उत्तराखंड: अब यात्रियों से ज्यादा किराया वसूला तो खैर नहीं, विभाग जारी करेगा हेल्पलाइन नंबर….

देहरादून: राज्य भर में चारधाम यात्रा को लेकर हर बार की तरह एक अलग ही उत्साह है। देश विदेश के श्रद्धालु चारधाम यात्रा के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। आगामी 22 अप्रैल से शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा को लेकर सरकार और सभी विभाग (Uttarakhand Government planning) तैयार हैं। अलबत्ता, तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अब यात्री वाहनों पर शिकंजा कसने का प्लान बन गया है। यात्रियों से अधिक किराया वसूलने पर कार्रवाई होगी और इसके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा।

हर वर्ष चारधाम यात्रा (Chardham yatra bus, taxi service) के दौरान ऐसे मामले सामने आते हैं, जिनमें टैक्सी, बस वाले या अन्य यात्री वाहन यात्रियों से निर्धारित किराया ना लेकर उससे भी अधिक किराया लेते हैं। मगर, अब ऐसा करने पर बड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। परिवहन मंत्री चंदन राम दास कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास का कहना है कि विभाग द्वारा इस एवज में एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा। अधिक किराया वसूले जाने की स्थिति में यात्री इस नंबर पर कॉल कर शिकायत कर सकेंगे।

परिवहन मंत्री ने साफ किया है कि निर्धारित सीमा से अधिक किराया वसूले जाने पर तत्काल एक्शन लिया जाएदा। परिवहन कारोबारियों पर विभाग कार्रवाई करेगा। मंत्री चंदन रामदास ने बताया कि सभी चेकपोस्ट के अलावा प्रवर्तन दलों को भी चारधाम यात्रा में चेकिंग (Checking in Chardham Yatra) करने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, परिवहन आयुक्त अरविंद ह्यांकी ने बताया कि निजी बसों (Private Bus fare) का किराया पिछले साल बढ़ा था। इस साल अभी तक किसी भी संगठन की ओर से प्रस्ताव नहीं आया है।

Uttarakhand प्रदेश के राशन कार्ड धारकों को 50 फीसदी सब्सिडी पर मिलेगी चीनी और नमक

News web media Uttarakhand news- प्रदेश के अंत्योदय व पीएचएच कार्ड धारकों को प्रति कार्ड चीनी और नमक उपलब्ध कराने की योजना बन रही है। हर कार्ड पर 2 किलो चीनी व 1 किलो नमक 50 फीसदी सब्सिडी पर उपलब्ध कराया जाएगी। इस प्रस्ताव को आगामी कैबिनेट की बैठक में लाया जाएगा।
खाद्य मंत्री रेखा आर्या ने मंगलवार को विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में खाद्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मंत्री ने कहा कि बजट में विभाग द्वारा किये गये प्रावधानों जैसे नमक, चीनी को सब्सिडाईज्ड रेट में उपलब्ध कराने के संबंध में विभागीय अधिकारियों द्वारा की गई तैयारियों तथा प्रस्तावों की प्रगति पर जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि आगामी कैबिनेट बैठक में नमक तथा चीनी को सब्सिडाईज्ड रेट में उपलब्ध कराने के संबंध में प्रस्तावों को लाया जाए
मंत्री ने कहा कि अन्त्योदय परिवार तथा पी.एच.एच. कार्ड धारक को प्रति कार्ड 2 किलो चीनी तथा 1 किलो नमक 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ प्राप्त हो सके, इसको हम सुनिश्चित कर रहे हैं साथ ही प्रति राशन कार्ड और प्रति राशन डीलर को प्रति किलो 1 रूपये लाभांश के भी दिये जाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये हैं।
मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में गरीब परिवारों को नमक तथा चीनी में 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलने से काफी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जिस प्रकार से 3 गैस सिलेण्डर मुफ्त रिफिल की सुविधा प्रदान कर रही है, इस संबंध में भी प्रगति जारी है।
उन्होंने कहा कि व्यापक प्रचार प्रसार के माध्यम से योजना के अंतर्गत आने वाले लोगों द्वारा गैस रिफिल कराने की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। वर्तमान में 1 लाख 76 हजार परिवार में से लगभग 1 लाख 36 हजार परिवार गैस रिफिल कर रहे है। शेष जो परिवार गैस रिफिल नहीं करवा पा रहे हैं, इस संबंध में जनपदवार अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिये हैं।

