उत्तराखंड की मीमांसा का राष्ट्रीय स्तर पर चयन, स्केटिंग के क्षेत्र में लहराया परचम

News web media uttarakhand : उत्तराखंड में खेल के क्षेत्र में युवाओं द्वारा कमाई जा रही सफलता और उन्हें मिल रहे प्रोत्साहन का नतीज़ा है कि आज के वक्त में बच्चे भी खेल के नए नए क्षेत्रों का अन्वेषण कर रहे है। पारंपरिक खेलों से बाहर निकल कर युवा कुछ नया और अनोखा ढूंढ रहे हैं। इनमें से कुछ तो इन खेल क्षेत्रों में अपना परचम लहराने निकल चुके है। इस में सब से अनोखी बात है बेटियों का इन खेल कूद की गतिविधियों में बढ़ चढ़ कर भाग लेना।
उत्तराखंड राज्य की एक ऐसी ही बेटी है मीमांसा नेगी। देहरादून की रहने वाली मीमांसा नेगी 13 वर्ष की उम्र से ही स्केटिंग में कमाल कर रही हैं। स्केटिंग के क्षेत्र में वो 5 बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में खेल चुकी हैं। 2022 में सीआईएसएस रीजनल में दो गोल्ड जीतने के बाद मीमांसा नेशनल प्रतियोगिता के लिए चयनित हुई थी, जिसके बाद उन्होंने अहमदाबाद के राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शिरकत की थी। इस प्रतियोगिता में उन्होंने दूसरा स्थान प्राप्त कर सिल्वर मेडल जीता था।
इस वर्ष भी एक से तीन अक्टूबर तक हुई सीआईएससीई यूपी और उत्तराखंड रीजनल की स्केटिंग प्रतियोगिता में उन्होंने एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता। इस जीत ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए उनका द्वार फिर से खोल दिया है। रीजनल की स्केटिंग प्रतियोगिता जीतने के बाद मीमांसा का चयन फिर से राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ है। 4 से 7 नवंबर को महाराष्ट्र के पुणे में राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा जिसे भीमांसा भी भाग लेंगी। उत्तराखंड राज्य को उनसे गोल्ड की पूरी उम्मीद है। छोटी सी उम्र से ही स्केटिंग का शौक रखने वाली मीमांसा अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने कोच अरविंद गुप्ता और दीप मिथुन सेनातिपथी को देती है। उनका मानना है कि अपने कोच की ट्रेनिंग के कारण ही वो आज इस मुकाम पर पहुंची है।

पार्वती कुंड जहाँ आज पीएम मोदी ने की पूजा, आदि-कैलाश के भी किए दर्शन

NEWS WEB MEDIA UTTARAKHAND : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिथौरागढ़ पहुंच गए हैं। सबसे पहले पीएम मोदी जोलिंगकोंग पहुंचे और यहां पार्वती कुंड में पूजा और दर्शन किये। प्रधानमंत्री इस स्थान पर पवित्र आदि-कैलाश से आशीर्वाद भी लिया।  यह जोलिंगकोंग इलाका है। यहां से 20 किलोमीटर की दूरी के बाद चीन की सीमा शुरू हो जाती है। नरेंद्र मोदी देश के पहले PM हैं, जिन्होंने उत्तराखंड से लगी भारत-चीन सीमा पर आदि कैलाश पर्वत का दर्शन किया। उत्तराखंड में धारचूला से 70 किमी दूर और 14000 फीट ऊपर बसा छोटा सा वीरान गांव गुंजी अगले दो साल में बड़े धर्म नगर शिव धाम के रूप में विकसित हो जाएगा। कैलाश व्यू प्वाइंट, ओम पर्वत और आदि कैलाश के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का धारचूला के बाद यही सबसे बड़ा और अहम पड़ाव होगा। यहां बड़े यात्री निवास, होटल बनेंगे। भारतीय टेलीकॉम कंपनियों का नेटवर्क भी मिलेगा। गांव में होम स्टे बढ़ाए जाएंगे।

इसके बाद देश की सीमा से सटे गांव गुंजी में पीएम नरेंद्र मोदी का आगमन हो रहा है। इसको लेकर वहां पर उत्साह का माहौल है। वहां पर पीएम मोदी सेना, आईटीबीपी और बीआरओ कर्मियों के साथ बातचीत करेंगे। उनसे सीमा के हालात पर चर्चा होगी। इसके बाद वे गुंजी गांव लोगों के साथ भी संवाद करेंगे। पीएम नरेंद्र मोदी आध्यात्मिक महत्व वाले जोगेश्वर धाम और पार्वती कुंड में भी दर्शन और पूजन करेंगे। पिथौरागढ़ को पीएम मोदी 4200 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात देंगे। कई योजनाओं का यहां शिलान्यास होगा। वहीं, कई योजनाओं का लोकार्पण भी होना है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम को लेकर अपनी उत्सुकता जताई।

