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ग्रीन चारधाम यात्रा अभियान शुरू, शीतकाल यात्रा के स्थलों का मास्टर प्लान तैयार करने के CM धामी ने दिए निर्देश

News web media Uttarakhand : आगामी 30 अप्रैैल से शुरू होने वाली चार धाम यात्रा को लेकर सरकार की और से तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बीच सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ग्रीन चारधाम यात्रा का अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य में ग्रीन चारधाम यात्रा की शुरूआत करने के साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक का चारधाम यात्रा के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिये।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर ​कहा कि यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए हर स्तर पर कार्य किये जाएं। यह यात्रा राज्य की लाइफलाइन है और आर्थिकी का बड़ा माध्यम है। पिछले साल की यात्रा में आई चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आगे की योजना पर कार्य किये जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सभी आईएएस, आईपीएस और पीसीएस अधिकारियों से कहा कि उन्होंने राज्य के जिस तहसील, पुलिस थाने, ब्लॉक या अन्य क्षेत्रों से नौकरी की शुरूआत की है, उन्हें गोद लेकर उनके विकास में योगदान दें। यह सुनिश्चित किया जाए कि श्रद्धालुओं को अनावश्यक रूप से परेशानी न हो। चारधाम यात्रा मार्गों में श्रद्धालुओं के लिए हेल्थ स्क्रीनिंग टैस्ट की समुचित व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही पशुपालन विभाग समय पर घोड़े-खच्चरों का स्वास्थ्य परीक्षण भी करे। साथ ही यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के लिए पर्याप्त संख्या में गर्म पानी और चारे की व्यवस्था उपलब्ध रहे।
यात्रा शुरू होने से पहले संकरे मार्गों का चौड़ीकरण और जिन स्थानों पर सड़क निर्माण से सबंधित कार्य चल रहे हैं, उन्हें पूर्ण किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं को अनावश्यक रूप से रूकना न पड़े। यातायात प्रबंधन की दृष्टि से रोकना भी पड़े, तो उन्हें सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि विजिलेंस द्वारा हेलिकाप्टर टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए सतर्क होकर निगरानी की जाय और संबंधितों पर सख्त कार्रवाई की जाए। यात्रा मार्गों पर शौचालयों की पूर्ण व्यवस्था के साथ पिंक टॉयलेट की भी पर्याप्त व्यवस्था की जाए। यात्रा मार्गों पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा भी स्वच्छता अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि मार्च माह में विभागीय सचिव और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करें। चारधाम यात्रा के लिए वैकल्पिक मार्गों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। चारधाम यात्रा मार्ग पर मोबाइल कनेक्टिविटी, संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक संसाधनों और ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था की जाए। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किया जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मौसम के रियल टाइम अपडेट सिस्टम को मजबूत बनाया जाए। इस अवसर पर सीएम ने यात्रा मार्ग से जुड़े जिलों के डीएम से यात्रा मार्ग से जुड़ी विभिन्न तैयारियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के शीतकाल यात्रा के स्थलों का मास्टर प्लान तैयार किया जाए। इनके आसपास के क्षेत्रों को भी विकसित किया जाए। गंगोत्री और यमुनोत्री के मास्टर प्लान पर भी कार्य किया जाए। 2026 में होने वाली नंदा राजजात और 2027 के कुंभ के लिए भी अभी से तैयारी करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

आरा में बेखौफ डकैतों ने तनिष्क शो रूम को बनाया अपना निशाना, 25 करोड़ से अधिक के जेवर लुटे

News web media Uttarakhand : बिहार के आरा में एक बार फिर बेखौफ डकैतों ने तनिष्क शो रूम को अपना निशाना बनाया है. भोजपुर जिले में आरा बाजार के गोपाली चौक स्थित तनिष्क शो रूम में धड़धड़ाते घुसे बदमाशों ने शोरूम के कर्मचारियों को बंधक बनाकर महज 20 मिनट में ही 25 करोड़ से अधिक के जेवर लूट लिए. बदमाश इतने बेखौफ थे कि किसी ने भी ना तो अपना चेहरा छुपाने की कोशिश की और ना ही इस वारदात के दौरान किसी से डरे.

