कैबिनेट ने दी यूसीसी की नियमावली को मंजूरी, प्रदेश में जल्द होगा लागू

News web media Uttarakhand : सोमवार को उत्तराखंड कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता( यूसीसी) की नियमावली को मंजूरी दे दी है. अब इसे जल्द ही प्रदेश में लागू किया जा सकेगा.

सीएम धामी की अध्यक्षता में आज प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक हुई. इसमें यूसीसी का प्रस्ताव लाया गया. इस दौरान कैबिनेट ने नियमावली के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी. सीएम धामी ने कहा कि 2022 में हमारी सरकार ने यूसीसी बिल लाकर जनता से किया वादा पूरा किया था.

तब से हम इसकी सारी प्रक्रियाएं पूरी कर इसे जल्द से जल्द लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.यह उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है कि हमारा प्रदेश सबसे पहले यूसीसी लागू करेगा. सब तैयारियां पूरी हो गई हैं. जल्द हम इसे लागू करेंगे.

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का वेबपोर्टल 21 जनवरी को पहली बार प्रदेशभर में एक साथ उपयोग में आएगा. फिलहाल यह कवायद सरकार के अभ्यास (मॉक ड्रिल) का हिस्सा होगी. इसके बाद यूसीसी को लागू किया जा सकता है. मॉक ड्रिल में यूसीसी का प्रशिक्षण ले रहे रजिस्ट्रार, सब रजिस्ट्रार और अन्य अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों में यूसीसी पोर्टल पर लॉगइन करेंगे.

उसके जरिये विवाह, तलाक, लिव इन रिलेशन, वसीयत आदि सेवाओं के पंजीकरण का अभ्यास करेंगे. सुनिश्चित करेंगे कि यूसीसी लागू होने के बाद आम लोगों को उससे संबंधित सेवाएं मिलने में कोई तकनीकी बाधा तो नहीं आएगी. मॉक ड्रिल से सरकार, विशेष समिति और प्रशिक्षण टीम अपनी-अपनी तैयारियों को परख सकेंगी.

निकाय चुनाव के बीच गरमाई सियासत, BJP ने बताया देहरादून की मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों का क्या होगा?

News web media Uttarakhand : देहरादून में निकाय चुनाव के बीच एक बार फिर मलिन बस्तियों का मुद्दा गरमाने लगा है। निकाय चुनाव के बीच ही एनजीटी ने उत्तराखंड सरकार के मलिन बस्तियों को सुरक्षित करने के अध्यादेश को लेकर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में एक बार फिर मलिन बस्तियों पर खतरा मंडरा रहा है।
हाईकोर्ट पहले ही इस मामले पर सरकार से जबाव तलब कर चुका है। इस तरह से भाजपा सरकार मलिन बस्तियों के मामले में घिरती हुई नजर आ रही है। कांग्रेस को निकाय चुनाव में बड़ा मुद्दा मिल गया है। साथ ही भाजपा सरकार पर हमलावर है।
इस बीच भाजपा ने मलिन बस्तियों के कांग्रेसी भ्रम पर पलटवार कर कहा की हम किसी को बेघर नहीं होने देंगे। बता दें कि देहरादून में मलिन बस्तियां हमेशा से ही भाजपा, कांग्रेस दोनों के लिए सियासी वोट बैंक माना जाता रहा है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी ने कांग्रेस द्वारा भाजपा के संकल्प पत्र पर उठाए सवालों का ज़बाब देते हुए कहा कि उनके द्वारा फैलाई जा रही यह पूरी तरह निराधार और सरासर झूठ है। कहा की इसी तरह की भ्रांतियां हमारे इसी विपक्षी दल द्वारा केदारनाथ उपचुनाव में भी फैलाई जाती रही थी। यही काम वह मालिन बस्तियों को लेकर कर रहे हैं। जबकि सच्चाई यह है कि जो भी लोग इनमें निवास कर रहे हैं उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है, भाजपा सरकार उनके साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा कि हम ही अध्यादेश लाकर गरीब लोगों का संरक्षण कर रहे हैं। इस मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट है कि उनके सुनियोजित पुनर्वास की व्यवस्था होने तक किसी को भी हटाया नहीं जाएगा। क्योंकि वे सभी लोग हमारे हैं और गरीब तबका या साधनहीन लोगों को हम लगातार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत या अन्य योजना के तहत लगातार व्यवस्थाएं दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हम किसी को भी बेघर नहीं होने देंगे, हम किसी को भी अतिक्रमण या अन्य व्यवस्था के नाम पर परेशान किए जाने के पक्ष में नहीं हैं। हमारी सरकार की मंशा स्पष्ट है, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लगातार करोड़ों लोगों के घर का सपना पूरा की मुहिम को उत्तराखंड में भी तेजी से आगे बढ़ाना। कहा कि लिहाजा जो इस प्रकार की भ्रांतियां फैलाई जा रही है यह बिल्कुल तथ्यहीन है और पार्टी ऐसी राजनीति की कड़े शब्दों में निंदा करती है। महामंत्री ने बताया कि कार्यकर्ता संकल्प पत्र को लेकर घर-घर पहुंच रहे हैं। जिसमें जनसंपर्क और कमरा बैठक से सरकार की उपलब्धि और हमारा आगे का संकल्प क्या है, दोनों विषयों पर जनता से चर्चा की जा रही है।

