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FATF ने भारत की संपत्ति पुनर्प्राप्ति प्रणाली की सराहना की, ED को वैश्विक आदर्श एजेंसी बताया

एफएटीएफ ने कहा कि भारत ने संपत्ति वसूली के लिए एक सुव्यवस्थित और तकनीक-संचालित तंत्र बनाया है, जिसमें कानूनी उपकरणों को कई एजेंसियों के बीच परिचालन सहयोग के साथ जोड़ा गया है।

मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण पर अंकुश लगाने के प्रयासों की निगरानी करने वाली वैश्विक संस्था, वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) ने भारत की संपत्ति वसूली प्रणाली की सराहना करते हुए इसे अपने सदस्य देशों में सबसे प्रभावी बताया है।

अपनी नई जारी रिपोर्ट, “संपत्ति वसूली मार्गदर्शन और सर्वोत्तम अभ्यास” में, FATF ने आपराधिक आय का पता लगाने, कुर्की करने और जब्त करने में अपनी दक्षता के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को एक आदर्श एजेंसी के रूप में रेखांकित किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की प्रणाली आर्थिक और वित्तीय अपराधों से प्राप्त संपत्तियों की वसूली करने में सक्षम एक मजबूत ढाँचे का प्रतिनिधित्व करती है।

एफएटीएफ रिपोर्ट में क्या कहा गया है?
एफएटीएफ ने पाया कि भारत ने संपत्ति वसूली के लिए एक सुव्यवस्थित और तकनीक-संचालित तंत्र विकसित किया है, जिसमें कानूनी उपकरणों को विभिन्न एजेंसियों के बीच परिचालन सहयोग के साथ जोड़ा गया है। इसने भारत के दोहरे दृष्टिकोण की विशेष रूप से प्रशंसा की, जो दोषसिद्धि-आधारित और गैर-दोषसिद्धि-आधारित, दोनों तरह की ज़ब्ती की अनुमति देता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि आपराधिक मुकदमे पूरे होने से पहले ही संपत्ति ज़ब्त की जा सके।

रिपोर्ट में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत भारत की विधायी शक्ति की भी सराहना की गई, जो अधिकारियों को आपराधिक गतिविधि से जुड़ी संदिग्ध संपत्तियों को तुरंत ज़ब्त, कुर्क और ज़ब्त करने में सक्षम बनाता है। एफएटीएफ ने कहा कि इसने भारत के प्रवर्तन मॉडल को सदस्य देशों में सबसे अधिक उत्तरदायी और अनुकूलनीय बना दिया है।

एफएटी

उदाहरण के तौर पर, रिपोर्ट में भारत में कई उच्च-मूल्य वाली वसूली का उल्लेख किया गया है, जिनमें कॉर्पोरेट धोखाधड़ी, सहकारी बैंक घोटाले और निवेश योजनाओं से जुड़े मामले शामिल हैं, जहाँ हज़ारों करोड़ रुपये की संपत्ति ज़ब्त की गई और बाद में सार्वजनिक लाभ के लिए पुनर्व्यवस्थित की गई। इनमें से कई मामलों में, संरचित क्षतिपूर्ति उपायों के माध्यम से पीड़ितों को धनराशि सफलतापूर्वक वापस कर दी गई।

जिन पहलुओं का विशेष उल्लेख किया गया, उनमें से एक भारत द्वारा मूल्य-आधारित ज़ब्ती का उपयोग था, जो मूल संपत्ति का पता न चलने पर भी समतुल्य संपत्ति को ज़ब्त करने की अनुमति देता है। FATF के अनुसार, यह दृष्टिकोण वित्तीय अपराधियों के विरुद्ध निवारक प्रभाव को महत्वपूर्ण रूप से मज़बूत करता है और यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी अवैध लाभ पहुँच से बाहर न रहे।