बल्कि वारदात के बाद खूब आराम से बाहर निकले और बाइक पर सवार होकर फरार हो गए. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने बताया कि डकैतों की संख्या 6 से 7 हो सकती है. पुलिस ने शोरूम से सीसीटीवी कब्जे में लिया है. इसमें 20 मिनट तक बदमाश शोरूम के अंदर नजर आ रहे हैं और इतने ही समय में 25 करोड़ से अधिक के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया. पुलिस ने पूरे शहर की नाकेबंदी कर दी है. सीसीटीवी देखने के बाद दियारा क्षेत्र में पुलिस की 2 टीमों ने कांबिंग शुरू कर दी है.

पुलिस के मुताबिक सुबह जैसे ही तनिष्क शोरूम खुला, तभी ग्राहक के रूप में 2 बदमाश अंदर घुस आए. इन बदमाशों ने अंदर घुसते ही वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड को तमंचे के दम पर बंधक बना लिया. इतने में तीन और बदमाश अंदर घुस आए. इन बदमाशों ने शोरूम में मौजूद सेल्समैन एवं अन्य कर्मचारियों को तमंचे की दम पर बंधक बनाकर एक जगह खड़ा कर दिया. इसके बाद बाकी बदमाशों ने शोरूम में मौजूद जेवर समेटने शुरू कर दिए. इस दौरान बदमाशों ने कीमती जेवर का पता नहीं बताने पर तमंचे के बट से एक सेल्समैन पर हमला भी किया है.

वारदात के बाद बदमाश बड़े आराम से बाहर निकले और बाइक पर सवार होकर अलग अलग दिशा में भाग गए. हालांकि पुलिस सूत्रों ने दावा किया कि आगे जाकर यह दोनों बदमाश छपरा की ओर भागे हैं. तनिष्क के स्टोर मैनेजर कुमार मृत्युंजय ने बताया कि करीब 50 करोड़ के हीरे और सोने के जेवरात थे. जिसमें आठ के संख्या में आए हथियारबंद बदमाशों ने करीब 25 करोड़ से ज्यादा के हीरे, सोने के बेशकीमती जेवर आदि लूट ले गए हैं. उन्होंने बताया कि बदमाशों ने यह वारदात उस समय अंजाम दिया, जब स्टोर में महिला एवं पुरुष मिलाकर कुल 25 से ज्यादा स्टाफ मौजूद था.

बदमाशों की तलाश में कांबिंग कर रही पुलिस ने बडहरा थाना क्षेत्र के बबुरा इलाके में एनकाउंटर के दौरान दो बदमाशों को दबोच लिया है. पुलिस ने इन दोनों बदमाशों के पैर में गोली मारी है. इस एनकाउंटर के दौरान बदमाशों ने भी पुलिस पर फायरिंग की है. गनीमत रही कि गोली किसी पुलिसकर्मी को नहीं लगी है. पुलिस के मुताबिक बदमाशों के पास से लूट का काफी माल बरामद कर लिया गया है. हालांकि अभी तक पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. फिलहाल घायल बदमाशों की पहचान सारण (छपरा) के सोनपुर थाना क्षेत्र में सेमरा गांव निवासी कुणाल और दिघवारा विशाल कुमार के रूप में हुई है. पुलिस अब बाकी बदमाशों की तलाश कर रही है.

