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राष्ट्रीय खेलः स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करेंगी 141 टीमें

News web media Uttarakhand : 38 वें राष्ट्रीय खेल के दौरान खिलाड़ियों और मेहमानों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए 141 टीमों का गठन किया गया है. 28 जनवरी से लेकर 14 फरवरी तक यह टीमें अलर्ट मोड में रहेंगी. इस दौरान जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस से लेकर हेली एंबुलेंस तक की सुविधा तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी.

स्वास्थ्य विभाग ने बड़े स्तर पर राष्ट्रीय खेलों की तैयारियां की हैं. स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार के अनुसार-राज्य स्तर पर राज्य नोडल अधिकारी, उप नोडल अधिकारी व सह नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं. जनपद स्तर पर जिला नोडल अधिकारी मुख्य चिकित्साधिकारी और सह नोडल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी बनाए गए हैं. एंबुलेंस हेतु जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं.

उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप स्टेडियम, रायपुर, देहरादून के धनवन्तरी ब्लॉक में 10 बैडेड अस्पताल खिलाड़ियों हेतु संचालित किया जाएगा. इसी तरह, आईजीआईसीएस स्टेडियम, गोला पार हल्द्वानी में दो बैडेट अस्पताल संचालित किया जाएगा. उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त मात्रा में औषधियां, उपकरण क्रय किए जा रहे हैं.

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार के अनुसार-डॉ० तरूण टम्टा, प्रमुख अधीक्षक, जिला चिकित्सालय, नैनीताल को कुमाऊं मंडल का नोडल अधिकारी नामित किया गया है. डॉ टम्टा ने स्पोर्ट्स मेडिसन में शिक्षा प्राप्त की है. निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, गढ़वाल मंडल पौड़ी गढ़वाल के स्तर पर डॉ केएस नेगी को गढ़वाल मंडल का नोडल अधिकारी नामित किया गया है. नोडल अफसरों को स्थलीय निरीक्षण करने के लिए कहा गया है.

इस तरह की हैं विभाग की तैयारियां

1-प्राइमरी हेल्थ केयर, सेकेंड्री हेल्थकेयर व टर्रसियरी हेल्थ केयर के नोडल अधिकारी और सह नोडल अधिकारी बनाए गए हैं. सेकेंड्री हेल्थ केयर, जो जिला चिकित्सालय है, उनमें चिकित्सा विशेषज्ञ जैसे-न्यूरो, कार्डिक, हैड इंजरी एवं स्पाइन इंजरी को उक्त अवधियों में ऑन-कॉल (24×7) रखे गए हैं.

2-प्रत्येक जिला चिकित्सालय में 03 ऑन कॉल (24×7) एंबुलेंस मय आवश्यक औषधि सहित तैनात है. खेल स्पर्धा में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के रहने के स्थान के निकटतम चिकित्सा ईकाईयों में ऑन-कॉल (24×7) टीमें तैनात की गई हैं. प्रत्येक जनपद में सूचीबद्ध चिकित्सालयों की व्यवस्था की गई है.

3-प्रत्येक खेल व शिफ्ट में एक टीम बनाई गई है, जिसमें डॉक्टर-01, नर्सिंग स्टॉफ-02, फिजियोथेरेपिस्ट-02(महिला/पुरुष) व वार्ड ब्वाय-01 को टीम में रखा गया है और 01 टीम को स्टैंड बाय रखा गया है.

4-सभी खेल स्थलों में 01-एएलएस एंड 01-बीएलएस एंबुलेंस की तैनाती चिकित्सकीय दल के साथ की गई है. 01 बीएलएस एंबुलेंस को स्टैंड बाय रखा गया है.

5-प्रत्येक जिला चिकित्सालय में 03 ऑन-कॉल (24×7) एंबुलेंस मय आवश्यक औषधि सहित तैनात है. खेल स्पर्धा में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के रहने के स्थान के निकटतम चिकित्सा इकाईयों में ऑन-कॉल (24×7) टीमें तैनात की गई है.

तैयारियों का ये भी लेखा-जोखा

150 डॉक्टर, 300 नर्सिंग स्टॉफ, 25 फिजियोथेरेपिस्ट, 30 फार्मासिस्ट व 50 वार्ड ब्वाय तैनात किए गए हैं.