उत्तराखंड रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने एक्स हेंडल पर लिखा, “देवभूमि उत्तराखंड के जन-जन के कल्याण और राज्य के तेज विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। इसे और गति देने के लिए पिथौरागढ़ में कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करूंगा। यहां के गुंजी गांव में लोगों से संवाद का सुअवसर भी मिलेगा। अपने इस दौरे में आध्यात्मिक महत्त्व के पार्वती कुंड और जागेश्वर धाम में दर्शन और पूजन की भी उत्सुकता से प्रतीक्षा है।

भारत के साथ रक्षा सौदे पर अमेरिकी सरकार ने मांगा उद्योग जगत से फीडबैक

News web media Uttarakhand : अमेरिकी सरकार ने भारत के साथ पारस्परिक रक्षा खरीद समझौता करने से पहले, इसे लेकर अपने रक्षा उद्योग से फीडबैक मांगा है। अमेरिका के संघीय रजिस्टर विभाग द्वारा एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इस नोटिफिकेशन में पूछा गया है कि ‘अमेरिका सरकार की तरफ से रक्षा विभाग भारतीय गणतंत्र के साथ परस्पर रक्षा सौदे को लेकर बातचीत कर रही है। ऐसे में रक्षा विभाग ने अमेरिकी रक्षा कंपनियों से उनके भारत के रक्षा विभाग या उनके सुरक्षा बलों के साथ हुई डिफेंस डील के अनुभव के बारे में पूछा है।’

28 देशों के साथ अमेरिका ने किया है ये रक्षा सौदा
बता दें कि अभी तक अमेरिका ने दुनिया के 28 देशों के साथ परस्पर रक्षा समझौता (पारस्परिक रक्षा खरीद (आरडीपी) समझौते) किया है। यह समझौता अमेरिका के रक्षा मंत्री और दूसरे देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच हुए हैं। परस्पर रक्षा समझौते का उद्देश्य सहयोगी और मित्र देशों के साथ पारंपरिक हथियारों में मानकीकरण, एक-दूसरे पर निर्भरता, अंतरसंचालनीयता को बढ़ावा देना है। यह समझौता रक्षा खरीद के संबंध में चल रहे संचार के लिए एक रूपरेखा प्रदान करता है। इन समझौतों में ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, जिस पर दोनों देश सहमत होते हैं और उनकी रक्षा खरीद कुछ क्रियान्वित प्रक्रियाओं के अनुसार होगी।

भारत अमेरिका के बीच हुए हैं अहम रक्षा समझौते
बीते जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका का दौरा किया था। इस दौरान भारत और अमेरिका के बीच कई अहम रक्षा सौदों पर सहमति बनी थी। इन्हीं में परस्पर रक्षा खरीद समझौता और आपूर्ति की व्यवस्था की सुरक्षा जैसे समझौते शामिल थे। भारत और अमेरिका के बीच जनरल इलेक्ट्रिक के एफ414 जेट इंजन की तकनीक से भारत के लड़ाकू विमान तेजस मार्क-2 के इंजन बनाने का समझौता हुआ है। इसके अलावा भारत ने अमेरिका से 31 एमक्यू-9बी ड्रोन खरीदने के सौदे को भी मंजूरी दे दी है।

सीएम केजरीवाल ने एथलीट तेजस्विन शंकर को मेडल पहनाकर किया सम्मानित

News web media Uttarakhand : एशियन गेम्स में देश को सिल्वर मेडल दिलाने वाले एथलीट तेजस्विन शंकर को सीएम अरविंद केजरीवाल ने मेडल पहनाकर सम्मानित किया। साथ ही भविष्य में शानदार प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। दिल्ली के मालवीय नगर निवासी तेजस्विन शंकर ने सोमवार को सीएम अरविंद केजरीवाल से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की।

