Uttarakhand: नंदा गौरा योजना में फर्जीवाड़े के आरोपी 193 लोगों पर मुकदमा दर्ज, मंत्री के आदेश पर हुई कार्रवाई

देहरादून: उत्तराखंड में नंदा गौरा योजना में धांधली के आरोपी 193 लोगों के खिलाफ मंगलवार को मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों पर 420 सहित विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने ये कार्रवाई विभागीय मंत्री रेखा आर्य के निर्देश के बाद की। मंत्री रेखा आर्य ने हाल ही में मामले की जांच कर अपात्र लाभार्थियों और दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। उन्होंने कहा था कि योजना का लाभ लेने वाली सभी बालिकाओं के प्रमाण पत्रों की भी जांच की जाए, ताकि कोई अपात्र पात्र बालिका का हक छीनकर योजना का लाभ ले सके।

हरिद्वार जिले में वित्तीय वर्ष 2022-23 में नंदा गौरा योजना का लाभ लेने के लिए आय प्रमाण पत्रों से छेड़छाड़ कर फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया था। इसमें वित्तीय वर्ष 2022-23 में जन्म के आधार पर योजना का लाभ प्राप्त करने वाले कुल 1328 आवेदनों में से 70 एवं 12वीं पास के आधार पर लाभ लेने के लिए कुल 4174 आवेदनों में से 123 कुल 193 आवेदनों में आय प्रमाण पत्रों से छेड़छाड़ की गई। प्रमाण पत्रों में की गई छेड़छाड़ पर मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार इन आवेदनों को रद्द कर चुके हैं।

प्रदेश सरकार की ओर से नंदा गौरा देवी कन्याधन योजना के तहत बालिकाओं के जन्म के समय 11 हजार रुपये माता-पिता को दिए जाते हैं। इसके बाद बालिका के इंटर पास करने पर 51 हजार रुपये दिए जाते हैं। यह सहायता राशि पात्र बालिकाओं के अभिभावकों को दी जाती है।

Dehradun: 10वीं और 12वीं की फर्जी मार्कशीट बनाकर करता था सौदा

देहरादून में घंटाघर के पास कांप्लेक्स में 10वीं और 12वीं की फर्जी मार्कशीट बनाकर बेचने वाले गिरोह के सरगना को भी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर फर्जी ट्रस्ट बनाया था। उसका साथी पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। गिरोह में और भी सदस्य हो सकते हैं। पुलिस और एसटीएफ उनकी तलाश में जुटी है।

एसटीएफ के एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बताया कि दो फरवरी को एमडीडीए कांप्लेक्स में चल रहे इस धंधे का कोतवाली पुलिस ने भंडाफोड़ किया था। यहां एक ऑफिस में छापा मारकर राजकिशोर राय को गिरफ्तार किया गया था।

जांच में पता चला कि आरोपियों ने एनसीआरई नाम से ट्रस्ट खोला था। ये लोग केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय में ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन बताते थे। इसी के जरिये 10वीं और 12वीं की मार्कशीट बनाकर आठ से 10 हजार में बेचते थे। शुरुआती जांच में पता चला था कि सैकड़ों लोगों को ऐसी मार्कशीट बनाकर बेची गई है।

इस मुकदमे का पर्यवेक्षण एसटीएफ कर रही है। इसी क्रम में पता चला कि राजकिशोर राय का एक और साथी सहेंद्र पाल इस गिरोह का सरगना है। रविवार को सहेंद्र पाल निवासी खतौली को मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह राजकिशोर राय को बीते आठ साल से जानता है। राजकिशोर ने ही उसे फर्जी मार्कशीट बनाने की योजना बताई थी। इसके लिए उन्होंने फर्जी ट्रस्ट खोला। इसमें वह खुद सदस्य था और राजकिशोर के साथ मिलकर फर्जी मार्कशीट छापता था।

