Blog

Haridwar: शांतिकुंज के बैरागीद्वीप में शताब्दी समारोह, दूसरे सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री शाह करेंगे संबोधित

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज शांतिकुंज की ओर से बैरागीद्वीप में चल रहे शताब्दी समारोह में शामिल होंगे।  उनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु और स्वामी परमात्मानंद मंच पर मौजूद रहेंगे।

शांतिकुंज की ओर से बैरागीद्वीप में चल रहे शताब्दी समारोह में मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह संबोधित करेंगे। प्रथम सत्र में योग गुरु स्वामी रामदेव और आध्यात्मिक प्रवक्ता बाबा बालक नाथ ज्योति कलश यात्रा की शुरुआत कराएंगे।

वहीं दूसरे सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संबोधन होगा। उनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु और स्वामी परमात्मानंद मंच पर मौजूद रहेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा एजेंसियों का एक दस्ता सोमवार को आयोजन स्थल पर पहुंचा।

स्थानीय पुलिस और प्रशासन के साथ एजेंसियों ने आयोजन की पूरी रूपरेखा के बारे में जानकारी ली। गृहमंत्री के कार्यक्रम की तैयारी को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में भी सचिवालय में बैठक हुई।

 

Nepal: आम चुनाव में पूर्व PM ओली के लिए चुनौती बनेंगे ये युवा नेता, बालेन शाह से गगन थापा तक दौड़ में

नेपाल की वरिष्ठ पत्रकार सरस्वती कर्माचार्य ने कहा, ‘केपी ओली के लिए इस बार का संसदीय चुनाव न केवल एक कठिन चुनौती होगा। उनके प्रतिद्वंद्वी पूर्व महापौर बालेन की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए, यह उनके पांच दशक से अधिक लंबे राजनीतिक करियर के लिए भी खतरा बन सकता है।
नेपाल में कड़ाके की ठंड के बावजूद चुनाव प्रचार ने सियासी गर्मी बढ़ा रखी है। तीन राजनीतिक दलों ने 5 मार्च को होने वाले आम चुनावों के लिए अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों का एलान कर दिया है। देश की सबसे बड़ी पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने हाल ही में अपदस्थ प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को आधिकारिक तौर पर अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है।

वहीं नेपाल की सबसे पुरानी पार्टी नेपाली कांग्रेस और नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने अपने-अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों को 50 वर्ष से कम आयु का घोषित किया है। बीते सप्ताह 49 वर्षीय गगन थापा नेपाली कांग्रेस (एनसी) के अध्यक्ष चुने गए। उनके चुनाव के तुरंत बाद पार्टी के उपाध्यक्ष विश्व प्रकाश शर्मा ने एलान किया कि थापा प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे।

गगन थापा के खिलाफ देउबा क्यों पहुंचे सुप्रीम कोर्ट?
वरिष्ठ मानवाधिकार कार्यकर्ता चरण प्रसाई ने कहा, ‘नेपाली कांग्रेस के सक्रिय नेता गगन थापा, जो जेन जी के युवाओं की भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं, का अध्यक्ष पद पर चुनाव होने से वर्तमान चुनावी परिदृश्य पूरी तरह से बदल गया है।’ हालांकि, नेपाली कांग्रेस के एक अन्य गुट, जिसका नेतृत्व पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा कर रहे हैं, ने चुनाव आयोग के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें थापा के नेतृत्व वाले गुट को आधिकारिक तौर पर वास्तविक राष्ट्रीय कांग्रेस के रूप में मान्यता दी गई है।

बालेन शाह आरएसपी के पीएम पद के उम्मीदवार
इंजीनियर और गायक से राजनेता बने 35 वर्षीय बालेंद्र शाह 2022 में भारी बहुमत से काठमांडो महानगरपालिका के महापौर चुने गए थे। वह बालेन शाह के नाम से भी मशहूर हैं और काठमांडो के साथ पूरे देश में युवाओं के बीच बहुत लोकप्रिय हैं। स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में महापौर चुनाव जीतने वाले बालेन अब अपनी टीम के साथ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी में शामिल हो गए हैं और आम चुनाव लड़ेंगे।

उन्होंने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया ताकि वे 20 जनवरी को होने वाले संसदीय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर सकें। सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष ओली को बालेन चुनौती देंगे, जिनकी उम्र उनसे आधी है। दोनों ने झापा-पांच निर्वाचन क्षेत्र से संसदीय चुनाव लड़ने की घोषणा की है, जिससे पूर्वी नेपाल के कोशी प्रांत का यह जिला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।

ओली के लिए कैसे चुनौती बने बालेन शाह?

