लोक सेवा आयोग के प्रस्ताव को शासन ने लौटाया ,अब उत्तराखंड में पुराने पैटर्न पर ही होगी पीसीएस परीक्षा

News web media uttarakhand : उत्तराखंड में पीसीएस परीक्षा का पैटर्न नहीं बदलेगा। शासन ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के यूपीएससी पैटर्न लागू करने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। आगामी पीसीएस परीक्षा पुराने पैटर्न से ही होगी। बुधवार को शासन ने इस संबंध में आयोग को पत्र भेजकर स्थिति स्पष्ट कर दी।

दरअसल, राज्य लोक सेवा आयोग ने पिछले दिनों एक प्रस्ताव पास किया था कि चूंकि युवाओं को सिविल सेवा परीक्षा के लिए अलग और उत्तराखंड पीसीएस के लिए अलग तैयारी करनी पड़ती है। कई राज्यों में राज्य व केंद्रीय सेवा की परीक्षाओं के पैटर्न एक समान हैं। लिहाजा, आयोग ने भी यह प्रस्ताव शासन को भेजा था कि राज्य के युवाओं के हित में पीसीएस परीक्षा में यूपीएससी का सिविल सेवा परीक्षा पैटर्न लागू कर दिया जाए। इस प्रस्ताव को लेकर प्रदेशभर से मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं थीं। कई लोगों का ये कहना था कि अगर राज्य में भी केंद्र का यूपीएससी पैटर्न लागू कर देंगे तो राज्य के युवाओं के लिए पीसीएस की राह मुश्किल हो जाएगी।

यह भी मांग उठी थी कि अगर यूपीएससी पैटर्न लागू करें तो इसमें उत्तराखंड से जुड़े प्रश्न पत्र अलग रखे जाएं। पीसीएस परीक्षा पैटर्न को लेकर आयोग और शासन के अधिकारियों के बीच कई दौर की बैठक भी हुई। अब शासन ने तय किया है कि फिलहाल पुराना पैटर्न ही लागू रहेगा। आगामी पीसीएस परीक्षा उसी पैटर्न पर होगी। इसमें किसी तरह का बदलाव स्वीकार नहीं किया गया है। अपर सचिव ललित मोहन रयाल ने इस संबंध में सचिव उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को शासनादेश भेज दिया है।

इस पुराने पैटर्न पर होगी परीक्षा

  • पीसीएस प्री परीक्षा : 150 अंकों का सामान्य अध्ययन और 150 अंकों का सामान्य बुद्धिमत्ता परीक्षा।
  • पीसीएस मुख्य परीक्षा : सात पेपर होते हैं। पहला भाषा का 300 अंकों का पेपर, दूसरा भारत का इतिहास, राष्ट्रीय आंदोलन, समाज एवं संस्कृति का 200 अंकों का पेपर, तीसरा भारतीय राजव्यवस्था, सामाजिक न्याय एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध का 200 अंकों का पेपर, चौथा भारत एवं विश्व भूगोल का 200 अंकों का पेपर, पांचवां आर्थिक एवं सामाजिक विकास का 200 अंकों का पेपर, छठा सामान्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का 200 अंकों का पेपर और सातवां सामान्य अभिरुचि एवं आचार शास्त्र का 200 अंकों का पेपर हैं। पीसीएस परीक्षा में भाषा के पेपर में कम से कम 35 अंक लाने जरूरी हैं।
  • इंटरव्यू : 200 अंकों का

केदारनाथ धाम के फिर रजिस्ट्रेशन पर लगी रोक 29अप्रैल तक, कल खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट

News web Media uttarakhand : चार धाम यात्रा में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. बड़ी संख्या में तीर्थयात्री चार धाम यात्रा के लिए अपने-अपने प्रांतों से निकले हैं. ऋषिकेश में रजिस्ट्रेशन करवाने वाले यात्रियों को तीन धाम के रजिस्ट्रेशन तो मिल रहे हैं लेकिन केदारनाथ के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है जिससे तीर्थयात्रियों में निराशा है. लेकिन भगवान पर आस्था के चलते इंतजार जारी है.