फर्जी मार्कशीट से कई लोग कर रहे सरकारी नौकरी
शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला था कि उसने ये मार्कशीट देहरादून और स्थानीय लोगों नहीं बांटी है। इन्हें बिहार और आसपास के राज्यों के निवासियों को बेचा जाता था। बताया जा रहा है फर्जी मार्कशीट से बिहार में कई लोग सरकारी नौकरियां भी कर रहे हैं। एसटीएफ और पुलिस इस तथ्य की भी जांच कर रही है।

Oscar Award: उत्तराखंड के करन थपलियाल की धमक, पिता ने पकड़ाया था कैमरा, बेटे के हुनर ने ऑस्कर में नाम कमाया

ऑस्कर अवॉर्ड समारोह में जैसे ही ”द एलीफेंट व्हिस्परर्स” डॉक्यूमेंट्री के नाम की घोषणा हुई तो उत्तराखंड के एक बेटे का इकबाल दुनिया के फलक पर बुलंद हो गया। पौड़ी के नौगांव निवासी करन थपलियाल के कैमरे से शूट हुई इस डॉक्यूमेंट्री ने न केवल देश बल्कि उत्तराखंड का भी नाम ऊंचा कर दिया है। अमर उजाला से बातचीत में करन ने अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता को दिया।

प्रोड्यूसर गुनीत मोंगा की डॉक्यूमेंट्री ”द एलीफेंट व्हिस्परर्स” को इस साल ऑस्कर अवॉर्ड मिला है। यह नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री है। इसे कार्तिकी गोंसालविज ने निर्देशित और गुनीत मोंगा ने प्रोड्यूस किया है।

हाथी की देखभाल को दिखाया गया

इसकी कहानी अकेले छोड़ दिए गए हाथी और उनकी देखभाल करने वालों के बीच अटूट बंधन को दिखाती है। इस कहानी का ही एक खास जुड़ाव उत्तराखंड से भी है। पौड़ी के नौगांव निवासी युवा करन थपलियाल ने इस डॉक्यूमेंट्री को फिल्माने में अपने कैमरे का कमाल दिखाया है। वर्तमान में करन का परिवार दिल्ली में रहता है। उनका एक भाई भी सिनेमेट्रोग्राफर है।

पिता को देखकर मिली प्रेरणा
करन के पिता पेशे से फोटोग्राफर थे। उनकी एक दुकान थी, जहां करन और उनका भाई अक्सर बैठा करता था। बचपन में पिता को देखकर कैमरे की बारीकियां सीखीं। पिता ने उन्हें बचपन में जो कैमरा थमाया था, वह आज उन्हें दुनिया के फलक तक ले गया। सिनेमेटोग्राफी की शुरुआती शिक्षा-दीक्षा पिता से लेने के बाद करन से इस क्षेत्र में ही कॅरिअर बनाने की ठानी।

करन की कई डॉक्यूमेंट्री इससे पहले भी काफी चर्चित रही हैं। वर्ष 2018 में नेट जियो पर उनकी एक डॉक्यूमेंट्री द प्रेसीडेंट बॉडीगार्ड का प्रसारण हुआ था, जो खूब चर्चाओं में रही थी। इसी प्रकार, पिछले साल उनकी सिनेमेटोग्राफी की हुई एक डॉक्यूमेंट्री ”राइटिंग विद फायर” भी ऑस्कर के लिए नामित हुई थी लेकिन अवॉर्ड नहीं मिल पाया था। करन ने कहा कि इससे ज्यादा खुशी की बात कुछ हो नहीं सकती कि इस साल हमने ऑस्कर जीता है।

याद आती है तो बाइक उठाकर पहुंच जाता हूं गांव
करन ने बताया कि वैसे तो उनका परिवार दिल्ली में रहता है लेकिन उन्हें घूमने-फिरने का बहुत शौक है। उन्होंने बताया कि जब भी उन्हें अपने गांव की याद आती है तो वह बाइक उठाकर सीधे यहां पहुंच जाते हैं। उन्होंने दो साल पहले एक प्रोजेक्ट के लिए कुमाऊं में कुछ जगहों पर शूटिंग की थी।

Uttarakhand Cabinet Decision: राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी में 10% आरक्षण पर मुहर, पढ़ें अन्य फैसले