केदारनाथ में एक-एक घंटे के स्लॉट में दिए जाएंगे यात्रियों को टोकन

News web media uttarakhand : केदारनाथ में भीड़ प्रबंधन के लिए टोकन व्यवस्था करवाई जा रही है। पहले चरण में यहां पांच काउंटर से टोकन मिलेंगे। उसके बाद जैसे-जैसे यात्रियों की संख्या होगी, उसी हिसाब से काउंटर की संख्या बढ़ाई जाएगी। टोकन धाम पहुंचने वाले यात्रियों का बायोमैट्रिक रजिस्ट्रेशन भी कराया जाएगा।

एक-एक घंटे के स्लॉट में दिए जाएंगे यात्रियों को चारधाम यात्रा के लिए टोकन। साथ ही विभाग की ओर से धाम में यात्रियों का ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन भी किया जाएगा। इसके अलावा सोनप्रयाग से केदारनाथ तक पर्यटन मित्र तैनात कराय जायँगे, जो यात्रियों की मदद करने के साथ ही उन्हें पंचकेदार की महिमा के बारे में भी बतायंगे।

टोकन व्यवस्था का जिम्मा पर्यटन विभाग को दिया गया है, जो एक-एक घंटे के स्लॉट में टोकन वितरण करेंगे। जिला पर्यटन एवं साहसिक खेल अधिकारी रुद्रप्रयाग राहुल चौबे ने बताया कि केदारनाथ में भीड़ प्रबंधन के लिए टोकन व्यवस्था की जा रही है। पहले चरण में यहां पांच काउंटर से टोकन दिए जाएंगे। उसके बाद जैसे-जैसे यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, उसी हिसाब से काउंटर की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। टोकन धाम पहुंचने वाले यात्रियों का बायोमैट्रिक रजिस्ट्रेशन भी किया जाएगा, जिससे यात्रियों की सही संख्या पता लगाने में मदद मिलेगी।

MDDA ने जारी किया देहरादून का डिजिटल मास्टर प्लान, एक माह तक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं दूनवासी

News web media uttarakhand : राजधानी देहरादून के साथ ही मसूरी में साल दर साल बेतहाशा बढ़ रही आबादी को ध्यान में रखते हुए एमडीडीए की ओर से मास्टर प्लान-2041 तैयार किया गया है। मुख्य नगर नियोजक की ओर से तैयार मास्टर प्लान को एमडीडीए की बोर्ड बैठक में रखा गया। फिलहाल मास्टर प्लान को मंजूरी नहीं दी गई है। अगली बोर्ड बैठक में कुछ आवश्यक संशोधन के साथ मसौदे को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य नगर नियोजक शशि मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि 2041 तक राजधानी दून और मसूरी की आबादी 24 लाख से अधिक होने के मद्देनजर मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत मसूरी और दून के 505 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में आवास के अलावा बिजली, पानी, सड़क, पार्क, स्कूल, सामुदायिक केंद्र, सीवरलाइन समेत बुनियादी सुविधाओं के विकास की योजना तैयार की गई है। बोर्ड बैठक में मंजूरी मिलने के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा।

वहां से मंजूरी के बाद ही इस पर काम शुरू किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि पहली बार वेब बेस्ड मास्टर प्लान तैयार किया गया है। मंजूरी के बाद इसे एमडीडीए के वेब पेज पर डाला जाएगा, ताकि आम शहरी भी इसमें किए गए प्रावधानों को देखकर सुझाव दे सकें।

नदियों और पर्यावरण के संरक्षण पर फोकस
मुख्य नगर नियोजक ने बताया कि मसौदे में नदियों और पर्यावरण के संरक्षण पर फोकस किया गया है। राजधानी के बीच से बहने वाली रिस्पना और बिंदाल नदी को देखते हुए शहर के विकास का प्लान बनाया गया है। साथ ही प्रस्तावित मास्टर प्लान में शहर से सटे राजाजी टाइगर रिजर्व, जंगलों का भी ध्यान रखा गया है। ताकि, शहर के विकास का असर पर्यावरण पर न पड़े। बोर्ड बैठक में मंडलायुक्त सुशील कुमार के अलावा जिलाधिकारी एवं एमडीडीए उपाध्यक्ष सोनिका, आदि उपस्थित रहे।