उत्तराखंड का नया मुख्य सचिव कौन? इसी महीने रिटायर हो रहीं राधा रतूड़ी, जानिए किनको मिल सकती है कुर्सी

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड का नया मुख्य सचिव कौन होगा, इसको लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। वर्तमान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी का कार्यकाल इस माह समाप्त हो रहा है। वर्तमान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को दो बार छह-छह माह का सेवा विस्तार मिल चुका है।
31 मार्च को उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है। तीसरी बार सेवा विस्तार मिलने की संभावना कम मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि उन्होंने हाल ही में मुख्य सूचना आयुक्त के लिए आवेदन किया है। ऐसे में साफ है कि राधा रतूडी को मुख्य ​सचिव की जगह अब नई जिम्मेदारी मिलने जा रही है।
1988 बैच की आईएएस अधिकारी राधा रतूड़ी अपनी सेवानिवृत्ति से दो माह पूर्व 31 जनवरी 2024 को मुख्य सचिव बनीं थीं। वह प्रदेश की पहली महिला मुख्य सचिव बनीं। दो महीने का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें प्रदेश सरकार ने छह महीने का सेवा विस्तार दे दिया था। इसके बाद 30 सितंबर को राधा रतूड़ी का कार्यकाल पूरा हुआ। लेकिन सरकार ने एक बार फिर उन्हें सेवा विस्तार दिया। लेकिन अब किसी दूसरे वरिष्ठ नौकरशाह को जिम्मेदारी मिलनी तय है।
प्रदेश में मुख्य सचिव के लिए वरिष्ठता क्रम में 1992 बैच के आईएएस आनंदबर्द्धन हैं, जिनका केंद्र में भी इम्पैनलमेंट हो गया है। हालांकि उन्होंने यहीं सेवाएं देने की बात कही है। उनके बाद वरिष्ठता क्रम में प्रमुख सचिव एल फैनई और आरके सुधांशु के नाम भी शामिल हैं। मुख्य सचिव बनने के लिए कम से कम 30 वर्ष की सेवा अवधि होनी चाहिए। वरिष्ठता के हिसाब से देखें तो 1992 बैच के आईएएस आनंदबर्धन अकेले अफसर हैं, जो इस लिहाज से सबसे फिट बताए जा रहे हैं। उनका हाल ही में केंद्र में सचिव पद के सापेक्ष इम्पैनलमेंट भी हो गया है। हालांकि वे यहीं सेवाएं देंगे। वर्तमान में आनंदबर्द्धन अपर मुख्य सचिव पद पर सेवाएं दे रहे हैं। वरिष्ठता क्रम में 1997 बैच के प्रमुख सचिव एल फैनई और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री आरके सुधांशु भी हैं। अभी ये अपर मुख्य सचिव पद के लिए पात्र होने वाले हैं। सरकार के पास विकल्प काफी सीमित हैं। उम्मीद की जा रही है कि मार्च के आखिरी सप्ताह में इस पर सरकार फैसला ले लेगी।

जम्मू-कश्मीर बजट: अय्य परिवारों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली, पर्यटन के लिए ₹400 करोड़ की घोषणा

News web media Utttarakhand : भारत में कृषि आय सामान्यत: आयकर से मुक्त होती है, लेकिन आयकर विभाग ने हाल ही में कृषि आय की घोषणाओं में धोखाधड़ी के मामलों पर ध्यान केंद्रित किया है। विभाग ने उन व्यक्तियों और संस्थाओं की जांच शुरू की है जो बिना भूमि स्वामित्व के ₹50 लाख या उससे अधिक की कृषि आय घोषित कर रहे हैं। इसके अलावा, ऐसे मामलों की भी जांच की जा रही है जहां प्रति एकड़ ₹5 लाख या उससे अधिक की अवास्तविक कृषि आय की रिपोर्ट दी गई है।

कृषि आय पर कराधान के बारे में भारतीय आयकर अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान हैं, जो कृषि आय की सीमा और रिपोर्टिंग पर नजर रखते हैं। यह जांच इस उद्देश्य से की जा रही है कि कर चोरी और अवैध धन के शोधन की घटनाओं को रोका जा सके।

आयकर विभाग का यह कदम उन लोगों के खिलाफ है जो कृषि आय का गलत इस्तेमाल कर करों से बचने की कोशिश कर रहे हैं। इस जांच से यह संकेत मिलता है कि विभाग कृषि आय की घोषणाओं की सख्त जांच करेगा, ताकि कर अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके और धोखाधड़ी के मामलों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।