सीएम ने कहा कि तेजस्विन शंकर ने एशियन गेम्स की डीकेथलॉन स्पर्धा में भारत को रजत पदक दिलाया। इस दौरान उन्होंने नया नेशनल रिकॉर्ड भी बनाया। तेजस्विन शंकर दिल्ली सरकार की मिशन एक्सिलेंस स्कीम के लाभार्थी हैं। सीएम ने कहा युवाओं में अपार प्रतिभा है, केवल उनका साथ देना है और उन्हें आगे बढ़ाना है। इस दौरान स्थानीय विधायक सोमनाथ भारती और तेजस्विन के परिवार के लोग भी मौजूद थे।

भारतीय वायु सेना को मिली नई पहचान, 91 वीं वर्षगांठ पर बदला गया सेना का झंडा

News web media uttarakhand : भारतीय वायुसेना का एक और नया अध्याय जुड़ गया है। भारतीय वायुसेना को नया झंडा मिल गया है। वायु सेना अध्यक्ष चीफ एयर मार्शल वीआर चौधरी ने परेड के दौरान झंडा बदलने के साथ वायु योद्धाओं को शपथ भी दिलाई है। बता दे कि कल यानी रविवार को वायु सेना की 91 वीं वर्षगांठ थी। इस खास मौके पर वायु सेना नया झंडा मिल गया है। इस खास मौके पर देश के पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को 91वें वायु सेना स्थापना दिवस पर सभी भारतीय वायु सेना कर्मियों को शुभकामनाएं दीं। भारतीय वायु सेना ने रविवार सुबह प्रयागराज के बमरौली वायु सेना स्टेशन पर औपचारिक परेड के साथ 91वीं वर्षगांठ समारोह की शुरुआत की।

वायु सेना दिवस भारतीय वायु सेना (IAF) को देश के सशस्त्र बलों में आधिकारिक रूप से शामिल करने का प्रतीक है, जिसकी स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी। हर साल यह दिन भारतीय वायु सेना प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में मनाया जाता है। वायु सेना को आधिकारिक तौर पर 1932 में यूनाइटेड किंगडम की रॉयल एयर फ़ोर्स की सहायक सेना के रूप में स्थापित किया गया था और पहला ऑपरेशनल स्क्वाड्रन 1933 में बनाया गया था। आपको बता दें कि पुराने झंडे को उतारने के बाद मध्य वायु कमान के संग्रहालय में उसे सुरक्षित रखा जाएगा। इससे पहले भारतीय नौसेना के झंडे में भी बदलाव किया जा चुका है। स्वतंत्रता के बाद 1951 में वायु सेना का ध्वज बनाया गया था। वर्तमान ध्वज नीले रंग का है। इसमें ऊपर बाएं कोने पर तिरंगा है, जबकि दाएं कोने पर नीचे वायु सेना का गोल निशान है।

नए झंडे में हुए ये बदलाव..

वायु सेना के नए झंडे मे गोल आकृति को हटाया गया है जो अंग्रेजों के दौर में भी थी। इसे हटाकर भारत को प्रतिबिंबित करने वाला ध्वज बनाया गया है। नया ध्वज भारतीय वायु सेना के मूल्यों को बेहतर ढंग से प्रकट करेगा। नए ध्वज में शीर्ष पर राष्ट्रीय प्रतीक अशोक की लाट पर सिंह अंकित है और उसके नीचे देवनागरी में सत्यमेव जयते शब्द है। सिंह के नीचे हिमालयी ईगल है, जिसके पंख फैले हुए हैं, जो भारतीय वायुसेना के युद्ध के गुणों को दर्शाता है। हल्के नीले रंग का वलय हिमालयी ईगल को घेरे हुए है, जिस पर लिखा है भारतीय वायु सेना। भारतीय वायुसेना का आदर्श वाक्य ‘नभ: स्पृशं दीप्तम्’ हिमालयी ईगल के नीचे देवनागरी के सुनहरे अक्षरों में अंकित है।

 

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ पहुंचे देहरादून,मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक

News web media Uttarakhand : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज शुक्रवार से सायं देहरादून पहुंच चुके हैं। गौरतलब है कि देहरादून में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक होनी है। इस बैठक में प्रतिभाग करने के लिए सीएम योगी देहरादून पहुंचे हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ का पैतृक घर भी उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के पंचूर गांव में है। देहरादून में 7 अक्टूबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक होनी है। बैठक के मद्देनजर पुलिस की तरफ भी तमाम व्यवस्थाएं की गई हैं, और ट्रैफिक प्लान अभी से जारी कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी का हेलीकॉप्टर देहरादून के जी टी सी हेलीपैड पर लैंड हुआ। जहाँ टिहरी सांसद राज्यलक्ष्मी शाह, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, प्रेमचंद अग्रवाल के साथ ही विधायक खजान दास, सविता कपूर और दुर्गेश्वर लाल मौजूद रहे। साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी मुख्यमंत्री योगी का स्वागत किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज से तीन दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे हैं। शनिवार को वह मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होंगे। बैठक में शामिल होने के बाद शाम को ही योगी केदारनाथ धाम जाएंगे। वहीं आठ अक्टूबर को बद्रीनाथ धाम के दर्शन करने के बाद वह वापस लखनऊ लौट जाएंगे।