कई प्रस्तावों को मिली मंजूरी
बोर्ड बैठक में भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2011 के तहत पांच सौ वर्गमीटर तक के क्षेत्रफल में एकल आवासीय भवनों के लिए सेटबैक एवं नेशनल बिल्डिंग कोड के प्रावधानों को सम्मिलित करने पर मंजूरी दी गई। अब भवन नेशनल बिल्डिंग कोड या उत्तराखंड भवन निर्माण एवं विकास उपविधि के तहत मानचित्र स्वीकृत करा सकेंगे। इसके अलावा प्राधिकरण की आमवाला तरला स्थित आल्यम आवासीय योजना को आईएसबीटी आवासीय योजना के तर्ज पर बनाने के संबंध में निर्णय लिया गया। साथ ही सहमति बनी कि इंदिरा मार्केट रीडेवलपमेंट परियोजना के लिए स्वीकृत मानचित्र की अवधि विस्तार के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। बता दें कि परियोजना के कई साल बाद शुरू किए जाने से मानचित्र की अवधि समाप्त हो चुकी है।

गढ़ी कैंट क्षेत्र में बनेगा सामुदायिक भवन
एमडीडीए बोर्ड बैठक में मसूरी विधानसभा क्षेत्र में सामुदायिक भवन बनाए जाने के संबंध में निर्णय लिया गया। सामुदायिक भवन के संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर इसे बोर्ड बैठक में लाया जाएगा, ताकि इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सके।

 

श्री गुरु राम राय विवि के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए सीएम धामी, 5 हजार से ज्यादा छात्रों को बांटी डिग्रियां

News web media uttarakhand : देहरादून में आज श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर (SGRR University convocation) पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विशिष्ट अतिथि के तौर पर पहुंचे। वहीं बताया जा रहा है कि इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल देकर नवाजा।

छात्र-छात्राओं को मिली डिग्री

आपको बता दां कि दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के 5386 विद्यार्थियों को (SGRR University convocation) उपाधि प्रदान की गई। इस दौरान कुलसचिव डॉ. अजय कुमार खंडूड़ी ने बताया कि दीक्षांत समारोह में जिन विद्यार्थियों को डिग्री दी गई उनमें से 215 मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया। इसी के साथ 34 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। वहीं, ये भी बताया जा रहा है कि विवि के चार छात्र ऐसे भी हैं जिनको कुलाधिपति ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। वहीं विवि की ओर से समाज की दो विशिष्ट विभूतियों को डी-लिट की उपाधि से भी नवाजा गया है।

 

 

 

मुख्यमंत्री धामी ने नैनीताल में लगभग ₹21,997.75 लाख की विकास योजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास

नैनीताल:-  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा नैनीताल के लिए लगभग ₹21,997.75 लाख की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से इस क्षेत्र के विकास की नींव रखी गई है। इन योजनाओं के पूर्ण होने पर क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होगा।मुख्यमंत्री ने कैची धाम में लगने वाले जाम से निजात दिलाने हेतु भवाली सेनेटोरियम से रातीघाट तक बाईपास के निर्माण के साथ ही तल्ला रामगढ़ से क्वारब तक टू लेन सडक निर्माण, नैनीताल में शमशान घाट तक सड़क निर्माण और नैनीताल शहर में 50 वर्ष पुरानी सीवर लाइन को बदलने की घोषणा की। उन्होंने देवीधुरा-जमीरा-ज्सूडा मोटर मार्ग निर्माण, विकास खण्ड कोटाबाग में ग्राम पंगूठ से गढ़चोली तक मोटर मार्ग निर्माण, विकासखण्ड बेतालघाट में रेवली 3.5 किमी मोटर मार्ग निर्माण, भवाली पर्यटक आवास गृह के उच्चीकरण एवं मरम्मत कार्य की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड के विकास हेतु 9 वर्ष में ₹1.50 लाख करोड़ की धनराशि की योजनाओं पर कार्य किया गया। हमारी सरकार रोजगार के अवसर पैदा कर पलायन को रोकने के विजन पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मातृशक्ति का सशक्तीकरण हो रहा है, मातृशक्ति के लोकल उत्पादों को देश व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। जिससे हमारी मातृशक्ति की आर्थिकी के साथ ही देश व दुनिया में नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लैंड जेहाद को लेकर कठोर कानून लेकर आ रही है तथा जबरन धर्मांतरण को लेकर भी कड़ा कानून बनाया गया है। सरकार द्वारा जितनी भी विकास परक योजनायें चलाई जा रही हैं उसमें हर वर्ग का सम्मान किया जा रहा है।