राष्ट्रीय खेल-1200 विशिष्ट खेल स्वयंसेवक भी होंगे तैनात

News web media Uttarakhand : राष्ट्रीय खेलों में 1200 विशिष्ट खेल स्वयंसेवकों की भी तैनाती की जाएगी. नेशनल फेडरेशन स्पोर्ट्स ऑफ इंडिया के स्तर पर उत्तराखंड को यह स्वयंसेवक उपलब्ध कराए जाएंगे. उत्तराखंड अपने स्तर से भी करीब 2300 सामान्य स्वयंसेवकों को चयनित करने जा रहा है. विशिष्ट खेल स्वयंसेवक इनसे अलग होंगे. हालांकि सामान्य स्वयंसेवकों के साथ ही इन्हें भी व्यवहार और शिष्टाचार की ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी.

उत्तराखंड राष्ट्रीय खेलों के 38 वें संस्करण की मेजबानी कर रहा है. यह आयोजन 28 जनवरी से शुरू होने जा रहा है. तमाम तरह की व्यवस्थाओं को बनाने के लिए दो तरह के स्वयंसेवक अपना योगदान करेंगे. इसमें से सामान्य स्वयंसेवकों की भर्ती की प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है. 30 हजार से ज्यादा लोगों ने स्वयंसेवक बनने के लिए रजिस्ट्रेशन किया है. इन सभी को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई है. ऑनलाइन परीक्षा भी ली गई है. इसके परिणाम के आधार पर ही स्वयंसेवक भर्ती किए जाएंगे.

राष्ट्रीय खेल सचिचालय के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशांत आर्या के अनुसार-सामान्य स्वयंसेवकों के अलावा विशिष्ट खेल स्वयंसेवकों की भी तैनाती की जाएगी. नेशनल फेडरेशन स्पोर्ट्स ऑफ इंडिया के माध्यम से ये स्वयंसेवक उत्तराखंड को प्राप्त होंगे, जिनकी विभिन्न स्थानों पर तैनाती की जाएगी.

विशिष्ट खेल स्वयंसेवकों की ये है विशिष्टता

नेशनल फेडरेशन स्पोर्ट्स ऑफ इंडिया इन विशिष्ट खेल स्वयंसेवकों को उपलब्ध कराता है. खेल पृष्ठभूमि वाले इन स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का अनुभव होता है. सामान्य स्वयंसेवकों को जहां पार्किंग, मेहमानों को लाने-ले जाने संबंधी अन्य सामान्य व्यवस्थाओं में उपयोग किया जाता है, वहीं विशिष्ट स्वयंसेवकों को खेल से सीधे जुड़ी व्यवस्थाओं में जिम्मेदारी दी जाती है. स्वयंसेवकों से संबंधित कार्य देख रहे प्रतीक जोशी के अनुसार-विशिष्ट खेल स्वयंसेवकों को प्रतिदिन एक हजार रूपये मानदेय दिया जाएगा. सामान्य स्वयंसेवक का प्रतिदिन का मानदेय पांच सौ रूपये तय किया गया है.

38 वें राष्ट्रीय खेलों के लिए उत्तराखंड पूरी तरह से तैयार है. यह खुशी की बात है कि हर वर्ग राष्ट्रीय खेलों से किसी न किसी रूप में जुड़ने के लिए तैयार है. खेलों का यह बहुत बड़ा उत्सव है, जो कि उत्तराखंड में खेल विकास के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण साबित होगा.

बीजेपी ने जारी किया अपना संकल्प पत्र, नड्डा ने किए ये बड़े ऐलान

News web media Uttarakhand : दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है. केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कई बड़े ऐलान किए हैं. साथ ही जेपी नड्डा ने विरोधियों पर भी जमकर निशाना साधा.