सीएम रेखा गुप्ता ने किया दिल्ली के सरकारी स्कूलों का निरीक्षण; शिक्षा-स्वच्छता और पेयजल पर रहा खास फोकस

News web media Uttarakhand : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया, जहां उन्होंने बुनियादी सुविधाओं जैसे पानी, सफाई और सड़क से जुड़ी समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। इसके साथ ही, बुधवार को उन्होंने शिक्षा पेशेवरों के साथ बैठक कर राजधानी की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि दिल्ली की शिक्षा प्रणाली देश में सर्वश्रेष्ठ बन सके।

मुख्यमंत्री गुप्ता ने शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 55 के शालीमार गांव चौक, मैक्स रोड, हैदरपुर गांव चौक और आसपास के इलाकों का दौरा किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानी, सफाई और सड़कों से जुड़ी सभी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाए।
सीएम ने जोर देकर कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य सभी नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध कराना है, और इसी दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। दौरे के दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।

दिल्ली बजट 2025: महिलाओं और शिक्षाविदों से सुझाव

बुधवार को मुख्यमंत्री गुप्ता ने ‘विकसित दिल्ली बजट 2025’ के लिए दो संवाद सत्र आयोजित किए—एक विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं के साथ और दूसरा राष्ट्रीय राजधानी के शिक्षाविदों व स्कूल प्रिंसिपलों के साथ। इन सत्रों का उद्देश्य बजट के लिए सुझाव एकत्र करना था।

बजट से पहले आयोजित इन बैठकों को लेकर सीएम गुप्ता ने मीडिया से कहा, “यह बजट दिल्ली के लोगों का बजट होगा।” उन्होंने बताया कि बजट में राजधानी के लोगों की अपेक्षाओं और सरकार के लक्ष्यों को शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, “आज हमने महिलाओं के संगठनों के साथ चर्चा की, जिसमें सभी वर्गों की महिलाओं ने भाग लिया। सुरक्षा, शिक्षा और महिलाओं से जुड़े जरूरी मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। मैं दिल्लीवासियों को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हम उनकी उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।”

 

नेशनल गेम्स की सफलता पर हैदराबाद में प्रेजेंटेशन देंगी मंत्री

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेलों को किस तरह इतनी कामयाबी से कराया अब देश के सभी राज्य सरकारे इसे जान पाएगी. खेल मंत्री रेखा आर्या 7 और 8 मार्च को हैदराबाद में इस पर प्रेजेंटेशन देंगी. मंगलवार को हुई बैठक में इसकी रूपरेखा तय की गई है.

खेल मंत्री ने बताया कि 7- 8 मार्च को तेलंगाना के हैदराबाद में एक मंथन शिविर आयोजित किया जा रहा है. इस शिविर में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडावीया के अलावा सभी राज्यों के खेल मंत्री भी शामिल होंगे. इसके अलावा इसमें पूर्व ओलंपियन और विभिन्न खेलों के कोच भी शिरकत करेंगे.

खेल मंत्री रेखा आर्या नें बताया कि उन्हें भी इस मंथन शिविर में उत्तराखंड की तरफ से प्रेजेंटेशन देनी है. प्रेजेंटेशन में इसका पूरा विवरण होगा कि किस तरह उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन किया है. इसके अलावा 2028 में लॉस एंजेलिस में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए देश के विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों को तैयार करने की रणनीति पर भी मंथन किया जाएगा.

मंत्री ने कहा कि हमारे पास जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरण हैं, हमारे खिलाड़ी को वह सभी उपकरण अभ्यास के लिए उपलब्ध होने चाहिए. बैठक में इसके अलावा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की गई. खेल मंत्री ने कहा कि यूनिवर्सिटी को यूजीसी समेत अन्य संस्थाओं से मान्यता की जरूरत होगी उसकी प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए.