एफ ने भारत के मज़बूत अंतर-एजेंसी सहयोग पर प्रकाश डाला
एफएटीएफ रिपोर्ट में वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू-आईएनडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) सहित प्रमुख भारतीय संस्थानों के बीच समन्वय की सराहना की गई है। इसमें कहा गया है कि इन एजेंसियों के बीच तालमेल ने “अन्य देशों के लिए अध्ययन और अनुकरण हेतु एक व्यावहारिक मॉडल” तैयार किया है।

 

UK News: कुमाऊं विवि के 20वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति मुर्मू की शिरकत, विद्यार्थियों को दिए गोल्ड मेडल

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और उपाधियां प्रदान की।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और उपाधियां प्रदान की। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) भी उपस्थित रहे। दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र के विकास की नींव होती है इसलिए शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों की बुद्धि और कौशल का विकास करना ही नहीं, बल्कि उनके नैतिक बल और चरित्र को भी सुदृढ़ करना होना चाहिए।

राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा हमें आत्मनिर्भर बनाती है, साथ ही हमें विनम्र होना और समाज व देश के विकास में योगदान देना सिखाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा को वंचित वर्गों की सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्य में समर्पित करें। उन्होंने कहा कि यही सच्चा धर्म है, जो उन्हें सच्चा सुख और संतोष प्रदान करेगा। भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व की सबसे तेजी से विकसित होती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। सरकार निरंतर प्रगति सुनिश्चित करने के लिए अनेक नीतिगत पहल कर रही है। ये पहल युवाओं के लिए अनेक अवसर उत्पन्न कर रही हैं। उच्च शिक्षण संस्थानों को चाहिए कि वे युवाओं को इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें।

 

Uttarakhand: आज पहले कैंची धाम जाएंगी राष्ट्रपति मुर्मू, फिर कुमाऊं विवि के दीक्षांत समारोह में करेंगी शिरकत

राष्ट्रपति के कार्यक्रम और सुरक्षा दृष्टि के तहत कैंची धाम मंदिर समिति की ओर से मंगलवार की सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक कैंची धाम में श्रद्धालओं की आवाजाही बंद रखी गई है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार सुबह कैंची धाम में बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन करेंगी। राष्ट्रपति के कार्यक्रम और सुरक्षा दृष्टि के तहत कैंची धाम मंदिर समिति की ओर से मंगलवार की सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक कैंची धाम में श्रद्धालओं की आवाजाही बंद रखी गई है। उसके बाद राष्ट्रपति नैनीताल में कुमाऊं विवि के दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगी और 18 मेधावियों को मेडल प्रदान करेंगी।

इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राजभवन की 125वीं वर्षगांठ पर राजभवन के वर्चुअल टूर का लोकार्पण किया। कहा कि इसके माध्यम से लोग ऐतिहासिक राजभवन के डिजिटल भ्रमण का अनुभव कर सकेंगे। यह दर्शकों को इस भवन की स्थापत्य कला, प्राकृतिक सौंदर्य तथा ऐतिहासिक महत्व से रूबरू कराएगा। इस वर्चुअल टूर को राजभवन की वेबसाइट governoruk.gov.in पर भी देखा जा सकेगा।
राजभवन में हुए कार्यक्रम में राजभवन पर लघु फिल्म भी दिखाई गई। फिल्म में नैनीताल की गौरवशाली विरासत राजभवन, इसके स्थापत्य सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व को संजोया गया है। इसके माध्यम से दर्शक ऐतिहासिक भवन के इतिहास, उसकी स्थापत्य विशेषताओं और राज्य की समृद्ध विरासत को जान सकेंगे। कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने कहा कि जिस प्रकार स्वतंत्र भारत में राष्ट्रपति भवन गणराज्य का प्रतीक है, उसी प्रकार राज्यों में राजभवन लोकतांत्रिक व्यवस्था का प्रतीक है। उत्तराखंड राज्य के गठन के बाद यह ऐतिहासिक भवन राज्य की प्रगति का अभिन्न हिस्सा बन गया है।