  • 2008 में हुए आम चुनाव को छोड़कर ओली पिछले तीन दशकों में छह बार झापा जिले से संसद के लिए चुने गए हैं।
  • 2022 में हुए पिछले आम चुनाव में ओली ने नेपाली कांग्रेस के अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ 28,000 से ज्यादा वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की थी।
  • इस बार ओली का मुकाबला लोकप्रिय युवा नेता बालेन से है, जिनकी उम्र उनसे आधी है।
  • बालेन नेपाल की उभरती युवा शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि ओली रूढ़िवादी और कट्टरपंथी विचारधारा का चेहरा हैं।

पूर्व पीएम ओली के खिलाफ फूटा था जेन जी का गुस्सा
जेन जी के युवाओं के पिछले साल सितंबर में हुए आंदोलन में 77 लोगों की मौत हो गई थी। जेन जी ने आरोप लगाया था कि इस आंदोलन को दबाने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री ओली और नेपाली कांग्रेस के तत्कालीन गृह मंत्री रमेश लेखक ने हद से ज्यादा बल प्रयोग किया। गौरतलब है कि सैकड़ों आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू के बलुवाटर स्थित प्रधानमंत्री आवास में तोड़फोड़ की थी। इसके चलते ओली को एक सेना के हेलीकॉप्टर से भागना पड़ा था।

 

NEET PG: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा नीट पीजी कटऑफ का मुद्दा, याचिका दायर, एनबीईएमएस के फैसले को चुनौती

नीट-पीजी 2025-26 की कट-ऑफ घटाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में इसे मनमाना बताते हुए कहा गया है कि इससे मेरिट, मरीजों की सुरक्षा और मेडिकल शिक्षा के मानकों पर गंभीर असर पड़ेगा।
नीट-पीजी 2025-26 के लिए योग्यता कट-ऑफ प्रतिशत घटाने को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। यह याचिका नेशनल बोर्ड ऑफ एग्ज़ामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) द्वारा 13 जनवरी को जारी उस नोटिस के खिलाफ दाखिल की गई है, जिसमें क्वालिफाइंग कट-ऑफ को कम किया गया था।

यह जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन, न्यूरोसर्जन सौरव कुमार, यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्य मित्तल और वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन के सदस्य डॉ. आकाश सोनी द्वारा दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि विवादित नोटिस के माध्यम से कट-ऑफ को असामान्य रूप से बेहद कम, यहां तक कि शून्य और नकारात्मक स्तर तक घटा दिया गया है।

मामला एक नजर में:

    • 13 जनवरी को एनबीईएमएस ने नीट पीजी की कटऑफ संशोधित की।
    • इस संशोधन में कट-ऑफ प्रतिशत को बहुत कम कर दिया गया, यहां तक की शून्य कर दिया गया।
    • इस बदलाव के बाद -40 अंक पाने वाला भी मेडिकल की पढ़ाई के लिए योग्य हो गया था।
    • नोटिस जारी होने पर इस फैसले का विरोध होने लगा।
    • डॉक्टर संगठनों समेत अभ्यर्थियों का कहना है कि इससे मरीजों की सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और चिकित्सा पेशे की साख को गंभीर खतरा है।
  • एनबीईएमएस के इस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन करता है यह फैसला

संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका में इसे संवैधानिक चुनौती बताते हुए कहा गया है कि पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा के लिए योग्यता मानकों में की गई यह कटौती मनमानी है और संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन करती है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि इससे मरीजों की सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और चिकित्सा पेशे की साख को गंभीर खतरा पैदा होता है।

याचिका में कहा गया है कि चिकित्सा कोई सामान्य पेशा नहीं है, बल्कि यह सीधे मानव जीवन, शारीरिक अखंडता और गरिमा से जुड़ा हुआ है। केवल खाली सीटें भरने के आधार पर इस तरह का निर्णय मेरिट को समाप्त करता है, प्रतियोगी परीक्षा को महज औपचारिकता में बदल देता है और जीवन से जुड़े क्षेत्र में पेशेवर मानकों के पतन को संस्थागत रूप देता है।

याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा है कि पीजी स्तर पर मेरिट में की गई यह ढील राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 के वैधानिक प्रावधानों के विपरीत है।

क्या है मामला?