प्रयागराज महाकुंभ ड्यूटी से लौटने के बाद एसडीआरएफ के जवानों का सीएम धामी ने किया अभिनंदन

News web media Uttarakhand : हरिद्वार कुंभ में प्रयागराज महाकुंभ के अनुभव काम आयेंगे. एसडीआरएफ टीम ने महाकुंभ में अपनी दक्षता का कुशल परिचय देकर उत्तराखंड का मान बढ़ाया है. यह बात सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सीएम आवास में एसडीआरएफ के 112 कार्मिकों के वापस आने पर आयोजित महाकुंभ प्रयागराज 2025 अभिनन्दन कार्यक्रम में बात कही. इस मौके पर उन्होंने एसडीआरएफ की टीम को पुरस्कार स्वरूप 5 लाख रुपए का चेक भी सौंपा.

सीएम धामी ने महाकुंभ प्रयागराज में बेहतर सेवाएं देने पर एसडीआरएफ की टीम को बधाई दी. उन्होंने कहा कि ये अनुभव हरिद्वार के 2027 कुंभ में काम आयेंगे. कुंभ को भव्य रूप से आयोजित करने में मदद भी मिलेगी. इस महाकुंभ से हमारे जवानों का आत्मविश्वास बढ़ा है तथा भीड़ का कुशल प्रबंधन करने में सफल होंगे.

सीएम धामी ने कहा कि सनातन धर्म के महासंगम की चुनौती को संभालना चुनौतीपूर्ण कार्य था. बेहतर व्यवस्थाओं और प्रबंधन से यूपी के साथ ही उत्तराखंड सरकार का सर ऊंचा हुआ है. यही अनुभव 2027 के कुंभ में मददगार साबित होंगे. हमारा प्रयास है कि वाहनों के लिए सुनियोजित पार्किंग व्यवस्था हो जिसके लिए सरकार पूरी तरह से प्रयासरत है.

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों और आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है. इन चुनौतियों से पार पाने के लिए एसडीआरएफ द्वारा सराहनीय कार्य किए गए हैं. श्रेष्ठ आपदा प्रबंधन में एसडीआरएफ की अहम भूमिका रही है. आपदा प्रबंधन के लिए क्विक रिस्पॉन्स और अत्याधुनिक उपकरणों से राज्य में आपदा के प्रभाव को कम करने में काफी मदद मिली है.

सुकमा में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, दो नक्सलियों के मारे जाने की खबर

News web media Uttarakhand : शनिवार सुबह छत्तीसगढ़ के सुकमा में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई. इस मुठभेड़ में दो नक्सलियों के मारे जाने की खबर है. बताया जा रहा है कि सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान के दौरान दो नक्सलियों के शव बरामद किए हैं. अभी भी इलाके में रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही है. एक अधिकारी के मुताबिक, ये मुठभेड़ किस्टाराम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जंगल में हुई है. उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों की एक टीम शनिवार सुबह जंगल में नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी. तभी नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर गोलियां चलाना शुरू कर दी.

दरअसल, सुरक्षा बलों को जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी. इस सूचना के आधार पर जीआरडी की और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया. इस दौरान सुरक्षा बलों ने पूरे जंगल को घेर लिया. इस टीम में जिला रिजर्व गार्ड (DRG), कोबरा और सीआरपीएफ की एलीट यूनिट के जवान शामिल हैं. फिलहाल दो नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं. अभी भी रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है. नक्सलियों के शवों के पास से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए हैं. वहीं सुरक्षा बल अभी भी जंगल में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं.

बता दें कि छत्तीसगढ़ देश का सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित राज्य है. नक्सलियों के खात्मे के लिए राज्य में सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहा हैं. लेकिन छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के बाद इसमें काफी तेजी आई है और नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है. जिसके चलते आए दिन राज्य में सुरक्षा बल नक्सलियों को मुठभेड़ के दौरान मौत के घाट उतार रहे हैं.

नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले कुछ महीनों में सैकड़ों नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि सैकड़ों नक्सली मुठभेड़ के दौरान मारे गए हैं. हालांकि, नक्सल विरोधी इन अभियानों में कई जवानों को भी शहादत देनी पड़ी है.

नासिक, हरिद्वार और उज्जैन… प्रयागराज के बाद कब-कहां लगेंगे कुंभ मेले? जानिए सबकुछ

 News web media Uttarakhand : उत्तर  प्रदेश के प्रयागराज में दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन महाकुंभ मेला 2025 संपन्न हो चुका है। 13 जनवरी से 26 फरवरी तक 45 दिनों तक चला महाकुंभ मेला कई मायनों में अद्भुत रहा है। साधु, संतों और संन्यासियों समेत देश-दुनिया की बड़ी हस्तियों ने पवित्र स्नान किया। गंगा-यमुना और सरस्वती के संगम पर 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।

कहां होगा अगला महाकुंभ?

प्रयागराज के बाद अगला महाकुंभ महाराष्ट्र के नासिक जिले में आयोजित होगा। 2027 में नासिक से लगभग 38 किमी दूर त्र्यंबकेश्वर में कुंभ मेले का आयोजन किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नासिक में 17 जुलाई से 17 अगस्त तक कुंभ मेला चलेगा।
महाराष्ट्र सरकार एक नए प्राधिकरण का गठन करेगी। यही प्राधिकरण महाकुंभ मेले का आयोजन देखेगा। नासिक में पिछला सिंहस्थ कुंभ मेला 2015-16 में आयोजित किया गया था। नासिक में स्थित त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर को 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल किया जाता है।

इन चार स्थानों पर होता है कुंभ

भारत में चार शहरों में कुंभ मेले का आयोजन होता है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, उत्तराखंड के हरिद्वार, महाराष्ट्र के नासिक और मध्य प्रदेश के उज्जैन में कुंभ होता है। हर तीन साल में इनमें से किसी भी स्थान पर एक कुंभ मेला पड़ता है। 12 साल में आयोजित होने वाला मेला पूर्ण कुंभ कहलाता है। छह साल में अर्ध कुंभ होता है। महाकुंभ 144 साल बाद होता है। प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 144 साल बाद पड़ा है।

ये हैं अगले कुंभ मेले

  • हरिद्वार में 2021 में लगा था पूर्ण कुंभ। अब 2033 में लगेगा अगला पूर्ण कुंभ।
  • नासिक में पिछला सिंहस्थ कुंभ मेला 2015-16 में आयोजित किया गया था। अब 2027 में आयोजित होगा।
  • उज्जैन में 2028 में कुंभ मेला लगेगा। यहां आखिरी कुंभ मेला 2016 में लगा था।

कहां-किस नदी के तट पर होता है महाकुंभ

नासिक कुंभ मेला गोदावरी नदी के तट पर आयोजित होता है। हरिद्वार में गंगा और उज्जैन में क्षिप्रा नदी के किनारे कुंभ मेला लगता है। प्रयागराज में गंगा-यमुना और अदृश्य नदी सरस्वती के संगम पर कुंभ का भव्य आयोजन किया जाता है। कुंभ मेले की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि करोड़ों श्रद्धालु बिना किसी निमंत्रण के इस भव्य एवं दिव्य मेले का हिस्सा बनते हैं।2027 में हरिद्वार में अर्ध कुंभ

2027 में उत्तराखंड के हरिद्वार में अर्ध कुंभ मेले का आयोजन किया जाएगा। उत्तराखंड की सरकार ने अभी से इसकी तैयारी शुरू कर दी है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि 2027 में उत्तराखंड में कुंभ का आयोजन किया जाएगा। हम संतों, साधुओं और धार्मिक संगठनों के लोगों के साथ चर्चा करेंगे। यह सुनिश्चित करेंगे कि कुंभ में सर्वोत्तम व्यवस्थाएं हों और लोगों को इसका लाभ मिले।