CLAT 2026 ऑनलाइन फॉर्म शुरू – जानिए

कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT 2026) के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। यह परीक्षा Consortium of National Law Universities (NLUs) द्वारा आयोजित की जाती है। अगर आप देश के प्रतिष्ठित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) में एडमिशन लेना चाहते हैं, तो यह मौका आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। CLAT परीक्षा के माध्यम से LLB (5 वर्षीय कोर्स) और LLM (1 वर्षीय कोर्स) में प्रवेश दिया जाता है।

CLAT 2026: महत्वपूर्ण तिथियाँ

CLAT 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 अगस्त 2025 से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 7 नवंबर 2025 रात 11:59 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा का आयोजन 7 दिसंबर 2025 को किया जाएगा। एडमिट कार्ड परीक्षा से कुछ सप्ताह पहले आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा।

आवेदन शुल्क

सामान्य (Gen), ओबीसी (OBC), और ईडब्ल्यूएस (EWS) वर्ग के उम्मीदवारों को ₹4000, वहीं SC/ST/BPL/PH उम्मीदवारों को ₹3500 आवेदन शुल्क देना होगा। सभी श्रेणी के उम्मीदवारों को फीस ऑनलाइन मोड के माध्यम से जमा करनी होगी।

योग्यता मानदंड

CLAT 2026 के तहत दो प्रमुख कोर्स शामिल हैं –

1. बैचलर ऑफ लॉ (LLB – 5 वर्ष) : उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा में न्यूनतम 45% अंक (SC/ST/PH के लिए 40%) के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

2. मास्टर ऑफ लॉ (LLM – 1 वर्ष) : उम्मीदवार के पास LLB डिग्री में न्यूनतम 50% अंक (SC/ST/PH के लिए 45%) होना जरूरी है।

Uttarakhand: राज्य लोकसेवा आयोग ने प्रधानाचार्य पद पर भर्ती को किया रद्द, आठ फरवरी 2026 को होनी थी

शिक्षा सचिव ने 30 अक्तूबर को आयोग को पत्र भेजकर शासन की ओर से भर्ती के लिए भेजे गए अधियाचन को वापस लेने का अनुरोध किया था। इस अनुरोध पर आयोग ने आठ फरवरी 2026 को होने वाली प्रधानाचार्य सीमित विभागीय परीक्षा को रद्द कर दिया।

राज्य लोक सेवा आयोग ने राजकीय इंटर काॅलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य व प्रधानाचार्या पद पर विभागीय भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया है। इस संबंध में राज्य लोकसेवा आयोग के शिक्षा सचिव को पत्र भेजा है।

शिक्षा सचिव ने 30 अक्तूबर को आयोग को पत्र भेजकर शासन की ओर से भर्ती के लिए भेजे गए अधियाचन को वापस लेने का अनुरोध किया था। इस अनुरोध पर आयोग ने आठ फरवरी 2026 को होने वाली प्रधानाचार्य सीमित विभागीय परीक्षा को रद्द कर दिया।
इस संबंध में राज्य लोक सेवा आयोग के सचिव आलोक पांडेय ने शिक्षा सचिव को पत्र भेजा है। बता दें कि प्रदेश के राजकीय इंटरमीडिट काॅलेजों में प्रधानाचार्य के 1385 पदों में से 1184 पद रिक्त हैं। सरकार ने इन पदों को भरने के लिए 50 प्रतिशत पदों पर प्रधानाचार्य सीमित विभागीय परीक्षा कराने का फैसला किया था।

राजकीय शिक्षक संघ ने रैली स्थगित की
राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष राम सिंह चौहान व महामंत्री रमेश चंद्र पैन्यूली ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया कि शनिवार को मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री आवास कूच स्थगित कर दिया गया है। नौ अक्तूबर को संगठन से वार्ता हुई थी, उस वार्ता के क्रम में 34 सूत्रीय मांगपत्र पर कार्यवाही नहीं होती है तो फिर से आंदोलन होगा।

National Unity Day 2025: आज राष्ट्रीय एकता दिवस, देश की एकता के उस नायक को याद करें जिसने भारत को जोड़ा!