Uttarakhand Budget 2023: राज्य मंत्रिमंडल की बैठक सोमवार को 13 मार्च को भराड़ीसैंण में हुई। भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में 13 मार्च से बजट सत्र की शुरूआत हुई। सदन में राज्यपाल के अभिभाषण के बाद धामी सरकार की कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। बैठक में लगभग 6 बिन्दुओं पर मुहर लगी है।

इन फैसलों पर लगी कैबिनेट की मुहर

  • इस दौरान राज्‍य की नई सौर ऊर्जा नीति को मंजूरी मिली।
  • वहीं राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की सब कमिटी की रिपोर्ट भी स्वीकृत की गई। अब उक्‍त विधेयक राजभवन भेजा जाएगा।
  • बैठक में विधायक निधि बढ़ाने को भी मंजूरी मिली।
  • विधायक निधि 3 करोड़ 75 लाख से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की गई।
  • मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए अब एक साल में 25 लाख के बजाय 50 लाख रुपये मिलेंगे।
  • महिला मंगल दलों को मिलने वाली राशि 25 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपये की गई।

राजभवन ने वापस लौटा दिया था विधेयक

बता दें कि वर्ष 2011 से राज्य आंदोलनकारियों को नौकरी में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस विधेयक को मंजूरी के लिए राजभवन भेजा गया था, लेकिन राजभवन की ओर से कुछ आपत्ति के बाद इसे वापस लौटा दिया गया था।

Dehradun News: धरने पर बैठे एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस 2018 बैच के छात्र, फीस बढ़ोतरी पर जताया विरोध

न्यूज मीडिया उत्तराखंड देहरादून : एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस 2018 बैच के छात्र कॉलेज गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। कॉलेज प्रशासन व पुलिस ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया पर वह नहीं माने। उक्‍त छात्र फीस बढ़ोतरी का विरोध कर रहे हैं।

सोमवार को छात्रों ने फीस बढ़ोतरी पर विरोध जताते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों का कहना था कि उनका कोर्स समाप्ति की ओर है और अब बस इंटर्नशिप बचती है, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने एकाएक फीस बढ़ा दी है। उन्हें पांच साल का अतिरिक्त शुल्क जमा करने को कहा जा रहा है। जो कुल तकरीबन 37 लाख तक बनता है।

कहा कि किसी भी मध्यम वर्गीय परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम दे पाना मुमकिन नहीं है। शुल्क न दे पाने की स्थिति में कॉलेज प्रशासन उन्हें इंटर्नशिप न करवाने की धमकी दे रहा है। उन्होंने प्राचार्य व अन्य लोगों के सामने अपनी समस्या रखी लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है।

इधर कॉलेज प्रशासन के अनुसार शुल्क संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित था। कोर्ट से निर्णय होने के बाद ही फीस बढ़ाई गई। छात्रों को विकल्प दिया गया है कि वह छह किश्त में पैसा जमा कर दें, जिसके वह पोस्ट डेटेड चेक दे सकते हैं। इसके अलावा वह कोर्ट जा सकते हैं।

Uttarakhand Budget Session : आज सोमवार से विधानसभा के बजट सत्र का आगाज,धामी सरकार के विकास का रोडमैप क्या होगा।

Uttarakhand Budget Session 2023 Update: सत्र में शामिल होने के लिए राज्यपाल रविवार को हेलीकॉप्टर से भराड़ीसैंण पहुंच चुके हैं। वह स्पीकर ऋतु खंडूड़ी भूषण के साथ भराड़ीसैंण विधानसभा भवन का मुआयना करने भी पहुंचे। ग्रीष्मकालीन राजधानी में उनका भी यह पहला सत्र है।

उत्तराखंड के राज्यपाल ले. ज. गुरमीत सिंह (सेनि.) के अभिभाषण के साथ ही आज सोमवार से विधानसभा के बजट सत्र का आगाज हो जाएगा। राज्यपाल अभिभाषण के जरिये धामी सरकार की एक साल की उपलब्धियों को सदन के पटल पर रखेंगे। इसके माध्यम से यह बताने का प्रयास करेंगे कि अगले एक साल में धामी सरकार के विकास का रोडमैप क्या होगा।