 

यूपी के प्रतापगढ़ जंक्शन समेत 3 रेलवे स्टेशन के बदले नाम,

News web media Uttarakhand :  उत्तर प्रदेश के तीन स्टेशनों के नाम बदल दिए गए हैं। रेलवे ने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में तीन स्टेशनों का नाम बदलने की घोषणा की है। गृह मंत्रालय ने जुलाई में इन स्टेशनों के नाम बदलने को मंजूरी दी थी। इन स्टेशनों में प्रतापगढ़ जंक्शन, अंतू स्टेशन और बिशनाथगंज स्टेशन शामिल हैं।

रेलवे की ओर से प्रेस रिलीज कर बताया कि प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ जंक्शन कर दिया गया। अंतू रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर मां चंद्रिका देवी धाम अंतू और बिशनाथगंज का नाम बदलकर शनिदेव धाम बिशनाथगंज कर दिया गया है। प्रतापगढ़ के सांसद संगम लाल गुप्ता ने केंद्र से तीन स्टेशनों का नाम बदलने का आग्रह किया था।

इन तीन स्टेशनों के नाम बदले
प्रतापगढ़
अंतू
बिशनाथगंज

अब इन नामों से होगी पहचान
प्रतापगढ़ – मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ जंक्शन
अंतू – मां चंद्रिका देवी धाम अंतू
बिशनाथगंज – शनिदेव धाम बिशनाथगंज

उत्तराखंड: नर्सिंग भर्ती का शासनादेश जारी, 1383 पदों पर होगी भर्ती

News web media Uttarakhand : उत्तराखण्ड में नर्सिंग अधिकारी बनने की राह देख रहे युवाओं के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है। जी हां.. बीते दिनों नर्सिंग अधिकारी के पद पर 1377 युवाओं का चयन होने के पश्चात अब जल्द ही 1383 पदों पर चिकित्सा शिक्षा विभाग मेडिकल कॉलेज के द्वारा नर्सिंग भर्ती की चयन/आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस संबंध में संविदा एवं बेरोजगार नर्सिंग अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष हरिकृष्ण बिजल्वाण ने बताया कि शासन की ओर से 1383 पदों पर नर्सिंग अधिकारीयों की भर्ती का शासनादेश प्राप्त हो गया है। जिसके मुताबिक इस भर्ती में जहां एक ओर 80% पद महिला और 20% पद पुरुष अभ्यर्थियों के होंगे वहीं दूसरी ओर 70% पदों पर डिप्लोमा धारक युवाओं और 30% पदों पर डिग्री धारक युवाओं का चयन किया जाएगा

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी बताया कि यह भर्ती वर्षवार मेरिट के आधार पर होगी। जिसके लिए उनका संगठन माननीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत और माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करता है। उन्होंने बताया कि संगठन के सदस्यों ने नर्सिंग अधिकारी के रूप में अपने प्रदेश की सेवाएं बहुत न्यूनतम वेतन में दुर्गम अति दुर्गम स्थानों पर की है, अब सरकार की पहल से उन्हें नर्सिंग अधिकारी के पद पर सरकारी नौकरी मिलने जा रही है।

 

पहाड़ में खोलेगा 2 पम्प स्टोरेज, 15 हजार करोड़ का MOU साइन, 1000 लोगों को मिलेगा रोजगार

News web media uttarakhand : दिसंबर में आयोजित होने वाली ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में बंपर निवेश लाने के लिए धामी सरकार के प्रयास रंग लाते दिख रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी आज दिल्ली में समिट के लिए रोड शो कर रहे हैं। इस बीच जे एस डब्लयू नियो एनर्जी लिमिटेड ने उत्तराखंड में 15 हजार करोड़ निवेश करने का एमओयू साइन किया है।