National Unity Day 2025 पर जानिए सरदार पटेल की जयंती का महत्व, उनके विचार और भारत को एक करने की प्रेरक कहानी। पढ़ें क्यों कहा जाता है उन्हें भारत का लौह पुरुष।

National Unity Day 2025: हर साल 31 अक्टूबर को भारत राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। यह दिन महान व्यक्तित्व वाले सरदार वल्लभ भाई पटेल को समर्पित है जिसने बिखरे रियासतों के भारत को एक सूत्र में पिरोया। वे सिर्फ भारत के पहले उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री नहीं थे, बल्कि ‘भारत के लौह पुरुष’ के रूप में उस एकता के प्रतीक बने, जिसने आधुनिक भारत की नींव रखी।

राष्ट्रीय एकता दिवस का महत्व

सरदार पटेल की जयंती को 2014 में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत हुई। इसका उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस दिन स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी संस्थानों और संगठनों में “Run for Unity”, निबंध प्रतियोगिताएं और देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। राष्ट्रीय एकता दिवस का संदेश है, “एक भारत, श्रेष्ठ भारत।”

सरदार पटेल भारत को एक सूत्र में पिरोने वाले शिल्पकार

आजादी के बाद भारत 562 रियासतों में बंटा था। ऐसे समय में, सरदार पटेल ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, राजनीतिक कुशलता और दृढ़ नेतृत्व से इन रियासतों का भारत संघ में विलय कराया। उनके प्रयास से,  हैदराबाद, जूनागढ़ और कश्मीर जैसी बड़ी रियासतों का भारत में एकीकरण संभव हुआ। उन्होंने “स्टेट्स रीऑर्गनाइजेशन कमेटी” की नींव रखी, जिससे भारत एक मज़बूत प्रशासनिक ढांचे में संगठित हुआ।

आज की पीढ़ी के लिए संदेश 

आज जब सोशल मीडिया, राजनीति और विचारधाराएं लोगों को बांट रही हैं, राष्ट्रीय एकता दिवस हमें याद दिलाता है कि भारत की असली पहचान उसकी विविधता में निहित है यानी भाषा, संस्कृति, धर्म, परिधान सब अलग, लेकिन आत्मा एक। यह दिन हर भारतीय के भीतर यह भावना जगाता है कि हम सब मिलकर ही भारत हैं और एकता में ही शक्ति है।

कैसे मनाया जाता है राष्ट्रीय एकता दिवस

  •     ‘Run for Unity’ का आयोजन किया जाता है। लोगों में एकता का संदेश फैलाने के लिए देशभर में रन आयोजित की जाती है।
  • स्कूल और कॉलेजों में कार्यक्रम आयोजित होते हैं। जिसमें निबंध लेखन, भाषण, पोस्टर मेकिंग, क्विज़ प्रतियोगिता का आयोजन होता है।
  • प्रतिज्ञा समारोह होता है, जिसमें देश की एकता और अखंडता की रक्षा करने की शपथ ली जाती है।
  • ‘Statue of Unity’ पर जा सकते हैं। गुजरात में स्थित 182 मीटर ऊंची सरदार पटेल की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि दी जाती है।

Bihar Election 2025: प्रधानमंत्री मोदी का गुरुवार को बिहार दौरा, मुजफ्फरपुर और छपरा में जनसभाएं