वहीं सत्र से पहले ही विपक्ष के तेवर खासे तल्ख नजर आ रहे हैं। पहले दिन मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं से गैरसैंण कूच करने का आह्वान किया है। विधानमंडल दल की बैठक में कांग्रेस ने अपनी रणनीति तय कर ली है, हालांकि उसने अभी पत्ते नहीं खोले हैं।

संकेत यही हैं कि राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष विरोधी तेवर दिखा सकता है। इससे सदन के बाहर और भीतर हंगामे के आसार हैं। उधर, रविवार दोपहर भराड़ीसैंण पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शाम भाजपा विधानमंडल दल की बैठक हुई। इस दौरान सत्तापक्ष ने सदन में विपक्ष की ओर से उठने वाले संभावित मुद्दों पर चर्चा कर रणनीति बनाई। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों से अपेक्षा की कि वे सदन में पूरी तैयारी के साथ आएंगे और अनुपूरक प्रश्नों के जवाब तैयार रखेंगे।

बजट सत्र से पहले सीएम धामी आज अहम कैबिनेट बैठक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बजट सत्र की प्रस्तुति से पहले आज एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक कैबिनेट की यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है। बैठक सुबह 11.30 बजे विधानसभा भवन, भराड़ीसैंण में होगी। इस बैठक में विधायक निधि बढ़ाने के प्रस्ताव, शराब नीति, पुलिस एक्ट में संशोधन और बीआरसी-सीआरसी आउटसोर्स भर्ती समेत कई अहम प्रस्तावों पर फैसला लिया जा सकता है।

कार्यमंत्रणा की बैठक में एजेंडा तय
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में दो दिन का एजेंडा तय किया गया। सोमवार को राज्यपाल का अभिभाषण होगा और 14 मार्च को अभिभाषण पर चर्चा होगी। 14 मार्च को कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में आगे का एजेंडा तय होगा। माना जा रहा है कि सरकार 15 मार्च को बजट पेश कर सकती है।

सदस्य सदन की गरिमा का ख्याल रखेंगे
सत्र शुरू होने से पूर्व सभी दलों के नेताओं की बैठक में विधानसभा अध्यक्ष ने सदन को शांतिपूर्ण और गरिमामयी ढंग से संचालित करने के लिए सहयोग की अपील की। उन्होंने अपेक्षा की कि सभी सदस्य राज्यपाल की गरिमा का भी ख्याल रखेंगे।

विधानसभा सत्र को लेकर सरकार की तैयारी पूरी है। हम विपक्ष के हर प्रश्न का जवाब देने को तैयार हैं। सरकार अपनी भूमिका पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाएगी। हम विपक्षी सदस्यों से भी यह उम्मीद करते हैं कि वे सदन की मर्यादाओं का ख्याल रखते हुए अपनी बात रखेंगे।
प्रेमचंद अग्रवाल, विधायी एवं संसदीय कार्यमंत्री।

अपने क्षेत्र की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को उठाने का सभी सदस्यों को अधिकार है। लेकिन सदन की गरिमा और मर्यादा को भी बनाए रखना होगा। दलीय बैठक में भी सभी दलों के नेताओं से सदन की कार्यवाही बेहतर ढंग से संचालित करने में सहयोग का आग्रह किया गया है।
ऋतु भूषण खंडूड़ी, अध्यक्ष, विधानसभा

हमारे पास मुद्दों की कोई कमी नहीं है। पिछले एक साल में सरकार के कारनामे सबके सामने हैं। विपक्ष इन कारनामों को सदन में उठाएगा। भर्तियों में घोटाले, बेरोजगारों पर लाठीचार्ज, गैरसैंण की उपेक्षा, महंगाई, कानून व्यवस्था समेत कई और मुद्दे और सवाल हैं, जिनके सरकार से जवाब मांगे जाएंगे।