नीट-पीजी 2025‑26 के लिए एनबीईएमएस ने 13 जनवरी 2026 को एक नोटिस जारी किया, जिसमें पीजी मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए योग्यता कट‑ऑफ को असामान्य रूप से कम कर दिया गया। इसे आरक्षित वर्ग के लिए -40 अंक तक कर दिया गया। एनबीईएमएस के इस फैसले का विरोध हो रहा था और अब फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

Uttarakhand: पॉक्सो, एनआई एक्ट, भ्रष्टाचार जैसे मुकदमों का तेजी से होगा निस्तारण, 16 विशेष न्यायालय बनेंगे

मुकदमों का तेजी से निस्तारण हो इसके लिए 16 विशेष न्यायालय बनेंगे। सात एडीजे और नौ एसीजेएम स्तर के न्यायालय चार बड़े जिलों में बनाए जाएंगे।

एनडीपीएस, पॉक्सो, एनआई एक्ट, भ्रष्टाचार जैसे मुकदमों के तेजी से निपटारे के लिए 16 विशेष न्यायालय बनाए जाएंगे। सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम सीबीआई केस में पारित निर्णयों के बाद चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में गठित कमेटी की संस्तुतियों पर बृहस्पतिवार को कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी है। इन न्यायालयों के लिए 144 पदों के सृजन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।

पहले चरण में सात एडीजे और नौ एसीजेएम स्तर के न्यायालय चार बड़े जिलों में बनाए जाएंगे। उच्चतम न्यायालय ने छह अगस्त 2024 को सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम सीबीआई केस में निर्णय पारित किया था। यह निर्णय जमानत और मौलिक अधिकारों के संबंध में था। इसमें आरोपियों को नोटिस देने से लेकर जमानतों का तेजी से निपटारा आदि शामिल था।

देहरादून में 16 विशेष अदालतों का गठन किया जाएगा
इसके अलावा इसके बिंदु संख्या पांच में विशेष अदालतों के गठन के निर्देश भी पारित किए गए थे। ये विशेष न्यायालय ऐसे राज्यों में गठित किए जाएंगे जहां पर विचाराधीन कैदियों की संख्या अधिक है। इस निर्णय के बाद उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया।

इस समिति ने प्रदेश में एनडीपीएस, पॉक्सो, चेक बाउंस (एनआई एक्ट), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जैसे मामलों के तेजी से निपटारे के लिए विशेष अदालतों के गठन की संस्तुति की थी। कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी है। प्रथम चरण में हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंहनगर और देहरादून में 16 विशेष अदालतों का गठन किया जाएगा।

इसमें सात अदालतें अपर जिला न्यायाधीश और नौ अदालतें अपर मुख्य मजिस्ट्रेट स्तर की होंगी। इसके लिए 144 पदों के सृजन को भी मंजूरी मिली है। इन अदालतों के गठन के बाद यहां पर विचाराधीन मुकदमों का तेजी से निपटारा होगा।

Makar Sankranti: कड़ाके की ठंड; हरिद्वार गंगा में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, देवडोलियों ने किया स्नान

कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच मकर संक्रांति स्नान पर्व के लिए श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे। इस वर्ष संक्रांति और एकादशी का शुभ फलदायी संयोग बन रहा है

माघ मकर संक्रांति स्नान पर्व की शुरआत घने कोहरे और भयंकर ठंड के बीच हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे। ढोल और दमाऊं की थाप के बीच देव डोलियों को लाया गया। और गंगा में स्नान कराया गया। श्रद्धाल हर की पैड़ी गंगा घाट पर पहुंचे। भीषण ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं दिखा। तड़के से गंगा के सभी घाटों पर लोग स्नान दान और पूजा करते देखे गए। गंगा घाट पर आरती की गई ।