Bihar Chunav 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर को बिहार का दौरा करेंगे। वे राज्य में दो चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे। बीजेपी ने उनके दौरे की तैयारी पूरी कर ली है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर को फिर से बिहार का दौरा करेंगे। वे गुरुवार को बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए के उम्मीदवारों के प्रचार के लिए मुजफ्फरपुर और छपरा में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी ने इससे पहले 24 अक्टूबर को समस्तीपुर और बेगूसराय में जनसभाओं को संबोधित करके बिहार में बीजेपी का चुनाव प्रचार अभियान शुरू किया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि गुरुवार को उन्हें मुजफ्फरपुर और छपरा में जनता से संवाद का सौभाग्य मिलेगा। प्रधानमंत्री ने लिखा- ”बिहार के मेरे परिवारजन भाजपा-एनडीए को प्रचंड जीत दिलाने के लिए खुद चुनाव मैदान में हैं। उत्साह के इस माहौल में कल सुबह करीब 11 बजे मुजफ्फरपुर में और दोपहर बाद 12:45 बजे छपरा में जनता-जनार्दन से संवाद का सौभाग्य मिलेगा। मुझे विश्वास है कि विधानसभा चुनाव में एक बार फिर राज्य के मेरे भाई-बहन महाविजय का शंखनाद करेंगे।”

प्रधानमंत्री का 2 नवंबर को पटना में रोड शो

पीएम मोदी ने 24 अक्टूबर को समस्तीपुर और बेगूसराय में चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया था। उनके 30 अक्टूबर के बिहार दौरे की तैयारियां कर ली गई हैं। मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में उनकी जनसभा होगी जिसकी तैयारी कर ली गई है।

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी का 2 नवंबर को पटना में विशाल रोड शो होगा। बीजेपी ने इस रोड शो के लिए रूट प्लान तैयार कर लिया है। रोड शो के जरिए पटना की सभी 14 विधानसभा सीटों बांकीपुर, पटना साहिब, दीघा, कुम्हरार, मनेर, बिक्रम, बाढ़, बख्तियारपुर, मोकामा, फतुहां, फुलवारी, मसौढ़ी, दानापुर और पालीगंज के मतदाताओं को एक साथ बड़ा संदेश देने की तैयारी की है। इस रोड शो के जरिए पीएम मोदी बिहार की जनता से सीधे रूबरू होंगे। बीजेपी के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को बीजेपी के कई बड़े नेताओं के साथ रोड शो की तैयारियों का जायजा लिया था।

पीएम मोदी 2 नवम्बर को दो रैलियों को भी संबोधित करेंगे। यह जनसभाएं नवादा और आरा में आयोजित की जाएंगी। बीजेपी का दावा है कि इस बार बिहार में एनडीए की सरकार बहुमत का रिकॉर्ड तोड़ेगी।

 

Uttarakhand News: ठंड के साथ बिजली की मांग बढ़नी शुरू, आंकड़ा चार करोड़ यूनिट के करीब पहुंचा

ठंड के साथ बिजली की मांग बढ़नी भी शुरू हो गई है। मांग का आंकड़ा चार करोड़ यूनिट के करीब पहुंच गया है।

प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों तक ठंड बढ़ने के कारण बिजली की मांग भी बढ़नी शुरू हो गई है। मंगलवार को मांग का आंकड़ा चार करोड़ यूनिट के करीब पहुंच गया। दिवाली के दौरान मौसम में हल्की ठंडक थी लेकिन बिजली की मांग करीब तीन करोड़ यूनिट चल रही थी।

दिवाली के बाद आठ दिन के भीतर बिजली की मांग लगातार बढ़ते हुए चार करोड़ यूनिट तक पहुंच गई है। इसके सापेक्ष यूजेवीएनएल से 1.1 करोड़ और केंद्रीय पूल से 1.4 करोड़, कुल मिलाकर करीब 2.5 करोड़ यूनिट बिजली उपलब्ध है।
बाकी बिजली का इंतजाम बाजार से किया जा रहा है। हालांकि यूपीसीएल प्रबंधन का दावा है कि फिलहाल कहीं भी घोषित या अघोषित कटौती नहीं की जा रही है।