Dehradun Jhande JI: आरोहण के दौरान हजारों की संख्या में देश-विदेश से आई संगत, 4 बजकर 12 मिनट पर झंडे जी का आरोहण पूर्ण हुआ।

न्यूज मीडिया उत्तराखंड देहरादून : देहरादून में रविवार को जयकारों की गूंज के साथ श्री झंडे जी का आरोहण किया गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने महाराज श्री देवेंद्र दास का आर्शीवाद भी लिया। रविवार सुबह आठ बजे महराज श्री देवेंद्र दास की अगुवाई में श्री झड़े जी को नीचे उतारा गया था। इसके बाद श्री झंडे जी की पूजा अर्चना हुई और श्री झंडे जी पर गिलाफ चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

शाम 4 बजकर 12 मिनट पर झंडे जी का आरोहण पूर्ण हुआ। आरोहण के दौरान हजारों की संख्या में देश-विदेश से आई संगत और दूनवासियों ने झंडे जी के सामने श्रद्धा के साथ शीश नवाए और हाथ जोड़े हुए खड़े रहे। हर कोई झंडा जी के समक्ष मत्था टेकने के लिए बेताब दिखा।

झंडे जी पर शीश नवाने के लिए देश-विदेश से संगतें पहुंची थी। उत्तराखंड के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश सहित विदेशों से आई संगतें झंडे जी आरोहण की साक्षी बनी। श्री दरबार साहिब में श्रद्धालु भजन-कीर्तन के साथ ही गुरु महिमा का गुणगान करते रहे। श्रद्धालुओं ने ढोल की थाप पर जमकर नृत्य किया।

झंडे जी आरोहण का लाइव आकर्षण देखने के लिए श्री दरबार साहिब मेला समिति की ओर से इस बार एलईडी स्क्रीनों की व्यवस्था की गई थी। दरबार साहिब परिसर के अंदर स्क्रीन लगाई गई थी। इसके अलावा यूट्यूब व फेसबुक पेज पर भी मेले का लाइव प्रसारण प्रसारित हुआ। दरबार साहिब व झंडे जी के सामने का पूरा हिस्सा संगतों से पूरी तरह भरा रहा।

श्रद्धालुओं ने दरबार साहिब स्थित पवित्र सरोवर में डुबकी लगाई। सुबह से ही श्रद्धालु यहां स्नान कर रहे थे। दोपहर बाद सरोवर के चारों तरफ संगतों के जुटने से यहां का नजारा भी दर्शनीय लगने लगा। साथ ही बच्चों ने भी सरोवर के स्नान का आनन्द उठाया।

बता दें कि पंजाब में जन्मे गुरु राम राय महाराज के जन्म उत्सव के तौर पर शुरू हुआ यह मेला आज भारत ही नहीं बल्कि एशिया के बड़े मेलों में शुमार है। कहा जाता है कि गुरु रामराय महाराज ने यहां डेरा डाला था।

बताया जाता है कि सिखों के सातवें गुरु हरराय महाराज के बड़े पुत्र गुरु रामराय महाराज ने अल्पायु में ही खूब ज्ञान अर्जित कर लिया था। छोटी उम्र में ही बैराग धारण कर वह संगठन के साथ भ्रमण पर निकल गए। अपने भ्रमण के दौरान वे 1675 में चैत्र कृष्ण पंचमी के दिन दून पहुंचे। माना जाता है कि उनकी प्रतिष्ठा में झंडा मेला की शुरुआत हुई जो आज एक बड़े वार्षिक समारोह का रूप ले चुका है।

बताया जाता है कि महाराज ने चारों दिशाओं में तीर चलाए और जहां तक तीर गए उतनी जमीन पर अपनी संगत को ठहरने का हुक्म दिया। गुरु रामराय महाराज के यहां डेरा डालने के कारण इसे डेरादून कहा जाने लगा, जो बाद में देहरादून हो गया।

Uttarakhand News: मकान मालिक ध्यान दें! पुलिस एक्ट में संशोधन की तैयारी; सख्त हो जाएंगे नए नियम