115 एंबुलेंस राष्ट्रीय खेलों के दौरान तैनात रहेंगी. ये एंबुलेंस विभागीय और 108 सेवा की हैं.

05 बैड एम्स ऋषिकेश के ट्रामा विभाग में दिनांक 28 जनवरी 2025 से दिनांक 14 फरवरी 2025 तक) रिजर्व रहेंगे. आवश्यकता पड़ने पर एयरलिफ्ट की सुविधा हेली एंबुलेंस के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी.

50 चिकित्साधिकारियों को एम्स ऋषिकेश में कैपेसिटी बिल्डिंग हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया गया है. यह चिकित्साधिकारी समस्त जनपद के हैं.

“राष्ट्रीय खेल हमारे राज्य के लिए गौरव का क्षण है. खिलाड़ियों और मेहमानों को उच्चतम स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है. हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान रखा गया है.

उत्तराखंड में यूसीसी को लेकर बोले असदुद्दीन ओवैसी,आप केवल मुसलमानों की शादियां और तलाक रोक रहे

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड सरकार राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी में है. इसकी को लेकर एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी का बड़ा बयान सामने आया है. ओवैसी ने कहा कि जब आप हिंदू विवाह अधिनियम, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम को अपवाद दे रहे हैं तो इसे यूसीसी नहीं कहा जा सकता है और यह आदिवासियों पर भी लागू नहीं होगा. ये कैसा यूनिफ्रॉम सिविल कोड? उन्होंने साफ तौर पर कहा कि आप केवल मुसलमानों की शादियाँ और तलाक रोक रहे हैं.

ओवैसी ने आगे कहा कि आप यूनिफ्रॉम सिविल कोड की बात करते हैं, लेकिन अगर कोई हिंदू धर्म से किसी अन्य धर्म में परिवर्तन करना चाहता है, तो उसे अनुमति लेनी होगी. उन्होंने कहा कि वे वक्फ को बर्बाद करने और उसकी संपत्तियों को लूटने के लिए यह बिल ला रहे हैं.’ जैसे सीएए पर विरोध हुआ था, वैसे ही अगर वक्फ संशोधन बिल पास हुआ तो भी विरोध होगा. इससे पहले उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने सोमवार को राज्य सचिवालय में आयोजित एक बैठक के दौरान समान नागरिक संहिता (यूसीसी) नियमावली को मंजूरी दे दी.

अधिकारियों के अनुसार, यह विकास विधायी विभाग द्वारा मैनुअल की सावधानीपूर्वक समीक्षा के बाद हुआ. मंजूरी के बारे में बोलते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2022 के चुनावों से पहले किए गए अपने वादों को पूरा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया. धामी ने कहा कि हमने 2022 में उत्तराखंड की जनता से वादा किया था कि हमारी सरकार बनते ही हम यूसीसी बिल लाएंगे. हम इसे ले आये. मसौदा समिति ने इसका मसौदा तैयार किया, यह पारित हुआ, राष्ट्रपति ने इसे मंजूरी दी और यह एक अधिनियम बन गया. ट्रेनिंग की प्रक्रिया भी लगभग पूरी हो चुकी है. उन्होंने कहा कि हर चीज का विश्लेषण करने के बाद हम जल्द ही तारीखों की घोषणा करेंगे.

यहां यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि भाजपा सरकार ने पिछले साल 6 फरवरी को उत्तराखंड विधानसभा के एक विशेष सत्र के दौरान यूसीसी विधेयक पेश किया था और इसे एक दिन बाद 7 फरवरी को आरामदायक बहुमत के साथ पारित किया गया था. उत्तराखंड विधानसभा के बाद, फरवरी में यूसीसी विधेयक पारित किया गया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 13 मार्च को इस पर हस्ताक्षर किए, जिससे उत्तराखंड के लिए यूसीसी अधिनियमित करने वाला भारत का पहला राज्य बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया.

सैनिक स्कूल के लिए आवेदन की आखिरी तारीख आज, जानें पूरी डिटेल

News web media Uttarakhand : ऑल इंडिया सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा (AISSEE) 2025-26 के लिए आवेदन की आखिरी तारीख आज, 13 जनवरी 2025 है. अगर आपने अभी तक आवेदन नहीं किया है, तो जल्दी ही आधिकारिक वेबसाइट /exams.nta.ac.in/AISSEE/ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी करें.