 

मसूरी में मिलेट पर राष्ट्रीय सम्मेलन आज से, मंथन में जुटेंगे 15 राज्य

News web media uttarakhand : कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि प्रदेश सरकार और राज्य कृषि विपणन बोर्ड के सहयोग से मसूरी में 11 से 13 अप्रैल तक मोटे अनाजों पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे, जबकि मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल विशेष रूप से उपस्थित होंगे। उन्होंने बताया कि असम, गोवा, तेलंगाना, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर से राज्य मार्केटिंग बोर्ड के अध्यक्ष व प्रतिनिधि भाग लेंगे।

मंत्री जोशी ने कहा कि सम्मेलन में मोटे अनाजों का उत्पादन और मार्केटिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रबंधन सिस्टम विकसित करने पर चर्चा की जाएगी। साथ ही भारतीय मिलेट अनुसंधान संस्थान हैदराबाद, भारतीय चिकित्सा संयंत्र विपणन संघ, कृषि क्षेत्र के वैज्ञानिक भी जानकारी देंगे।

सेना के लिए खरीद जाने वाले राशन में 25 प्रतिशत मोटे अनाज निर्धारित

मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने भारतीय सेना के लिए कुल क्रय किए जाने वाले राशन में 25 प्रतिशत की हिस्सेदारी मोटे अनाज की तय की है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां सरकार ने मंडुवे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 35.78 रुपये प्रति किलो. तय किया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल जिले में राशन कार्ड धारकों को मंडुवा वितरण किया जाएगा।

 

Sainik School counselling 2023: प्रवेश के लिए दूसरे चरण की काउंसलिंग शुरू, ऐसे करें अप्लाई

Sainik School counselling 2023: परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था ऑल इंडिया स्कूल एडमिशन काउंसलिंग (AISSAC) 2023 ने आधिकारिक वेबसाइट pesa.ncog.gov.in/sainikschoolecounselling पर सैनिक स्कूल की काउंसलिंग प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। ऐसे में जो पैरेंट्स अपने बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन का स्टेप्स ऑफिशियल वेबसाइट पर दिया गया है।

AISSAC 11 अप्रैल, 2023 तक सैनिक स्कूल काउंसलिंग रजिस्ट्रेशन आयोजित करेगा. सैनिक स्कूल काउंसलिंग 2023 राउंड 2 उन उम्मीदवारों के लिए पंजीकरण खुला है. जिन उम्मीदवारों को राउंड 1 में कोई सैनिक स्कूल अलॉट नहीं किया गया था या जिन उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है और राउंड 1 के दौरान चॉइस फिलिंग नहीं की है. छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे बची हुई सीटों के बारे में जानने के लिए AISSAC पोर्टल पर सीट मैट्रिक्स पर जाकर चेक कर सकते हैं.

How to Apply for Sainik School Counselling 2023

  • आधिकारिक वेबसाइट-pesa.ncog.gov.in/sainikschoolecounselling पर जाएं.
  • दिखाई देने वाले होमपेज पर सैनिक स्कूल काउंसलिंग 2023 लिंक पर क्लिक करें.
  • रजिस्टर करें और पूछे गए क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके लॉग इन करें.
  • काउंसलिंग के लिए आवेदन करें और च्वाइस फिलिंग करें.
  • विकल्प सबमिट करें और भविष्य के संदर्भों के लिए पेज को सेव करें.

 

11 अप्रैल से सरकारी स्कूलों में प्रवेशोत्सव, 30 हजार शिक्षकों को मिलेगा टैबलेट

Uttarakhand Govt Teachers Tablets: उत्तराखंड सरकार सरकारी स्कूलों के अध्यापकों को हाईटेक करने जा रही है। जिसके लिए राज्य सरकार करीब 30 हजार प्राथमिक शिक्षकों को टैबलेट बांटने जा रही है. साथ ही सरकार की ओर से सरकारी विद्यालयों में बच्चों के प्रवेश को बढ़ाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसकी शुरुआत 11 अप्रैल से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे. सीएम 11 अप्रैल से सरकारी स्कूलों में प्रवेशोत्सव योजना का शुभारंभ करने जा रहे हैं. इसके तहत सरकारी विद्यालयों में छात्रों को एडमिशन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