न्यूज मीडिया उत्तराखंड देहरादून : प्रदेश में बाहर से आकर यहां किराएदार व छात्रों के रूप में रहने वालों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी। इसकी बड़ी जिम्मेदारी इन्हें अपने किराये पर रखने वाले मकान मालिक की होगी। इसके लिए उत्तराखंड पुलिस एक्ट में संशोधन किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय द्वारा इस संबंध में प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है, जिसे जल्द कैबिनेट के सम्मुख लाने की तैयारी है।

उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षों में दूसरे प्रदेशों से लोग आकर बस रहे हैं। इसमें भी एक संप्रदाय विशेष के अधिक लोग हैं। प्रदेश में जनसांख्यिकी बदलाव की आशंका को इनकी लगातार बढ़ रही संख्या बल दे रही है। यह देखने में आया है कि दूसरे प्रदेशों से लोग यहां छात्रों के रूप में पढऩे और मजदूरी व अन्य रोजगार के लिए आते हैं। इनमें से कुछ सही व कुछ गलत पहचान देते हैं।

किरायेदार के रूप में आसानी से शरण लेते हैं आपराधिक किस्म के लोग

मकान मालिक भी इन्हें किराये पर रखते हुए बहुत अधिक ध्यान नहीं देते। ऐसे में कई बार गलत प्रवृत्ति वाले लोग भी छात्रों के रूप में हास्टल व कालेजों के आसपास रहने लगते हैं।

वहीं, आपराधिक किस्म के लोग भी किरायेदार के रूप में आसानी से कहीं शरण लेने लगते हैं। खुफिया एजेंसियों की जांच में भी यह बात सामने आई है कि उत्तराखंड अब उत्तर प्रदेश व आसपास के राज्यों के अपराधियों के लिए एक सुरक्षित शराणस्थली बन रहा है।

अवांछित तत्व व अपराधी यहां गलत तरीके से न रह सकें, इसके लिए अब पुलिस एक्ट में संशोधन की तैयारी चल रही है। इसमें कामकाजी किरायेदार व छात्रों को परिभाषित किया जाएगा। इसके साथ ही मकान मालिकों व व्यवसायियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

अभी पुलिस एक्ट की धारा 53 (3) में व्यवस्था है कि मकान मालिक व व्यवसायी अपने यहां रहने वाले किरायेदारों व मजदूरों के संबंध में एक तय फार्मेट बनाकर पुलिस को देते हैं, जो सत्यापन का आधार बनता है।

शपथ पत्र देना होगा

अब व्यवस्था यह की जा रही है कि मकान मालिकों व व्यवसायियों को अपने यहां रहने वाले व काम करने वालों के संबंध में शपथ पत्र देना होगा। इसके साथ ही उनके दस्तावेज भी जमा कराने होंगे।

छात्र होने की स्थिति में उसकी आइडी, कामकाजी होने वाले की स्थिति में उसके कार्यालय से मिला पहचान पत्र व मजदूरों के संबंध में आधार कार्ड आदि भी जमा कराना होगा। इनके सही पाए जाने का शपथ पत्र भी वे देंगे। सूत्रों की मानें तो इस प्रस्ताव पर शासन में मंथन हो चुका है अब इसे स्वीकृति के लिए कैबिनेट के सम्मुख लाया जाएगा।

हरिद्वार: नंदा-गौरा योजना में फर्जीवाड़े पर एफआइआर के निर्देश, मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय सचिव को लिखा पत्र

न्यूज मीडिया उत्तराखंड देहरादून: हरिद्वार जिले में नंदा-गौरा योजना में लाभार्थियों के चयन में फर्जीवाड़े के मामले में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने विभागीय सचिव को पत्र लिखकर इस मामले में पुलिस में एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

इसमें शुचिता बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि गलत तरीके से लाभ प्राप्त करने वाले अपात्र लाभार्थियों के अभिभावकों के साथ ही इस प्रकरण में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों को कड़ा दंड मिले, ताकि भविष्य में कोई इस प्रकार की हरकत न कर सके।