जेपी नड्डा की बड़ी बातें
दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर पर 500 रुपये सब्सिडी देंगे.
होली दिवाली पर एक-एक सिलेंडर फ्री दिया जाएगा.
गर्भवती महिलाओं को 21 हजार रुपये की मदद देंगे.
महिलाओं को प्रति माह 2500 रुपये दिए जाएंगे.
आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में लागू करेंगे.
5 लाख तक का अतिरिक्त स्वास्थ्य बीमा भी दिया जाएगा.
वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन बढ़ाई जाएगी.
दिल्ली में अटल कैंटीन योजना शुरू की जाएगी.
झुग्गियों में 5 रुपये में भोजन की योजना.

बाबा सिद्दिकी की हत्या, सलमान खान के घर फायरिंग-सैफ अली खान पर हमले से है कोई कनेक्शन!

News web media Uttarakhand : 14 अप्रैल को सलमान खान के गैलेक्स अपार्टमेंट पर फायरिंग हुई. 12 अक्टूबर को बाबा सिद्दिकी की हत्या हो गई. अब 16 जनवरी को सैफ अली खान पर चाकू से हमला हुआ. सैफ अली खान के बांद्रा वाले घर में अटैकर ने उन पर चाकू से हमला किया. इस हमले में वह घायल हो गए. अभी लीलावती अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है.

ये तीनों अलग-अलग घटनाएं हैं. पर सवाल एक ही है. आखिर मुंबई में हो क्या रहा. हमलावर इतनी आसानी से कैसे किसी वीआईपी को टारगेट कर दे रहे. क्या सैफ अली खान पर हुए हमले का सलमान खान के घर फायरिंग और बाबा सिद्दिकी मर्डर केस से कोई कनेक्शन है?

सबसे पहले जानते हैं कि सैफ अली खान के साथ क्या हुआ. सैफ अली खान के बांद्रा वाले घर में गुरुवार तड़के एक चोर घुस आया था. तब घर के सभी सदस्य सोए हुए थे. खुद सैफ अली खान भी गहरी नींद में थे. अटैकर सैफ के सबसे छोटे बेटे जहांगीर के कमरे में छिपा था. उस अटैकर को सबसे पहले सैफ अली खान के घर कामवाली नौकरानी ने देखा. इसके बाद वह जोर से चिल्लाई. आवाज सुनकर सैफ अली खान दौड़कर आए. निहत्थे ही सैफ ने अटैकर का मुकाबला किया. उन्होंने अपने बच्चे और नौकरानी को बचा तो लिया. मगर वह इस हाथापाई में घायल हो गए. अटैकर ने 6 बार सैफ को चाकू से हमला किया.

सूत्रों की मानें तो सैफ अली खान अपने छोटे बेटे जहांगीर और परिवार की रक्षा के लिए बगैर हथियार के ही अटैकर से भिड़ गए. चोर और सैफ के बीच खूब हाथापाई हुई. चोर ने चाकू से सैफ पर ताबड़तोड़ वार किए. पुलिस का कहना है कि चोर चोरी के इरादे से घर में घुसा था. पर जिस तरह की घटना हुई है, उससे लग नहीं रहा कि यह केवल चोरी के इरादा से है.

यह घटना आधी रात दो बजे की है. फिलहाल, पुलिस हर एंगल से इस मामले की जांच कर रही है. मुंबई क्राइम ब्रांच की 8 टीमें जांच में जुटी हैं. लीलावती अस्पताल के डॉक्टर ने हेल्थ अपडेट दिया और कहा कि सैफ की हालत ठीक है. सर्जरी पूरी हो गई है.

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: आप ने नरेला और हरिनगर सीट पर बदले कैंडिडेट, अब इन्हें दिया मौका

News web media Uttarakhand : दिल्ली में विधानसभा चुनाव को लेकर जबरदस्त माहौल है. आम आदमी पार्टी (AAP) ने पूरी ताकत झोंक रखी है. आप ने विधानसभा चुनाव के लिए दो सीटों पर अपने कैंडिडेट को बदल दिया है. पार्टी ने अब नरेला विधानसभा सीट से शरद चौहान और हरिनगर विधानसभा सीट से सुरेंद्र सेतिया को कैंडिडेट बनाया है.

इनसे पहले आप ने नरेला सीट पर दिनेश भारद्वाज और हरिनगर सीट पर राजकुमारी ढिल्लों को उतारा था. आइए जानते हैं कि पार्टी की ओर से किए गए इस बदलाव की क्या वजह है.

दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की ओर से नामांकन दाखिल करना जारी है. नामांकन से पहले आप ने नरेला और हरिनगर सीट से उम्मीदवार बदलकर सबको चौंका दिया. नरेला विधानसभा हॉट सीट बनी हुई है. वर्तमान में शरद चौहान ही इस सीट से आप के विधायक हैं.

उन्होंने 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में धमाकेदार जीत दर्ज की थी. आप ने इस बार भी उन पर भरोसा जताते हुए उनको टिकट दिया था. मगर नरेला सीट के चुनावी गणित को समझते हुए पार्टी ने उनकी जगह दिनेश भारद्वाज को टिकट दे दिया.

ऐसे ही आप ने हरिनगर विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक राजकुमारी ढिल्लो को टिकट दिया था. उम्मीदवारी का ऐलान होने के बाद से ही राजकुमारी ढिल्लो प्रचार भी कर रही थीं. एक रिपोर्ट के अनुसार, नरेला में प्रचार धीमी गति से चल रहा था. इसके बाद पार्टी ने एक बार फिर सर्वे कराया जिसमें को राजकुमारी ढिल्लो से मजबूत प्रत्याशी बताया गया. इसके बाद आम आदमी पार्टी ने हरिनगर सीट से सुरेंद्र सेतिया को कैंडिडेट बनाने का ऐलान कर दिया. बता दें कि दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों के लिए 5 फरवरी को वोटिंग होगी.

जम्मू-कश्मीर: पीएम मोदी ने किया कश्मीर से सोनमर्ग को जोड़ने वाली जेड मोड़ टनल का उद्घाटन

News web media Uttarakhand : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर के दौरे पर हैं. सोमवार को उन्होंने जेड मोड़ टनल का उद्घाटन किया. कार्यक्रम में इस दौरान, केंद्रीय मंत्री मंत्री नितिन गडकरी, जितेंद्र सिंह, जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित अन्य अदिकारी मौजूद हैं. कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी ने सुरंग का दौरा किया. सुरंग के उद्घाटन के बाद उन्होंने सुरंग का निर्माण करने वाली टीम से बात की. कर्मियों ने पीएम मोदी को निर्माण में आई परेशानियों के बारे में भी बताया.

श्रीनगर-लेह हाइवे एनएच-1 पर गांदरबल में बनी टनल श्रीनगर को सोनमर्ग से जोड़ेगी. ये 6.4 किलोमीटर लंबी डबल टनल है. बर्फबारी की वजह से हाईवे साल में छह महीने तो बंद ही रहता है लेकिन अब इस टनल की मदद से लोगों को ऑल वेदर कनेक्टिविटी मिलेगी.

श्रीनगर-लेह हाइवे पर गगनगीर से सोनमर्ग पहुंचने में पहले एक घंटा लगता था पर अब टनल की मदद से महज 15 मिनट में ये दूरी तय कर ली जाएगी. इस टनल की मदद से गाड़ियों की स्पीड में भी इजाफा होगा. पहले जहां गाड़ियां 30 किमी प्रति घंटे चलती थी पर अब 70 किमी प्रति घंटा चल पाएंगी. पहले जहां इस इलाके को पार करने में तीन से चार घंटे लग जाया करते थे, अब इसकी दूरी 45 मिनट ही लगता है.

जेड मोड़ टनल से पर्यटन के साथ-साथ देश की सुरक्षा को भी बल मिलेगा. ये प्रोजेक्ट बहुत जरुरी है. आसान भाषा में कहें तो बर्फबारी के वक्त जिस सामान को हेलिकॉप्टर से ले जाना पड़ता था. वह अब सड़क मार्ग से लेकर जाया जा सकता है. इससे खर्चा भी कम पड़ेगा. हालांकि, जेड मोड़ टनल के इस्तेमाल में थोड़ा समय लगेगा. क्योंकि इसके आगे जोजिला टनल बनेगी. 2026 में जोजिला टनल का काम पूरा होगा, जिससे अमरनाथ गुफा, कारगिल और लद्दाख को हर मौसम में कनेक्टिविटी मिलेगी.

बता दें, इस प्रोजेक्ट की शुुरुआत साल 2012 में की गई थी. पीपीपी मॉडल के तहत बनी टनल का अगस्त 2023 तक शुरू हो जानी चाहिए थी पर कोरोना काल के कारण इसके निर्माण में देरी हुई. इसके बाद प्रदेश में लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में आचार संहिता लग गई, जिससे टनल का उद्घाटन टलता रह गया. आसान भाषा में बोलें तो टनल को पूरा होने में कुल 12 साल लगे.