11 अप्रैल को एंट्रेंस फेस्टिवल मनाया जाएगा

वहीं, प्राथमिक विद्यालयों के 30 हजार शिक्षकों को टैबलेट बांटा जाएगा. उत्तराखंड शिक्षा विभाग इस दिन को विद्यालयों में प्रवेशोत्सव के रूप में मनाया जाएगा. उत्तराखंड सरकार विद्यालयों को सुविधा संपन्न बनाने के साथ ही छात्रों के प्रवेश को भी प्रोत्साहित करने की कोशिश कर रही है. इस दिशा में 11 अप्रैल को शिक्षा विभाग राजकीय विद्यालयों में प्रवेशोत्सव मनाया जाएगा. इसकी शुरुआत सीएम पुष्कर धामी एक कार्यक्रम के माध्यम से करेंगे. इसके तहत बनियावाला आवासीय विद्यालय में नए छात्रों को स्कूल में प्रवेश दिलाया जाएगा. खास बात यह है कि इस दिन प्राथमिक विद्यालय के करीब 30 हजार शिक्षकों को टैबलेट दिए जाने की भी शुरुआत की जाएगी.इसमें हर प्राथमिक विद्यालयों के खाते में 10 हजार रुपये की राशि ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी.

बच्चों को भी डिजिटल माध्यम का इसके बाद लाभ मिल सकेगा

इस मौके पर शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा नए शैक्षिक सत्र से छात्रों के प्रवेश को विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसके लिए विभागीय अधिकारियों को भी निर्देशित किया जा चुका है. इसके तहत इस कार्यक्रम को सभी जिलों और विकास खंडों के साथ सभी विद्यालयों में आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम में सांसद से लेकर विधायक और दूसरे तमाम जनप्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे. इस कार्यक्रम का मकसद राज्य में सरकारी विद्यालयों में बच्चों के एडमिशन को प्रोत्साहित करना है. दूसरी तरफ, डिजिटल रूप से प्राथमिक शिक्षा को जोड़ने के लिए टेबलेट वितरण की योजना बनाई गई है. प्राथमिक स्तर पर बच्चों को भी डिजिटल माध्यम का इसके बाद लाभ मिल सकेगा.

 

 

केदारनाथ यात्रा के लिए IRCTC पर सभी हेलीकॉप्टर टिकट बुक 30 अप्रैल तक , यात्रा को अगली तारीख के ऐलान का इंतजार करना होगा

News Web media uttarakhand : चारधाम यात्रा के लिए एक ही दिन में केदारनाथ हेली सेवा (Kedarnath Heli Seva) की टिकट 30 अप्रैल तक फुल हो गई है। छह घंटे के भीतर 25 से 30 अप्रैल तक सभी हेली टिकटों की बुकिंग हो चुकी है। इसमें 2673 बुकिंग में 6263 तीर्थयात्रियों ने सीट बुक कराई है। 30 अप्रैल के बाद की बुकिंग के लिए अभी स्लॉट का समय तय नहीं किया गया। शुरूआत में आईआरसीटीसी (IRCTC) के वेबसाइट पर पेमेंट गेट-वे में तकनीकी दिक्कतें आने से ऑनलाइन बुकिंग करने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अब अन्य यात्रियों को टिकट के लिए अगली तारीख के ऐलान का इंतजार करना होगा।

22 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा में 25 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। इसी दिन से हेली सेवा भी शुरू होगी। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने पहली बार केदारनाथ हेली टिकटों की बुकिंग का जिम्मा आईआरसीटीसी को दिया है।

टिकट बुकिंग में हुई परेशानी

शनिवार को निर्धारित समय पर आईआसीटीसी ने heliyatra.irctc.co.in वेबसाइट पर टिकट बुकिंग पोर्टल को खोल दिया था। हेली सेवा से केदारनाथ जाने वाले यात्री भी बेसब्री से आनलाइन टिकट बुकिंग का इंतजार कर रहे थे। पोर्टल खुलने ही कुछ समय के समय के लिए पेमेंट गेट-वे में तकनीकी समस्या के चलते यात्री भी परेशान रहे। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ सी. रविशंकर ने बताया कि चारधाम यात्रा को लेकर तीर्थयात्रियों में काफी उत्साह है। पहले दिन ही केदारनाथ हेली सेवा की टिकट 30 अप्रैल तक फुल हो गई है। शुरूआत में वेबसाइट पर कुछ तकनीकी दिक्कतें आई थी, जिसे ठीक कर सुचारू रूप से टिकटों की बुकिंग की गई।