शैक्षणिक योग्यता-:
कक्षा 6 में प्रवेश के लिए स्टूडेंट्स की आयु 31 मार्च 2025 तक 10 से 12 वर्ष के बीच होनी चाहिए, यानी जन्म 1 अप्रैल 2013 से 31 मार्च 2015 के बीच हुआ हो.लड़के और लड़कियां दोनों आवेदन कर सकते हैं. वहीं क्लास 9 की बात करें तो स्टूडेंट्स की आयु 31 मार्च 2025 तक 13 से 15 वर्ष के बीच होनी चाहिए, यानी जन्म 1 अप्रैल 2010 से 31 मार्च 2012 के बीच हुआ हो. केवल लड़के आवेदन कर सकते हैं. उम्मीदवार वर्तमान में किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में कक्षा 8 में पढ़ाई कर रहा हो.

आवेदन प्रक्रिया-:

उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट exams.nta.ac.in/AISSEE/) पर जाएं.

  1. ‘नए उम्मीदवार पंजीकरण’ लिंक पर क्लिक करें और आवश्यक विवरण भरकर रजिस्ट्रेशन करें.
  2. पंजीकरण के बाद, लॉगिन करें और आवेदन फॉर्म भरें.
  3. आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें, जैसे फोटो, हस्ताक्षर आदि.
  4. शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करें.
  5. आवेदन फॉर्म जमा करें और भविष्य के संदर्भ के लिए प्रिंट आउट लें.

परीक्षा पैटर्न-:
कक्षा 6 के लिए

  • परीक्षा अवधि: 150 मिनट.
  • विषय: गणित, इंटेलिजेंस, भाषा, सामान्य ज्ञान.
  • कुल अंक: 300

कक्षा 9 के लिए-:

  • परीक्षा अवधि: 180 मिनट.
  • विषय: गणित, इंटेलिजेंस, अंग्रेजी, सामान्य विज्ञान, सामाजिक अध्ययन.
  • कुल अंक: 400

इन तारीखों को रखें याद-:

  • -आवेदन की अंतिम तिथि: 13 जनवरी 2025, शाम 5 बजे तक
    -आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि: 14 जनवरी 2025, रात 11:50 बजे तक
  • -फॉर्म में त्रुटि सुधार की अवधि: 16 से 18 जनवरी 2025
  • -परीक्षा तिथि: मार्च 2025 (सटीक तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी)

उतराखंड कैबिनेट ने दी यूसीसी की नियमावली को मंजूरी, प्रदेश में जल्द होगा लागू

News web media Uttarakhand : सोमवार को उत्तराखंड कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता( यूसीसी) की नियमावली को मंजूरी दे दी है. अब इसे जल्द ही प्रदेश में लागू किया जा सकेगा.

सीएम धामी की अध्यक्षता में आज प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक हुई. इसमें यूसीसी का प्रस्ताव लाया गया. इस दौरान कैबिनेट ने नियमावली के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी. सीएम धामी ने कहा कि 2022 में हमारी सरकार ने यूसीसी बिल लाकर जनता से किया वादा पूरा किया था.

तब से हम इसकी सारी प्रक्रियाएं पूरी कर इसे जल्द से जल्द लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.यह उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है कि हमारा प्रदेश सबसे पहले यूसीसी लागू करेगा. सब तैयारियां पूरी हो गई हैं. जल्द हम इसे लागू करेंगे.

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का वेबपोर्टल 21 जनवरी को पहली बार प्रदेशभर में एक साथ उपयोग में आएगा. फिलहाल यह कवायद सरकार के अभ्यास (मॉक ड्रिल) का हिस्सा होगी. इसके बाद यूसीसी को लागू किया जा सकता है. मॉक ड्रिल में यूसीसी का प्रशिक्षण ले रहे रजिस्ट्रार, सब रजिस्ट्रार और अन्य अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों में यूसीसी पोर्टल पर लॉगइन करेंगे.