बद्रीनाथ धाम का कपाट 27 अप्रैल को 7:10 पर खुलने जा रहा है. बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले तीर्थयात्री भी धीरे-धीरे बद्रीनाथ धाम की तरफ पहुंचने लगे हैं और बद्रीनाथ धाम के मुख्य पड़ाव पर पड़ने वाले सभी मंदिरों के दर्शन भी कर रहे हैं. यात्रियों में उत्साह है और सभी भगवान बदरी विशाल के कपाट खुलने के साक्षी बनना चाहते हैं.

गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल जी, कुबेर तथा उद्धव जी की डोली भगवान बद्री विशाल के मंदिर पहुंची है. गुरुवार  27 अप्रैल को  7:10  मिनट पर भगवान बद्री विशाल के कपाल ग्रीष्म काल के लिए खुल जाएंगे. लगभग 15 से 20 क्विंटल फूलों से भगवान बद्री विशाल का मंदिर सजाया जा रहा है. मंदिर परिसर के आसपास के सभी इलाकों को रंग-बिरंगे फूलों से सजाने का काम भी जारी है

Dehradun news: अब नहीं होगी देहरादून में पार्किंग समस्या, घर से निकलने से पहले कर सकतें हैं पार्किंग बुक

News web media Uttarakand : यदि आप घर से कार लेके देहरादून में आ रहें हैं और पार्किंग की चिंता सता रही हो तो घबराने की जरूरत नहीं है, अब आप घर से निकलने से पहले अपने मोबाइल फोन से कार पार्किंग बुक कर सकते हैं। राजधानी देहरादून उत्तराखंड का पहला ऐप आधारित स्मार्ट पार्किंग मैनेजमेंट सिस्टम लांच कर दिया है। आप इस एप की मदद से शहर में उपलब्ध पार्किंग आसानी से ढूंढ सकते हैं और आसानी से वहां तक पहुंच भी सकते हैं। एप अपने निकट 3 किमी में पार्किंग खोज सकता है। अब पार्क+ एप डाउनलोड कर देहरादून के लोग न केवल पार्किंग ढूंढ सकते हैं, बल्कि अन्य सेवाएं भी ले सकते हैं।

आपके पास है पार्किंग तो होगी कमाई

इस एप्लीकेशन के माध्यम से तीन किलोमीटर की परिधि में स्थित पार्किंग स्थलों में अपने वाहन के लिए पार्किंग बुक की जा सकती है। इतना ही नहीं अगर आपके पास पार्किंग की जगह है तो आप एप में रजिस्टर्ड कर पार्किंग के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें प्रतिघंटा के हिसाब से शुल्क का भुगतान होगा।

ऐसे करें पार्किंग बुक पार्किंग

बुक करने के लिए पहले मोबाइल फोन पर पार्क प्लस ऐप डाउनलोड करें। इसके बाद अपने लोकेशन के आसपास की पार्किंग तलाश करें। नेविगेशन आइकन पर क्लिक करें और पार्किंग स्थान पर पहुंचें। एप पर चालान की भी जानकारी मिलेगी।

देश के अंतिम गांव कहे जाने वाले गांव माणा में लगा देश के पहले गांव का साइन बोर्ड

News web media uttarakhand : उत्तराखंड के चमोली जिले में सीमा पर बसे सीमांत गांव माणा के प्रवेश द्वार पर ‘भारत का प्रथम गांव’ होने का साइन बोर्ड लगा दिया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा, ‘अब माणा देश का आखिरी नहीं बल्कि प्रथम गांव के रूप में जाना जाएगा.’

उन्होंने कहा, ‘पिछले साल अक्टूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमांत गांव माणा में उसे देश के प्रथम गांव के रूप में संबोधित किया था और हमारी सरकार सीमांत क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास हेतु सदैव समर्पित है.’ इक्कीस अक्टूबर 2022 को माणा में आयोजित एक कार्यक्रम में पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री द्वारा माणा को भारत का अंतिम गांव की बजाय देश का पहला गांव कहे जाने पर मुहर लगाते हुए कहा था कि अब तो उनके लिये भी सीमाओं पर बसा हर गांव देश का पहला गांव ही है.