नई दिल्ली में उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के रोड शो के दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में यह एमओयू साइन किया गया। MOU के तहत अल्मोड़ा में 1500 मेगावाट के 2 पम्प स्टोरेज का विकास किया जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड में पंप स्टोरेज प्लांट, सीमेंट, स्पोर्ट, ट्रेनिंग सेंटर, पेयजल, कुमाऊ के  मंदिरों (मानसखंड मंदिर माला को CSR के तहत ) पुन:र्द्धार व सौंदर्यकरण के क्षेत्र में सहयोग की अपेक्षा की। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने राज्य में पीएसपी के विकास को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड पंप स्टोरेज परियोजना नीति तैयार की है, जो डेवलपर्स को प्रमुख प्रोत्साहन प्रदान करती है।

MOU के तहत जे०एस० डब्ल्यू एनर्जी 1500 मेगावाट क्षमता के अल्मोडा में 2 स्व-पहचान वाली पंप स्टोरेज परियोजनाएं स्थापित करने की योजना पर कार्य करेगी, जिसे अगले 5-6 वर्षों में विकसित किया जाएगा। अल्मोडा के जोसकोटे गांव में साइट 1 में यह योजना निचला बांध / जलाशय कोसी नदी से 8-10 किमी की दूरी पर प्रस्तावित है तथा अल्मोड़ा के कुरचौन गांव में साइट 2 में  यह ऊपरी जलाशय कोसी नदी से 16 किमी की दूरी पर प्रस्तावित है। इस योजना से एक बड़ी आबादी को पेयजल की आपूर्ति तथा कृषि के लिए सिचाई की सुविधा प्राप्त होगी। इसके साथ ही इस योजना से 1000 लोगो को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

 

उत्तराखंड में पीएम मोदी के दौरे की तैयारियां तेज, पिथौरागढ़ और चमोली को मिल सकती है टनल की सौगात

NEWS WEB MEDIA UTTARAKHAND : पीएम मोदी 11 और 12 अक्टूर को पिथौरागढ़ आने वाले हैं। इसके साथ ही उनके अल्मोड़ा दौरे पर आने की चर्चाएं भी हो रही हैं। इसी बीच कहा जा रहा है कि पीएम मोदी पिथौरागढ़ और चमोली टनल की सौगात दे सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी पिथौरागढ़ दौरे के से नारायण आश्रम और आदि कैलाश के प्रस्तावित दौरे से सीमांत जिले पिथौरागढ़ और चमोली जिले को सौगात मिलने की उम्मीद है। मिली जानकारी के मुताबिक पिथौरागढ़ से ज्योलिंगकांग और चमोली के लापथल को जोड़ने के लिए टनल और सड़क निर्माण को स्वीकृति दे सकते हैं।

राज्य सरकार का ये प्रस्ताव लंबे समय से केंद्र सरकार के पास विचाराधीन है। कुछ समय पूर्व सीएम ने दिल्ली में पीएम से मुलाकात कर इस प्रस्ताव को लेकर चर्चा की थी। कयास लगाए जा रहे हैं प्रधानमंत्री सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे सकते हैं। वर्तमान में ज्योलिंगकांग आदि कैलाश से चमोली के लापथल की दूरी 490 किमी है। अगर इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाए तो यह दूरी सिर्फ 42 किमी रह जाएगी। राज्य सरकार ने कुछ समय पूर्व केंद्र सरकार को भेजे प्रस्ताव में टनल निर्माण का सुझाव और भारत-चीन सीमा पर स्थित दो घाटियों को जोड़ने का जिक्र किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 और 12 अक्तूबर के अपने प्रस्तावित कार्यक्रम में अगर इस योजना को स्वीकृति दे देते हैं तो आईटीबीपी की दो महत्वपूर्ण चौकियां भी आपस में जुड़ जाएंगी। वर्तमान में दोनों जिले अलग-अलग घाटियों में स्थित हैं। प्रस्तावित सुरंग के बनने से सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। इसके बनने से सीमांत क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां भी बढ़ेंगी। दोनों ही जिलों में कई ऐसी मनोरम घाटियां हैं जहां वर्तमान में पर्यटक पहुंच ही नहीं पाते हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री मुनस्यारी स्थित मिलम से जोशीमठ मलारी के लिए सड़क निर्माण को भी स्वीकृति दे सकते हैं। ये सड़क भारतमाला प्रोजेक्ट में स्वीकृत है। मुनस्यारी के धापा बैंड से मिलम के लिए बन रही 65 किमी सड़क का कार्य कुछ माह में पूरा होने की उम्मीद है। बीआरओ को अब चार किमी सड़क का निर्माण और करना है। दोनों सड़कें सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।