उसके जरिये विवाह, तलाक, लिव इन रिलेशन, वसीयत आदि सेवाओं के पंजीकरण का अभ्यास करेंगे. सुनिश्चित करेंगे कि यूसीसी लागू होने के बाद आम लोगों को उससे संबंधित सेवाएं मिलने में कोई तकनीकी बाधा तो नहीं आएगी. मॉक ड्रिल से सरकार, विशेष समिति और प्रशिक्षण टीम अपनी-अपनी तैयारियों को परख सकेंगी.

निकाय चुनाव के बीच गरमाई सियासत, BJP ने बताया देहरादून की मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों का क्या होगा?

News web media Uttarakhand : देहरादून में निकाय चुनाव के बीच एक बार फिर मलिन बस्तियों का मुद्दा गरमाने लगा है। निकाय चुनाव के बीच ही एनजीटी ने उत्तराखंड सरकार के मलिन बस्तियों को सुरक्षित करने के अध्यादेश को लेकर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में एक बार फिर मलिन बस्तियों पर खतरा मंडरा रहा है।
हाईकोर्ट पहले ही इस मामले पर सरकार से जबाव तलब कर चुका है। इस तरह से भाजपा सरकार मलिन बस्तियों के मामले में घिरती हुई नजर आ रही है। कांग्रेस को निकाय चुनाव में बड़ा मुद्दा मिल गया है। साथ ही भाजपा सरकार पर हमलावर है।
इस बीच भाजपा ने मलिन बस्तियों के कांग्रेसी भ्रम पर पलटवार कर कहा की हम किसी को बेघर नहीं होने देंगे। बता दें कि देहरादून में मलिन बस्तियां हमेशा से ही भाजपा, कांग्रेस दोनों के लिए सियासी वोट बैंक माना जाता रहा है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी ने कांग्रेस द्वारा भाजपा के संकल्प पत्र पर उठाए सवालों का ज़बाब देते हुए कहा कि उनके द्वारा फैलाई जा रही यह पूरी तरह निराधार और सरासर झूठ है। कहा की इसी तरह की भ्रांतियां हमारे इसी विपक्षी दल द्वारा केदारनाथ उपचुनाव में भी फैलाई जाती रही थी। यही काम वह मालिन बस्तियों को लेकर कर रहे हैं। जबकि सच्चाई यह है कि जो भी लोग इनमें निवास कर रहे हैं उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है, भाजपा सरकार उनके साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा कि हम ही अध्यादेश लाकर गरीब लोगों का संरक्षण कर रहे हैं। इस मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट है कि उनके सुनियोजित पुनर्वास की व्यवस्था होने तक किसी को भी हटाया नहीं जाएगा। क्योंकि वे सभी लोग हमारे हैं और गरीब तबका या साधनहीन लोगों को हम लगातार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत या अन्य योजना के तहत लगातार व्यवस्थाएं दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हम किसी को भी बेघर नहीं होने देंगे, हम किसी को भी अतिक्रमण या अन्य व्यवस्था के नाम पर परेशान किए जाने के पक्ष में नहीं हैं। हमारी सरकार की मंशा स्पष्ट है, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लगातार करोड़ों लोगों के घर का सपना पूरा की मुहिम को उत्तराखंड में भी तेजी से आगे बढ़ाना। कहा कि लिहाजा जो इस प्रकार की भ्रांतियां फैलाई जा रही है यह बिल्कुल तथ्यहीन है और पार्टी ऐसी राजनीति की कड़े शब्दों में निंदा करती है। महामंत्री ने बताया कि कार्यकर्ता संकल्प पत्र को लेकर घर-घर पहुंच रहे हैं। जिसमें जनसंपर्क और कमरा बैठक से सरकार की उपलब्धि और हमारा आगे का संकल्प क्या है, दोनों विषयों पर जनता से चर्चा की जा रही है।

राष्ट्रीय खेल-1200 विशिष्ट खेल स्वयंसेवक भी होंगे तैनात

News web media Uttarakhand : राष्ट्रीय खेलों में 1200 विशिष्ट खेल स्वयंसेवकों की भी तैनाती की जाएगी. नेशनल फेडरेशन स्पोर्ट्स ऑफ इंडिया के स्तर पर उत्तराखंड को यह स्वयंसेवक उपलब्ध कराए जाएंगे. उत्तराखंड अपने स्तर से भी करीब 2300 सामान्य स्वयंसेवकों को चयनित करने जा रहा है. विशिष्ट खेल स्वयंसेवक इनसे अलग होंगे. हालांकि सामान्य स्वयंसेवकों के साथ ही इन्हें भी व्यवहार और शिष्टाचार की ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी.