बद्रीनाथ से लगभग 5 किमी दूर है माणा गांव
उत्तराखंड में 3200 मीटर की ऊंचाई पर चमोली जिले में स्थित माणा गांव बद्रीनाथ से लगभग 5 किमी दूर है. यह खूबसूरत गांव भारत-चीन सीमा से 24 किमी दूर है. इस गांव को भारत में ट्रेकिंग के लिए सबसे अच्छे स्थानों में से एक माना जाता है.

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए टीम इंडिया घोषित

News web media uttarakhand : बीसीसीआई (BCCI) ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (World Test Championship) के फाइनल के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम का एलान ​कर दिया है। आईपीएल 2023 (IPL 2023)  में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अजिंक्य रहाणे जहां टीम में जगह बनाने में सफल रहे हैं। तो वहीं खराब प्रदर्शन करने वाले सूर्यकुमार यादव को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप  का फाइनल मुकाबला 7 जून से भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जाना है। बतौर विकेटकीपर केएस भरत को टीम में जगह मिली है। तेज गेंदबाज के ऑलराउंडर के तौर पर शार्दुल ठाकुर चुने गए हैं। पिछले दिनों ऑस्ट्रेलियाई सीरीज में सूर्या का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था।

अजिंक्य रहाणे की बात करें तो वो टीम इंडिया से बाहर चल रहे थे, लेकिन आईपीएल 2023 (IPL 2023) में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से उन्होंने अब तक ताबड़तोड़ प्रदर्शन किया है।

भारत की फाइनल टीम

रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, केएल राहुल, केस भरत (विकेटकीपर), आर अश्विन, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, शार्दुल ठाकुर, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, उमेश यादव, जयदेव उनादकट।

पिछली बार टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में मिली थी हार
भारतीय टीम लगातार दूसरी बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची है। उसे पिछली बार 2021 में खिताबी मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। टीम इंडिया ने टेस्ट चैंपियनशिप के 2021-23 सीजन में शानदार प्रदर्शन किया। वह ऑस्ट्रेलिया के बाद अंक तालिका में दूसरे स्थान पर रही।

 

केदारनाथ यात्रा से पहले हेलीपैड पर दर्दनाक हादसा, हेलीकॉप्टर के पंखे की चपेट में आने से मौत

News web media Uttarakhand : उत्तराखंड में केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू होने से पहले बड़ा हादसा हो गया. (रविवार) दोपहर हेलीकॉप्टर के पंखे की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई. मृतक का नाम अमित सैनी था. अमित उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी के वित्त नियंत्रक थे.

मिली जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के दौरान अमित टेल रोटर (पीछे के पंखे) की चपेट में आ गए, जिससे उनकी गर्दन कट गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. गढ़वाल के आईजी करन सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं. अमित के परिजनों को सूचित कर दिया गया है.

धाम का निरीक्षण करने गए थे
मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना दोपहर करीब दो बजे की है. UCADA के वित्त नियंत्रक अमित सैनी केदारनाथ धाम के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे, लेकिन निजी एविएशन कंपनी के हेलीकॉप्टर से उतरते हुए पंखे से टकराकर उनकी मौत हो गई. हेलीपैड पर हादसे के वक्त उत्तराखंड सिविल एविएशन के सीईओ भी मौजूद थे. हेलीकॉप्टर के पिछले ब्लेड की चपेट में आने से अमित की गर्दन कट गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. उनके परिजनों को इसकी सूचना दे दी गई है. एसपी ने बताया कि घटना दोपहर दो बजे की है. एसडीआरएफ के अधिकारी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है. जांच की जा रही है.