चालू वित्तीय वर्ष में हरिद्वार जिले में नंदा-गौरा योजना के तहत जन्म का लाभ प्राप्त करने वाले 1327 आवेदकों में से 70 आवेदन और 12वीं उत्तीर्ण के आधार पर किए गए 4174 आवेदनों में से 123 आवेदन में लगे आय प्रमाण पत्रों में छेड़छाड़ हुई थी।

जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद हरिद्वार के मुख्य विकास अधिकारी ने ये 193 आवेदन निरस्त कर दिए थे। तब यह मामला संज्ञान में आने के बाद विभागीय मंत्री विभागीय अधिकारियों को प्रकरण की गहनता से पड़ताल कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

मंत्री आर्या ने अब विभागीय सचिव को इस मामले में पत्र भेजा है। उन्होंने कहा है कि गलत तरीके से आय प्रमाण पत्र में छेड़छाड़ कर इतनी बड़ी संख्या में अपात्रों का पाया जाना और किसी अपात्र द्वारा पात्र का हक छीनकर लाभ प्राप्त करना गंभीर और खेदजनक स्थिति है। इसे हर हाल में रोका जाना आवश्यक है, ताकि जनमानस में यह स्पष्ट संदेश जाए कि अनुचित कार्रवाई में संलिप्त किसी भी व्यक्ति, अधिकारी, कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने को सरकार प्रतिबद्ध है।

अन्य जिलों में भी जांच के निर्देश

कैबिनेट मंत्री आर्या ने हरिद्वार की घटना के आलोक में अब सभी जिलों में नंदा-गौरा योजना के लाभार्थियों के अभिलेखों की जांच कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित होना चाहिए कि कोई भी अपात्र किसी पात्र का हक छीनकर योजना का लाभ प्राप्त न कर सके।

Uttarakhand UKPSC ने रद्द की JE भर्ती परीक्षा, जानिए कब होगा फिर से एग्जाम, इंटरव्यू भी खत्म

Uttarakhand JE Exam Cancelled:उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने 26 नवंबर 2021 को हुई उत्तराखंड संयुक्त राज्य कनिष्ठ अभियंता सेवा परीक्षा यानी जूनियर इंजीनियर के परिणाम को रद्द करने का आदेश जारी कर दिया है.  परीक्षा अब अगस्त 2023 के अंतिम सप्ताह में आयोजित करने का प्रस्ताव है. आपको बता दें कि नए सिरे से विज्ञापन अप्रैल के दूसरे हफ्ते में जारी होगा.

नहीं होगा इंटरव्यू

अगस्त 2023 की परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकार यानी ऑब्जेक्टिव होगी. नई भर्ती परीक्षा में इंटरव्यू की व्यवस्था को खत्म कर दिया है. उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने 25 नवंबर 2021 को जूनियर इंजीनियर के 776 पदों की वैकेंसी के लिए विज्ञापन जारी किया था. 26 नवंबर से लेकर 17 दिसंबर 2021 तक ऑनलाइन आवेदन किए गए थे. सात मई से 10 मई 2022 तक लिखित परीक्षा हुई थी. 31 दिसंबर 2022 को इसका परिणाम घोषित किया गया था. परीक्षा में लगभग 31 हजार से ज्यादा कैंडिडेट्स शामिल हुए थे.

आयु सीमा में मिलेगी छूट 

जेई परीक्षा में शामिल हो रहे कैंडिडेट्स को आयु सीमा में भी छूट दी जाएगी. सरकार के आदेश के मुताबिक साल 2021 में हुई परीक्षा में शामिल कैंडिडेट्स जो आयु निर्धारण तिथि तक अधिकतम उम्र सीमा को पार कर चुके हैं, उन्हें उच्चतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी. इसके अलावा सभी कैंडिडेट्स को एग्जाम फीस में भी छूट देने का प्रस्ताव है. नया विज्ञापन उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की वेबसाइट ukpsc.gov.in पर जारी होगा.