उत्तराखंड राष्ट्रीय खेलों के 38 वें संस्करण की मेजबानी कर रहा है. यह आयोजन 28 जनवरी से शुरू होने जा रहा है. तमाम तरह की व्यवस्थाओं को बनाने के लिए दो तरह के स्वयंसेवक अपना योगदान करेंगे. इसमें से सामान्य स्वयंसेवकों की भर्ती की प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है. 30 हजार से ज्यादा लोगों ने स्वयंसेवक बनने के लिए रजिस्ट्रेशन किया है. इन सभी को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई है. ऑनलाइन परीक्षा भी ली गई है. इसके परिणाम के आधार पर ही स्वयंसेवक भर्ती किए जाएंगे.

राष्ट्रीय खेल सचिचालय के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशांत आर्या के अनुसार-सामान्य स्वयंसेवकों के अलावा विशिष्ट खेल स्वयंसेवकों की भी तैनाती की जाएगी. नेशनल फेडरेशन स्पोर्ट्स ऑफ इंडिया के माध्यम से ये स्वयंसेवक उत्तराखंड को प्राप्त होंगे, जिनकी विभिन्न स्थानों पर तैनाती की जाएगी.

विशिष्ट खेल स्वयंसेवकों की ये है विशिष्टता

नेशनल फेडरेशन स्पोर्ट्स ऑफ इंडिया इन विशिष्ट खेल स्वयंसेवकों को उपलब्ध कराता है. खेल पृष्ठभूमि वाले इन स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का अनुभव होता है. सामान्य स्वयंसेवकों को जहां पार्किंग, मेहमानों को लाने-ले जाने संबंधी अन्य सामान्य व्यवस्थाओं में उपयोग किया जाता है, वहीं विशिष्ट स्वयंसेवकों को खेल से सीधे जुड़ी व्यवस्थाओं में जिम्मेदारी दी जाती है. स्वयंसेवकों से संबंधित कार्य देख रहे प्रतीक जोशी के अनुसार-विशिष्ट खेल स्वयंसेवकों को प्रतिदिन एक हजार रूपये मानदेय दिया जाएगा. सामान्य स्वयंसेवक का प्रतिदिन का मानदेय पांच सौ रूपये तय किया गया है.

38 वें राष्ट्रीय खेलों के लिए उत्तराखंड पूरी तरह से तैयार है. यह खुशी की बात है कि हर वर्ग राष्ट्रीय खेलों से किसी न किसी रूप में जुड़ने के लिए तैयार है. खेलों का यह बहुत बड़ा उत्सव है, जो कि उत्तराखंड में खेल विकास के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण साबित होगा.

बीजेपी ने जारी किया अपना संकल्प पत्र, नड्डा ने किए ये बड़े ऐलान

News web media Uttarakhand : दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है. केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कई बड़े ऐलान किए हैं. साथ ही जेपी नड्डा ने विरोधियों पर भी जमकर निशाना साधा.

जेपी नड्डा की बड़ी बातें
दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर पर 500 रुपये सब्सिडी देंगे.
होली दिवाली पर एक-एक सिलेंडर फ्री दिया जाएगा.
गर्भवती महिलाओं को 21 हजार रुपये की मदद देंगे.
महिलाओं को प्रति माह 2500 रुपये दिए जाएंगे.
आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में लागू करेंगे.
5 लाख तक का अतिरिक्त स्वास्थ्य बीमा भी दिया जाएगा.
वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन बढ़ाई जाएगी.
दिल्ली में अटल कैंटीन योजना शुरू की जाएगी.
झुग्गियों में 5 रुपये में भोजन की योजना.

बाबा सिद्दिकी की हत्या, सलमान खान के घर फायरिंग-सैफ अली खान पर हमले से है कोई कनेक्शन!