कोरोना की रफ़्तार, उत्तराखंड में मिले कोरोना के 154 मामले, पांच माह की बच्ची की हुई मौत

News web media uttarakhand : देहरादून में सबसे अधिक 80 लोग संक्रमित मिले है। इसके अलावा नैनीताल में 21, हरिद्वार में 17, उत्तरकाशी में नौ, पौड़ी गढ़वाल व चमोली में सात-सात, बागेश्वर में पांच, अल्मोड़ा व चंपावत में तीन-तीन और पिथौरागढ़ व टिहरी गढ़वाल में एक-एक मरीज मिला है।

इसी के साथ हल्द्वानी के डा. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में कोरोना संक्रमित पांच महीने की बच्ची की मौत हो गई है। बच्ची को 20 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती किया गया था। वह निमोनिया से ग्रस्त थी। साथ ही उसे गैस्ट्रो से संबंधित समस्या भी थी।

बता दे कि प्रदेश में इस साल कोरोना के 1851 मामले आए है। जिनमें 1452 स्वस्थ भी हो चुके है। फिलवक्त राज्य में कोरोना के 388 सक्रिय मामले है। वहीं इस साल कोरोना संक्रमित 11 मरीजों की मौत भी हो चुकी है।

चारधाम यात्रा से पहले जिलाधिकारियों से CM धामी ने की बात बोले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करो

News web media Uttarakhand : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र में चारधाम यात्रा- 2023 के सफल संचालन हेतु राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा आयोजित टेबल टॉप एवं मॉक अभ्यास कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्गों पर आपदा प्रबंधन के लिए किये जा रहे मॉक अभ्यास का वर्चुअल अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत सभी तैयारियां की गई हैं। चारधाम यात्रा मार्गों पर आपदा प्रबंधन की दृष्टि से यात्रा शुरू होने से पूर्व मॉक अभ्यास किया गया है। इससे आपदा प्रबंधन के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार के विभिन्न संस्थानों के बीच समन्वय भी बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुगम और सुरक्षित चारधाम यात्रा की नियमित समीक्षा की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर चमोली, रूद्रप्रयाग एवं उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों से यात्रा के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी भी ली। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि यात्रा शुरू होने से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी हो जाएं। इस अवसर पर अधिकारियों ने मॉक ड्रिल में आपदा प्रबंधन के लिए की जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।

उत्तराखंड में बनेंगे 232 पीएम श्री स्कूल,शिक्षा मंत्री ने डीपीआर तैयार करने को दिए निर्देश

NEWS WEB MEDIA UTTARAKHAND : राज्य में शिक्षा विभाग की सूरत बदलने के लिये राज्य सरकार कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम कर रही है। उत्तराखंड में 232 पीएम स्कूल बनाए जाएंगे। प्रथम चरण में केन्द्र सरकार ने 142 विद्यालय को स्वीकृत किया है। विभागीय मंत्री ने चयनित स्कूलों की विस्तृत डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिये हैं।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने इन योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन को लेकर आज सभी जनपदों के जिलाधिकारियों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। जिसमें उन्होंने प्रदेशभर में चयनित पीएम-श्री स्कूलों और कलस्टर विद्यालयों की शीघ्र डीपीआर तैयार करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। इसके अलावा उन्होंने प्रत्येक जिले में स्कूल भवनों की ग्रेडिंग एवं विद्यालयों में ढांचागत व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने को भी कहा है।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की सूरत बदलकर देश में एक मिसाल कायम की जायेगी। जिस पर राज्य सरकार लगातार काम कर ही है। इसी क्रम में उन्होंने आज सभी जनपदों के जिलाधिकारियों, मुख्य शिक्षा अधिकारियों एवं शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से बैठक कर विभाग की सभी योजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिये समयबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिये।

उन्होंने बताया कि विभाग ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शैक्षिक सुधार से जुड़ी महत्वाकांक्षी योजना पीएम-श्री स्कूल के लिये सूबे के 232 स्कूलों का चिह्नीकरण कर भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा, जिनमें से भारत सरकार द्वारा प्रथम चरण में 142 विद्यालयों को पीएम-श्री स्कूल के लिए स्वीकृत प्रदान कर दी गई है। इनकी विस्तृत डीपीआर तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दे दिये गये हैं ताकि चयनित विद्यालयों का संचालन समय पर हो सकें।