23 वर्ष में बना संक्रांति और एकादशी का शुभदायी संयोग
सूर्य का दक्षिणायन से उत्तरायण में आना और एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करना ही मकर संक्रांति कहलाता है। इस वर्ष संक्रांति और एकादशी का शुभ फलदायी संयोग बन रहा है। इस विशेष मुहूर्त में स्नान को उत्तम बताते हुए ज्योतिषविद महात्म्य बता रहे हैं।

नारायण ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य आचार्य विकास जोशी ने बताया कि आज बुधवार को दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे।उत्तरायण काल को शास्त्रों में शुभ माना गया है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, सूर्य को अर्घ्य देना और दान करना विशेष फलदायी होता है। सुबह स्नान कर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य देना विशेष फलदायी रहेगा।

सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहा
इस दिन सुबह 7 बजकर 31 मिनट बजे से रात 3 बजकर 04 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहा है। इसके साथ ही चतुर्ग्रही योग और वृद्धि योग भी रहेगा। इससे दिन और अधिक शुभ है। इस साल मकर संक्रांति के दिन षटतिला एकादशी भी पड़ रही है।

यह संयोग करीब 23 साल बाद बन रहा है, जब संक्रांति और एकादशी एक ही दिन आ रही है। ज्योतिष के अनुसार, यह संयोग बहुत पुण्यकारी है। इस दिन किया गया स्नान, दान और पूजा अनंत गुना शुभ फल देने वाला माना जाता है। मकर संक्रांति पर स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें, जल में गुड़ या लाल फूल डाल सकते हैं। तिल और गुड़ का दान करना शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों को कंबल, वस्त्र या अनाज दान करें। आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें इससे विशेष लाभ होगा।

 

Heli Seva: पूर्णागिरी को हेली सेवा से जोड़ने की तैयारी, हेलीपैड के लिए चल रही जमीन चिह्नित की प्रक्रिया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) को पूर्णागिरी के लिए हेली सेवा शुरू करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा है।

उत्तराखंड में चंपावत जिले के प्रसिद्व धार्मिक स्थल पूर्णागिरी को हेली सेवा से जोड़ने की तैयारी है। इससे तीर्थाटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को पूर्णागिरी तक पहुंचने में आसानी होगी।

क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत प्रदेश सरकार राज्य में हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार कर रही है। इस योजना से प्रदेश में प्रमुख धार्मिक व पर्यटक स्थलों को हेली सेवाओं से जोड़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) को पूर्णागिरी के लिए हेली सेवा शुरू करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। सूत्रों के अनुसार पूर्णागिरी में हेलीपैड की सुविधा नहीं है। हेली सेवा के लिए पहले हेलीपैड बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है।

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान ने मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश पर प्रदेश में हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पूर्णागिरी को हेली सेवा से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। इससे देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम होगी।

Uttarakhand: प्रदेश में भी पांच साल से कम उम्र के बच्चों की नहीं होगी ई-केवाईसी, मां-बाप हो रहे थे परेशान

पांच साल से कम उम्र के बच्चों की ई-केवाईसी के कारण मां-बाप को परेशानी झेलनी पड़ रही थी, लेकिन अब उन्हें इस मुशिकल से राहत मिलेगी। दून में 70 हजार से ज्यादा पांच साल से कम उम्र के बच्चों की अनुमानित संख्या है।

उत्तराखंड में भी राशन कार्ड धारक को अब पांच साल से कम उम्र के बच्चों की ई-केवाईसी नहीं करानी होगी। भारत सरकार की गाइडलाइन में अब इन बच्चों को अगले एक साल तक ई-केवाईसी से छूट दी गई है। इस निर्णय के बाद करीब चार लाख राशन कार्ड धारकों को राहत मिलेगी। हालांकि उनको पांच से छह साल के बीच बायोमेट्रिक अपडेट कराकर ई-केवाईसी करानी होगी।

दून में करीब 3.75 लाख राशन कार्ड जारी किए गए हैं। इनमें राष्ट्रीय खाद्य योजना के तहत 2.19 लाख राशन कार्ड, अंत्योदय योजना के तहत 15131 और राज्य खाद्य योजना के तहत 1.41 लाख राशन कार्ड हैं। इसमें 14.73 लाख कुल यूनिट हैं। भारत सरकार के निर्देश पर इन यूनिटों का सत्यापन चल रहा है।

जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार अनुमानित इन यूनिट में लगभग 70 हजार के करीब यूनिट पांच साल से कम उम्र के बच्चों की हैं। इनकी केवाईसी कराने में राशन कार्ड धारकों को बड़ी समस्या उठानी पड़ रही थी।

नौ लाख से ज्यादा लोग करा चुके हैं ई-केवाईसी

दून शहर में ई-केवाईसी का काम तेजी से चल रहा है। लोग जागरूक भी हुए हैं। शुरुआती दौर में स्थिति खराब थी लेकिन अब लोगों ने इसे समझा और अपनी ई-केवाईसी कराने पहुंचे। अब तक देहरादून में नौ लाख से ज्यादा लोग अपनी ई-केवाईसी करा चुके हैं।

पांच साल के बच्चों की ई-केवाईसी नहीं हो पा रही थी। इस वजह से राशन कार्ड धारकों को परेशानी हो रही थी। अब भारत सरकार के निर्देशानुसार पांच साल से कम उम्र के बच्चों की ई-केवाईसी की जरूरत नहीं होगी। -केके अग्रवाल, जिला पूर्ति अधिकारी

Uttarakhand Weather: दून समेत छह जिलों में घने कोहरे की चेतावनी, फिलहाल 14 तक बारिश-बर्फबारी की संभावना नहीं

उत्तराखंड के मैदानी जिले देहरादून, ऊधमसिंह नगर व हरिद्वार समेत नैनीताल, चंपावत और पौड़ी में घना कोहरा छाए रहने का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी की बेरुखी का सीधा असर तापमान पर पड़ने लगा है। बारिश-बर्फबारी न होने से प्रदेशभर में सूखी ठंड परेशान कर रही है। पर्वतीय इलाकों में शीतलहर और पाला तो मैदानी इलाकों में कोहरे ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार नौ जनवरी को भी प्रदेश के मैदानी जिले देहरादून, ऊधमसिंह नगर व हरिद्वार समेत नैनीताल, चंपावत और पौड़ी में घना कोहरा छाए रहने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि पर्वतीय क्षेत्रों में दिन के समय धूप खिलने से ठंड से थोड़ा राहत मिल रही है लेकिन सूखी ठंड से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद कम है। आने वाले दिनों की बात करें तो 14 जनवरी तक प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

Uttarakhand Weather: घने कोहरे की चादर में लिपटा हरिद्वार-दिल्ली नेशनल हाईवे, रेंगते नजर आए वाहन

घने कोहरे की चादर में लिपटे हरिद्वार-दिल्ली नेशनल हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आए।

हरिद्वार–दिल्ली नेशनल हाईवे पर रात होते ही घना कोहरा छा गया है। कोहरे की सफेद चादर के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे हाईवे पर चल रहे वाहन धीमी गति से आगे बढ़ने को मजबूर हैं।

हेडलाइट की रोशनी भी कोहरे में फीकी पड़ रही है। वहीं कई स्थानों पर वाहन चालक अतिरिक्त सावधानी बरतते दिखाई दे रहे हैं।

पुलिस और प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि रात के समय अनावश्यक यात्रा से बचें और यदि सफर जरूरी हो तो फॉग लाइट का प्रयोग करते हुए सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

अंकिता हत्याकांड: सुरेश राठौर की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश प्रभारी की ओर से पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ डालनवाला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसमें दोनों आरोपियों पर जानबूझकर सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो जारी कर उनकी छवि खराब करने व दंगे फैलाने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। वहीं हाईकोर्ट ने सुरेश राठौर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी का नाम उजागर करने के आरोपी भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर के खिलाफ हरिद्वार और देहरादून जिले में दर्ज चार एपआईआर में से दो पर उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अदालत ने सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश भी दिए हैं।

हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता हरिद्वार के धर्मेंद्र कुमार और यमकेश्वर की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ को भी नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

मामले के अनुसार बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ हरिद्वार के झबरेड़ा, बहादराबाद और देहरादून की नेहरू कॉलोनी, डालनवाला में यह कह कर एफआईआर दर्ज की गई थी कि आरोपितों ने भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम की छवि खराब करने के लिए फेसबुक सहित सोशल मीडिया पर वीडियो और ऑडियो वायरल किए जा रहे हैं।