News web media Uttarakhand : 14 अप्रैल को सलमान खान के गैलेक्स अपार्टमेंट पर फायरिंग हुई. 12 अक्टूबर को बाबा सिद्दिकी की हत्या हो गई. अब 16 जनवरी को सैफ अली खान पर चाकू से हमला हुआ. सैफ अली खान के बांद्रा वाले घर में अटैकर ने उन पर चाकू से हमला किया. इस हमले में वह घायल हो गए. अभी लीलावती अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है.

ये तीनों अलग-अलग घटनाएं हैं. पर सवाल एक ही है. आखिर मुंबई में हो क्या रहा. हमलावर इतनी आसानी से कैसे किसी वीआईपी को टारगेट कर दे रहे. क्या सैफ अली खान पर हुए हमले का सलमान खान के घर फायरिंग और बाबा सिद्दिकी मर्डर केस से कोई कनेक्शन है?

सबसे पहले जानते हैं कि सैफ अली खान के साथ क्या हुआ. सैफ अली खान के बांद्रा वाले घर में गुरुवार तड़के एक चोर घुस आया था. तब घर के सभी सदस्य सोए हुए थे. खुद सैफ अली खान भी गहरी नींद में थे. अटैकर सैफ के सबसे छोटे बेटे जहांगीर के कमरे में छिपा था. उस अटैकर को सबसे पहले सैफ अली खान के घर कामवाली नौकरानी ने देखा. इसके बाद वह जोर से चिल्लाई. आवाज सुनकर सैफ अली खान दौड़कर आए. निहत्थे ही सैफ ने अटैकर का मुकाबला किया. उन्होंने अपने बच्चे और नौकरानी को बचा तो लिया. मगर वह इस हाथापाई में घायल हो गए. अटैकर ने 6 बार सैफ को चाकू से हमला किया.

सूत्रों की मानें तो सैफ अली खान अपने छोटे बेटे जहांगीर और परिवार की रक्षा के लिए बगैर हथियार के ही अटैकर से भिड़ गए. चोर और सैफ के बीच खूब हाथापाई हुई. चोर ने चाकू से सैफ पर ताबड़तोड़ वार किए. पुलिस का कहना है कि चोर चोरी के इरादे से घर में घुसा था. पर जिस तरह की घटना हुई है, उससे लग नहीं रहा कि यह केवल चोरी के इरादा से है.

यह घटना आधी रात दो बजे की है. फिलहाल, पुलिस हर एंगल से इस मामले की जांच कर रही है. मुंबई क्राइम ब्रांच की 8 टीमें जांच में जुटी हैं. लीलावती अस्पताल के डॉक्टर ने हेल्थ अपडेट दिया और कहा कि सैफ की हालत ठीक है. सर्जरी पूरी हो गई है.

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: आप ने नरेला और हरिनगर सीट पर बदले कैंडिडेट, अब इन्हें दिया मौका

News web media Uttarakhand : दिल्ली में विधानसभा चुनाव को लेकर जबरदस्त माहौल है. आम आदमी पार्टी (AAP) ने पूरी ताकत झोंक रखी है. आप ने विधानसभा चुनाव के लिए दो सीटों पर अपने कैंडिडेट को बदल दिया है. पार्टी ने अब नरेला विधानसभा सीट से शरद चौहान और हरिनगर विधानसभा सीट से सुरेंद्र सेतिया को कैंडिडेट बनाया है.

इनसे पहले आप ने नरेला सीट पर दिनेश भारद्वाज और हरिनगर सीट पर राजकुमारी ढिल्लों को उतारा था. आइए जानते हैं कि पार्टी की ओर से किए गए इस बदलाव की क्या वजह है.

दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की ओर से नामांकन दाखिल करना जारी है. नामांकन से पहले आप ने नरेला और हरिनगर सीट से उम्मीदवार बदलकर सबको चौंका दिया. नरेला विधानसभा हॉट सीट बनी हुई है. वर्तमान में शरद चौहान ही इस सीट से आप के विधायक हैं.

उन्होंने 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में धमाकेदार जीत दर्ज की थी. आप ने इस बार भी उन पर भरोसा जताते हुए उनको टिकट दिया था. मगर नरेला सीट के चुनावी गणित को समझते हुए पार्टी ने उनकी जगह दिनेश भारद्वाज को टिकट दे दिया.