Uttarakhand: सीएम धामी 30 को बिहार में करेंगे दो चुनावी रैली, प्रमुख नेताओं को सौंपी गई प्रचार की जिम्मेदारी

बिहार में चुनाव प्रचार के लिए प्रमुख नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सीएम धामी 30 अक्तूबर को बिहार में दो चुनावी रैली करेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 30 अक्तूबर को बिहार में दो चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। यह चुनावी जनसभा मोतिहारी जिले के कल्याणपुर और हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्र में होगी। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा नेतृत्व ने जिन प्रमुख नेताओं को प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी है, उसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हैं।

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) समेत अपने कई निर्णयों के लिए सीएम धामी सुर्खियों में रहे हैं। सीएम धामी बिहार चुनाव में इससे पहले गोरियाकोठी, वारसलीगंज, सिवान विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी प्रत्याशियों के लिए प्रचार कर चुके हैं। एक बार फिर मुख्यमंत्री ने चुनाव जनसभाओं में वोट मांगेंगे।
बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा के कार्यक्रम विभाग संयोजक सुशील चौधरी ने सीएम धामी का प्रस्तावित कार्यक्रम जारी किया है। 30 अक्तूबर को सीएम धामी सुबह 11:15 पर पटना हवाई अड्डे से निजी विमान से कल्याणपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
महात्मा गांधी मिडिल स्कूल ग्राउंड, कल्याणपुर स्थित सभा स्थल पर बारह बजकर पांच मिनट पर प्रस्तावित जनसभा में सीएम धामी भाग लेंगे। इसके बाद अपराह्न 1:55 पर महावीर रामेश्वर इंटर काॅलेज, सोनवर्षा, हरसिद्धि में आयोजित जनसभा में भाग लेंगे।

उत्तराखंड मौसम: चमोली में कड़ाके की ठंड से जम गई देवताल झील, देहरादून समेत नीचले इलाकों में धूप-बदली

Uttarakhand Weather Today News: मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा। फिलहाल एक नवंबर तक सभी जनपदों में मौसम साफ रहने की संभावना है, जिसके चलते तापमान भी सामान्य बना रहेगा।

 देहरादून: उत्तराखंडके पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। ताजा पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम करवट ले सकता है। हालांकि प्रदेश घर में मौसम शुष्क रहेगा। प्रदेश भर में इन दिनों चटक धूप खिलने की वजह से तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है, जिस कारण अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में भी ठंड सामान्य से कम है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार के पहाड़ों में मौसम का मिजाज बदल सकता है।

पर्वतीय क्षेत्रों में आंशिक बादल छाने के आसार हैं। मौसम का मिजाज बदलने के बाद पर्वतीय इलाकों में ठंड बढ़ने का अनुमान है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में भी सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ सकती है। पर्वतीय क्षेत्र में तापमान में बदलाव का असर निचले क्षेत्रों में भी दिखाई देगा। देहरादून में रविवार को धूप निकली रही, लेकिन धूप में गर्मी नहीं थी। कभी-कभी बादल भी छाते रहे जिस वजह से गर्मी का एहसास कम हुआ, जबकि शाम के समय एकदम ठंड बढ़ गई।

देवताल झील ठंड से जम गई

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार से ठंड में हल्का इजाफा होगा। वहीं चमोली के माणा गांव के पास भारत-चीन सीमा क्षेत्र में 18000 फीट की ऊंचाई पर स्थित देवताल झील कड़ाके की ठंड के कारण जाम गई है। पिछले दिनों ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई बर्फबारी से तापमान में गिरावट आ गई और देवताल झील के साथ ही यहां के पानी के स्रोत भी जम गए हैं। इन दोनों जगह पर्यटक देवताल पहुंचकर जमी झील का लुत्फ उठा रहे हैं। यहां तक आने के लिए लोगों को स्थानीय प्रशासन से इनर लाइन परमिट लेना पड़ता है।