कुंभ मेला के अखाड़े

कुंभ मेलों में अखाड़ों का सबसे खास महत्व है। विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत विशाल जूलुस में अमृत स्नान करते हैं। अखाड़ों की भव्यता देखने देश-दुनिया से लोग आते हैं। बता दें कि अखाड़ों की स्थापना आदि शंकराचार्य ने किया था। इसके पीछे का उद्देश्य हिंदू धर्म की रक्षा करना था। पहले सिर्फ चार अखाड़े थे। मगर बाद में इनकी संख्या 13 हो गई। इनमें से सात अखाड़े भगवान शिव की आराधना करते हैं। बाद में किन्नर अखाड़ा की भी स्थापना हुई।

वैष्णव संप्रदाय के अखाड़े

  • निर्वाणी अनी अखाड़ा
  • निर्मोही अखाड़ा
  • दिगंबर अखाड़ा

शैव संन्यासी संप्रदाय के अखाड़े

  • जूना अखाड़ा
  • अग्नि अखाड़ा
  • आवाहन अखाड़ा
  • महानिर्वाणी अखाड़ा
  • निरंजनी अखाड़ा
  • आनंद अखाड़ा पंचायती
  • श्रीशंभू पंचायती अटल अखाड़ा

उदासीन संप्रदाय के अखाड़े

  • बड़ा उदासीन अखाड़ा
  • नया उदासीन अखाड़ा
  • निर्मल अखाड़ा

रेलवे ने चलाई 17 हजार से ज्यादा ट्रेनें

भारतीय रेलवे ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 में कुल 17,152 ट्रेनें चलाईं। पिछले कुंभ की तुलना में यह संख्या चार गुना अधिक है। इसमें 7,667 विशेष और 9,485 नियमित ट्रेनें शामिल थीं। रेलवे के मुताबिक प्रयागराज के 9 रेलवे स्टेशनों पर 4.24 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की। रेलवे ने ड्रोन और 1186 सीसीटीवी कैमरों की मदद से निगरानी की। इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार अब दमकल की गाड़ियों से प्रदेश के सभी जिलों में महाकुंभ का जल पहुंचाएगी।

देहरादून समेत पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी से लौटी ठंड,जानिए कब तक रहेगा ऐसा मौसम

News web media uttarakhand :  उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। आज सुबह से प्रदेश भर के कई इलाकों में बारिश का क्रम जारी है। देहरादून समेत पहाड़ों के जिलों में बारिश से ठंड लौट आई है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की सूचना है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि एक मार्च तक प्रदेशभर में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहने से मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से चार दिन तक बारिश-बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई थी।
इसके चलते तापमान में तेजी से गिरावट होने से कड़ाके की ठंड होगी। बारिश-बर्फबारी से मैदान से लेकर पहाड़ तक के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले में भारी बर्फबारी होने की संभावना है। बागेश्वर जिले में हिमपात की संभावना बनी है। निचले भू-भाग में दोपहर बाद रिमझिम वर्षा हो रही है। किसानों को अच्छी वर्षा का इंतजार था। रबी की फसल को राहत मिलेगी। एक बार फिर से ठंड लौट आई है। गुरुवार को सुबह से आसमान में बाछल छाए रहे।
उत्तराखंड में मौसम विभाग ने एक बार फिर राज्य में भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है मौसम केंद्र देहरादून के निदेशक डॉ विक्रम सिंह ने कहा कि उत्तराखंड में 27 और 28 तारीख को कुछ जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी हो सकती है
वहीं जिला देहरादून में भी कही कही भारी बारिश हो सकती है उसके साथ साथ जो पहाड़ी जिले है चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, अल्मोड़ा जैसे जिलों में 3200 मीटर से ऊपर वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी इन दो दिनों में देखने को मिलेगी इसलिए इन दो दिनों में पहाड़ के अधिकाशं जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की है।