ऐसे ही आप ने हरिनगर विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक राजकुमारी ढिल्लो को टिकट दिया था. उम्मीदवारी का ऐलान होने के बाद से ही राजकुमारी ढिल्लो प्रचार भी कर रही थीं. एक रिपोर्ट के अनुसार, नरेला में प्रचार धीमी गति से चल रहा था. इसके बाद पार्टी ने एक बार फिर सर्वे कराया जिसमें को राजकुमारी ढिल्लो से मजबूत प्रत्याशी बताया गया. इसके बाद आम आदमी पार्टी ने हरिनगर सीट से सुरेंद्र सेतिया को कैंडिडेट बनाने का ऐलान कर दिया. बता दें कि दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों के लिए 5 फरवरी को वोटिंग होगी.

जम्मू-कश्मीर: पीएम मोदी ने किया कश्मीर से सोनमर्ग को जोड़ने वाली जेड मोड़ टनल का उद्घाटन

News web media Uttarakhand : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर के दौरे पर हैं. सोमवार को उन्होंने जेड मोड़ टनल का उद्घाटन किया. कार्यक्रम में इस दौरान, केंद्रीय मंत्री मंत्री नितिन गडकरी, जितेंद्र सिंह, जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित अन्य अदिकारी मौजूद हैं. कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी ने सुरंग का दौरा किया. सुरंग के उद्घाटन के बाद उन्होंने सुरंग का निर्माण करने वाली टीम से बात की. कर्मियों ने पीएम मोदी को निर्माण में आई परेशानियों के बारे में भी बताया.

श्रीनगर-लेह हाइवे एनएच-1 पर गांदरबल में बनी टनल श्रीनगर को सोनमर्ग से जोड़ेगी. ये 6.4 किलोमीटर लंबी डबल टनल है. बर्फबारी की वजह से हाईवे साल में छह महीने तो बंद ही रहता है लेकिन अब इस टनल की मदद से लोगों को ऑल वेदर कनेक्टिविटी मिलेगी.

श्रीनगर-लेह हाइवे पर गगनगीर से सोनमर्ग पहुंचने में पहले एक घंटा लगता था पर अब टनल की मदद से महज 15 मिनट में ये दूरी तय कर ली जाएगी. इस टनल की मदद से गाड़ियों की स्पीड में भी इजाफा होगा. पहले जहां गाड़ियां 30 किमी प्रति घंटे चलती थी पर अब 70 किमी प्रति घंटा चल पाएंगी. पहले जहां इस इलाके को पार करने में तीन से चार घंटे लग जाया करते थे, अब इसकी दूरी 45 मिनट ही लगता है.

जेड मोड़ टनल से पर्यटन के साथ-साथ देश की सुरक्षा को भी बल मिलेगा. ये प्रोजेक्ट बहुत जरुरी है. आसान भाषा में कहें तो बर्फबारी के वक्त जिस सामान को हेलिकॉप्टर से ले जाना पड़ता था. वह अब सड़क मार्ग से लेकर जाया जा सकता है. इससे खर्चा भी कम पड़ेगा. हालांकि, जेड मोड़ टनल के इस्तेमाल में थोड़ा समय लगेगा. क्योंकि इसके आगे जोजिला टनल बनेगी. 2026 में जोजिला टनल का काम पूरा होगा, जिससे अमरनाथ गुफा, कारगिल और लद्दाख को हर मौसम में कनेक्टिविटी मिलेगी.

बता दें, इस प्रोजेक्ट की शुुरुआत साल 2012 में की गई थी. पीपीपी मॉडल के तहत बनी टनल का अगस्त 2023 तक शुरू हो जानी चाहिए थी पर कोरोना काल के कारण इसके निर्माण में देरी हुई. इसके बाद प्रदेश में लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में आचार संहिता लग गई, जिससे टनल का उद्घाटन टलता रह गया. आसान भाषा में बोलें तो टनल को पूरा होने में कुल 12 साल लगे.

बता दें, अक्टूबर 2024 में आतंकवादियों ने टनल में काम करने वाले कर्मचारियों पर हमला कर दिया था. दो आतंकवादी गगनगीर स्थित मजदूरों के कैंप में घुस गए थे. उन्होंने फायरिंग भी की थी. टनल का निर्माण कर रही कंपनी के छह मजदूरों सहित सात लोगों की मौत हो गई थी.