बता दें, अक्टूबर 2024 में आतंकवादियों ने टनल में काम करने वाले कर्मचारियों पर हमला कर दिया था. दो आतंकवादी गगनगीर स्थित मजदूरों के कैंप में घुस गए थे. उन्होंने फायरिंग भी की थी. टनल का निर्माण कर रही कंपनी के छह मजदूरों सहित सात लोगों की मौत हो गई थी.

आईटीडीए और एन.आई.सी. द्वारा विकसित की गई विभिन्न डिजिटल परियोजनाओं का सीएम धामी ने किया शुभारंभ

News web media Uttarakhand : सीएम पुष्कर सिंह धामी द्वारा सचिवालय में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और NIC द्वारा विकसित की गई विभिन्न डिजिटल परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया.

इस दौरान सीएम धामी ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर सुरक्षा और डेटा सुरक्षा की चुनौतियां तथा डिजिटल युग में सार्वजनिक सेवाओं को अधिक दक्ष, तीव्र और समावेशी बनाने के लिए नई तकनीकी को आत्मसात करते हुए आईटीडीए और NIC द्वारा संयुक्त रूप से विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं. जिससे आम जनमानस को ऑल इन वन की तर्ज पर एक ही प्लेटफार्म पर आसानी से विविध प्रकार की सेवाएं मिल सकेगी. विभागों के कार्यों की प्रगति ऑनलाइन देखी जा सकेगी; जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि होगी.

उन्होंने कहा कि S3WaaS (Secure, Scalable and Sugamya website as a Service) फ्रेमवर्क में बनी समस्त विभागों की वेबसाइट साइबर सुरक्षा की दृष्टि से एक मील का पत्थर साबित होगी.

सीएम धामी ने कहा कि यह महत्वपूर्ण बात है कि राज्य में ITDA को UIDAI द्वारा AUA (ऑथेंटिकेशन यूजर एजेंसी) -KUA(की यूजर एजेंसी) बनाया गया है. इसके उपरांत आधार ऑथेंटिकेशन एवं EKYC से संबंधित सेवाएं राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा विकसित किए गए पोर्टलों जैसे कि UCC, वर्चुअल रजिस्ट्री आदि के माध्यम से प्रदान की जा सकेगी.

सीएम धामी ने कहा कि राज्य डाटा सेंटर ने भी साइबर अटैक के उपरांत अपने आप को इंप्रूव किया है. नियर डिजास्टर रिकवरी को सचिवालय में स्थापित किया गया है. यह बड़ी बात है कि उक्त नियर डिजास्टर रिकवरी में राज्य की विभिन्न संवेदनशील एप्लीकेशन व वेबसाइट को किसी भी आपात स्थिति होने की दशा में 15 मिनट के अंतराल में सुचारू किया जा सकता है. कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से राज्य डाटा सेंटर के अधीन सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर 24 *7 कार्यरत है. यह कदम उत्तराखंड राज्य के अंतर्गत डिजिटल सिस्टम को और भी सशक्त और बेहतर किया जाने का सराहनीय प्रयास है.

सीएम धामी ने डिजिटल डिजिटलीकरण के बेहतर इंप्लीमेंटेशन के लिए सभी विभागों को बेहतर सेटअप बनाने के निर्देश दिए. उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि अपनी विभागीय सूचनाओं को अपडेट रखें.
उन्होंने आईटीडीए को निर्देशित किया कि विकसित किए गए नए प्लेटफार्म पर सुगमता और तेजी से कार्य करने के लिए सभी विभागों का मार्गदर्शन करें.

मुख्यमंत्री ने NIC और आईटीडीए द्वारा विकसित किए गए प्रयासों की सराहना की तथा भविष्य में भी आईटीडीए और एन आई सी को आपसी समन्वय से उत्तराखंड में आईटी के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने को प्रेरित किया.

इस दौरान बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु व एल फैनई, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, नितेश झा, पंकज पांडेय, दीपेंद्र चौधरी, डॉ आर राजेश कुमार, निदेशक ITDA नीतिका खंडेलवाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.

संत आसाराम बापू को सुप्रीमकोर्ट से राहत, चिकित्सा आधार पर 31 मार्च तक मिली अंतरिम जमानत

News web media Uttarakhand : सुप्रीम कोर्ट ने 2013 के बलात्कार मामले में मेडिकल आधार पर स्वयंभू संत आसाराम बापू को अंतरिम जमानत दे दी हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि आसाराम सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश नहीं करेंगे और अंतरिम पर रिहा होने के बाद अपने अनुयायियों से नहीं मिलेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम को चिकित्सा आधार पर 31मार्च तक अंतरिम जमानत दी है.

इसे आसाराम के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है.