डा. रावत ने बताया कि विभाग ने प्रदेशभर के 1520 इंटरमीडिएट विद्यालयों को मिलाकर 559 कलस्टर विद्यालय बनाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसको स्वीकृति के लिए आगामी राज्य कैबिनेट की बैठक में रखने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं, इससे पूर्व मंगलवार हो हुई राज्य की कैबिनेट बैठक में 603 प्राथमिक व 76 उच्च प्राथमिक कलस्टर विद्यालयों की स्वीकृति मिल चुकी है। इसी प्रकार प्रदेशभर में विद्यालय भवनों की पांच श्रेणियों में ग्रेडिंग कर इंटरमीडिएट स्तर के 2262 विद्यालय चिन्हित कर लिये गये हैं, जिनमें से 122 विद्यालयों के नये भवन बनाए जायेंगे जबकि 539 विद्यालयों में वृहद निर्माण, 886 विद्यालयों में लघु निर्माण तथा 715 विद्यालयों में रंग-रोगन किया जायेगा।

विभागीय मंत्री ने बताया कि कलस्टर विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति के साथ ही स्मार्ट क्लास, कम्प्यूटर लैब, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, अतिरिक्त कक्षा कक्ष, खेल सामग्री, सहित तमाम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध की जायेगी। इसके अलावा कलस्टर विद्यालय के छात्र-छात्राओं के अतिरिक्त आस-पास के स्कूलों से समायोजित छात्र-छात्राओं को आने-जाने के लिये परिवहन की सुविधा भी मुहैया कराई जाएंगी।

 

 

मुख्यमंत्री ने पेयजल अधिकारियों को दिए ये जरूरी निर्देश, जानिए

News web media uttarakhand  : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में पेयजल विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए पेयजल से संबंधित सभी समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के साथ किया जाए। सभी जिलाधिकारी, पेयजल विभाग के अधिकारी जिलों में ग्राम स्तर तक पेयजल स्थिति का फीडबैक लें। गंगा एवं उसकी सहायक नदियों को स्वच्छ बनाए जाने हेतु और अधिक कार्य करने की उन्होंने आवश्यकता बतायी। गंगा नदी की स्वच्छता के क्षेत्र में हमारा राज्य मॉडल राज्य के रूप में सामने आए। इस दिशा में समेकित प्रयासों पर भी ध्यान दिये जाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।

प्रदेश में जल संचय एवं नदी की स्वच्छता हेतु स्वच्छता समितियां बनाकर लोगों को जागरूक किया जाए। जन सहभागिता से होने वाले कार्यों के अच्छे परिणाम मिलते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा के दृष्टिगत जलापूर्ति के लिए सुनियोजित व्यवस्था की जाय । चारधाम यात्रा मार्गों पर उच्च गुणवत्ता के पर्याप्त वाटर एटीएम लगाये जाए। वाटर एटीएम के साथ पानी की गुणवत्ता को भी डिस्प्ले किया जाय। चारधाम यात्रा आस्था का प्रतीक है। देश विदेश से लाखों श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखण्ड आते हैं। श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित कर लिया जाय कि यात्रा मार्गों पर सुलभ शौचालयों में पर्याप्त पानी की उपलब्धता रहे। मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत भी जलापूर्ति के लिए वाटर एटीएमध्नलकूप की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने नमामि गंगे योजना के अंतर्गत राज्य में गंगा की निर्मलता एवं स्वच्छता के लिए किये जा रहे कार्यों में गंगा एवं उसकी सहायक नदियों को स्वच्छ बनाए जाने हेतु और अधिक प्रयासों की जरूरत बतायी। गंगा नदी की स्वच्छता के क्षेत्र में हमारा राज्य मॉडल राज्य के रूप में सामने आए। हमारे राज्य से गंगा साफ निर्मल बहे ये सभी राज्य वासियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारी एवं पेयजल विभाग के अधिकारी जिले के ग्राम स्तर तक पेयजल से संबंधित समस्याओं का फीडबैक लें। गांव के स्तर पर पानी के स्टोरेज हेतु स्टोरेज टैंक का निर्माण किया जाए। विभिन्न भौगोलिक स्थितियों के आधार पर पेयजल योजनाओं पर कार्य हो। उन्होंने कहा हैंडपंप के साथ सोलर वाटर पंप भी स्थापित किए जाएं। राज्य के प्रत्येक विद्यालय में पेयजल की व्यवस्था तय समय पर पूरी हो यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए।