Heli Seva: पूर्णागिरी को हेली सेवा से जोड़ने की तैयारी, हेलीपैड के लिए चल रही जमीन चिह्नित की प्रक्रिया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) को पूर्णागिरी के लिए हेली सेवा शुरू करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा है।

उत्तराखंड में चंपावत जिले के प्रसिद्व धार्मिक स्थल पूर्णागिरी को हेली सेवा से जोड़ने की तैयारी है। इससे तीर्थाटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को पूर्णागिरी तक पहुंचने में आसानी होगी।

क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत प्रदेश सरकार राज्य में हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार कर रही है। इस योजना से प्रदेश में प्रमुख धार्मिक व पर्यटक स्थलों को हेली सेवाओं से जोड़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) को पूर्णागिरी के लिए हेली सेवा शुरू करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। सूत्रों के अनुसार पूर्णागिरी में हेलीपैड की सुविधा नहीं है। हेली सेवा के लिए पहले हेलीपैड बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है।

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान ने मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश पर प्रदेश में हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पूर्णागिरी को हेली सेवा से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। इससे देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम होगी।

Uttarakhand: प्रदेश में भी पांच साल से कम उम्र के बच्चों की नहीं होगी ई-केवाईसी, मां-बाप हो रहे थे परेशान

पांच साल से कम उम्र के बच्चों की ई-केवाईसी के कारण मां-बाप को परेशानी झेलनी पड़ रही थी, लेकिन अब उन्हें इस मुशिकल से राहत मिलेगी। दून में 70 हजार से ज्यादा पांच साल से कम उम्र के बच्चों की अनुमानित संख्या है।

उत्तराखंड में भी राशन कार्ड धारक को अब पांच साल से कम उम्र के बच्चों की ई-केवाईसी नहीं करानी होगी। भारत सरकार की गाइडलाइन में अब इन बच्चों को अगले एक साल तक ई-केवाईसी से छूट दी गई है। इस निर्णय के बाद करीब चार लाख राशन कार्ड धारकों को राहत मिलेगी। हालांकि उनको पांच से छह साल के बीच बायोमेट्रिक अपडेट कराकर ई-केवाईसी करानी होगी।

दून में करीब 3.75 लाख राशन कार्ड जारी किए गए हैं। इनमें राष्ट्रीय खाद्य योजना के तहत 2.19 लाख राशन कार्ड, अंत्योदय योजना के तहत 15131 और राज्य खाद्य योजना के तहत 1.41 लाख राशन कार्ड हैं। इसमें 14.73 लाख कुल यूनिट हैं। भारत सरकार के निर्देश पर इन यूनिटों का सत्यापन चल रहा है।

जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार अनुमानित इन यूनिट में लगभग 70 हजार के करीब यूनिट पांच साल से कम उम्र के बच्चों की हैं। इनकी केवाईसी कराने में राशन कार्ड धारकों को बड़ी समस्या उठानी पड़ रही थी।

नौ लाख से ज्यादा लोग करा चुके हैं ई-केवाईसी

दून शहर में ई-केवाईसी का काम तेजी से चल रहा है। लोग जागरूक भी हुए हैं। शुरुआती दौर में स्थिति खराब थी लेकिन अब लोगों ने इसे समझा और अपनी ई-केवाईसी कराने पहुंचे। अब तक देहरादून में नौ लाख से ज्यादा लोग अपनी ई-केवाईसी करा चुके हैं।

पांच साल के बच्चों की ई-केवाईसी नहीं हो पा रही थी। इस वजह से राशन कार्ड धारकों को परेशानी हो रही थी। अब भारत सरकार के निर्देशानुसार पांच साल से कम उम्र के बच्चों की ई-केवाईसी की जरूरत नहीं होगी। -केके अग्रवाल, जिला पूर्ति अधिकारी

Uttarakhand Weather: दून समेत छह जिलों में घने कोहरे की चेतावनी, फिलहाल 14 तक बारिश-बर्फबारी की संभावना नहीं

उत्तराखंड के मैदानी जिले देहरादून, ऊधमसिंह नगर व हरिद्वार समेत नैनीताल, चंपावत और पौड़ी में घना कोहरा छाए रहने का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी की बेरुखी का सीधा असर तापमान पर पड़ने लगा है। बारिश-बर्फबारी न होने से प्रदेशभर में सूखी ठंड परेशान कर रही है। पर्वतीय इलाकों में शीतलहर और पाला तो मैदानी इलाकों में कोहरे ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार नौ जनवरी को भी प्रदेश के मैदानी जिले देहरादून, ऊधमसिंह नगर व हरिद्वार समेत नैनीताल, चंपावत और पौड़ी में घना कोहरा छाए रहने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि पर्वतीय क्षेत्रों में दिन के समय धूप खिलने से ठंड से थोड़ा राहत मिल रही है लेकिन सूखी ठंड से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद कम है। आने वाले दिनों की बात करें तो 14 जनवरी तक प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

Uttarakhand Weather: घने कोहरे की चादर में लिपटा हरिद्वार-दिल्ली नेशनल हाईवे, रेंगते नजर आए वाहन

घने कोहरे की चादर में लिपटे हरिद्वार-दिल्ली नेशनल हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आए।

हरिद्वार–दिल्ली नेशनल हाईवे पर रात होते ही घना कोहरा छा गया है। कोहरे की सफेद चादर के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे हाईवे पर चल रहे वाहन धीमी गति से आगे बढ़ने को मजबूर हैं।

हेडलाइट की रोशनी भी कोहरे में फीकी पड़ रही है। वहीं कई स्थानों पर वाहन चालक अतिरिक्त सावधानी बरतते दिखाई दे रहे हैं।

पुलिस और प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि रात के समय अनावश्यक यात्रा से बचें और यदि सफर जरूरी हो तो फॉग लाइट का प्रयोग करते हुए सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

अंकिता हत्याकांड: सुरेश राठौर की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश प्रभारी की ओर से पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ डालनवाला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसमें दोनों आरोपियों पर जानबूझकर सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो जारी कर उनकी छवि खराब करने व दंगे फैलाने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। वहीं हाईकोर्ट ने सुरेश राठौर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी का नाम उजागर करने के आरोपी भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर के खिलाफ हरिद्वार और देहरादून जिले में दर्ज चार एपआईआर में से दो पर उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अदालत ने सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश भी दिए हैं।

हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता हरिद्वार के धर्मेंद्र कुमार और यमकेश्वर की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ को भी नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

मामले के अनुसार बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ हरिद्वार के झबरेड़ा, बहादराबाद और देहरादून की नेहरू कॉलोनी, डालनवाला में यह कह कर एफआईआर दर्ज की गई थी कि आरोपितों ने भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम की छवि खराब करने के लिए फेसबुक सहित सोशल मीडिया पर वीडियो और ऑडियो वायरल किए जा रहे हैं।

Uttarakhand: ट्रैकिंग और पर्वतारोहण की एकीकृत नीति को दस दिनों में अंतिम रूप दें, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि प्रदेश में इको टूरिज्म की संभावनाओं को तलाशते हुए ऐसे स्पॉट चिह्नित कर विकसित किया जाए जो इको टूरिज्म के लिए इको सिस्टम तैयार करे। चौरासी कुटिया के जीर्णाेद्धार का कार्य जल्द पूरा किया जाए।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इको टूरिज्म की उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक में कहा कि ट्रैकिंग (लंबी पैदल यात्रा) और पर्वतारोहण के लिए एकीकृत नीति को दस दिनों में अंतिम रूप देकर शासन को उपलब्ध कराएं। इस नीति काे तैयार करते समय सभी हितधारकों के साथ वार्ता करें, जिससे व्यावहारिक समस्याओं से बचा जा सके।

सीएस ने कहा कि नई चोटियां खोले जाने के लिए पर्यावरण ऑडिट सहित अन्य सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी ली जाएं। इसके लिए एसओपी भी जारी की जाए। प्रदेश में इको टूरिज्म की संभावनाओं को तलाशते हुए ऐसे स्पॉट चिह्नित कर विकसित किया जाए जो इको टूरिज्म के लिए इको सिस्टम तैयार करे। चौरासी कुटिया के जीर्णाेद्धार का कार्य जल्द पूरा किया जाए। इसके लिए कार्यदायी संस्था हर कार्य के लिए समय तय करे फिर लक्ष्य में तय समय सीमा में काम किया जाए।

जबरखेत मॉडल को अन्य चिन्हित इको टूरिज्म स्थलों पर भी लागू करें

मुख्य सचिव ने कहा कि इको टूरिज्म के लिए जबरखेत मॉडल को अन्य चिह्नित इको टूरिज्म स्थलों पर भी लागू किया जाए। इसके अलावा सभी डीएफओ को लक्ष्य दिया जाए कि वह अपने क्षेत्र में कैसे इको टूरिज्म को विकसित कर सकते हैं। अधिकारी 10 चिह्नित स्थान का प्लान एक माह में तैयार करके शासन को को भेजें। ईको टूरिज्म की उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक हर महीने की जाए। साथ ही प्रदेशभर में पर्यटन के लिए फॉर्मल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करें और प्रशिक्षण के बाद प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाए। प्रशिक्षण प्रमाणीकरण के लिए पर्यटन विभाग को जिम्मेदारी दी जाए।

यूटीडीबी की तरह ईटीडीबी को भी बजट मिल सकेगा

वन क्षेत्र के अंतर्गत पर्यटन गतिविधियों के संचालन के लिए एक तय व्यवस्था बनाई जाए। इसके संचालन की जिम्मेदारी इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड को दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि इसका गठन ही इसी उद्देश्य से किया गया है। सीएस ने ईटीडीबी के लिए नया हैड खोले जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इससे यूटीडीबी की तरह ईटीडीबी को भी बजट दिया जा सकेगा। इको टूरिज्म साइट्स के इको टूरिज्म डेवेलपमेंट बोर्ड के माध्यम से संचालन के लिए जल्द ही एमओयू करने को भी कहा।

 

Uttarakhand: महंगे होटलों में शादी पर रोक, महिलाएं ज्यादा गहने नहीं पहनेंगी, उल्लंघन पर लगेगा एक लाख जुर्माना

फिजूलखर्ची रोकने के लिए जौनसार बावर के महंगे होटलों में विवाह नहीं करेंगे। बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया। महिलाओं के अत्यधिक गहने पहनने को भी प्रतिबंधित कर दिया गया।

शादी-विवाह व अन्य आयोजनों में फिजूलखर्ची को रोकने के लिए खत शिलगांव के पंचरा-भंजरा स्थित महासू देवता मंदिर में ग्रामीणों ने बैठक की। बैठक में महंगे होटलों, पार्क आदि में विवाह का आयोजन करने पर रोक लगा दी गई। इसके अलावा महिलाओं के अत्यधिक गहने पहनने को भी प्रतिबंधित कर दिया गया।

खत स्याणा तुलसी राम शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में फिजूलखर्ची पर रोक लगाने पर चर्चा हुई। बैठक में सबकी सहमति से यह तय किया गया कि शादी-विवाह के सभी आयोजन गांव व घरों में ही संपन्न कराए जाएंगे। आयोजन विवाह स्थल, महंगे पार्क, होटल व फार्म आदि में संपन्न नहीं कराए जाएंगे। इसके अलावा महिलाओं को विवाह में तीन गहने पहनने की इजाजत दी गई है। डीजे, फास्ट फूड व बीयर पर भी आयोजनों में रोक लगाई गई है।

पहली शादी में न्यौते के तौर पर अधिकतम 100 रुपये दिए जाने और कन्यादान में अपनी इच्छा के अनुसार देने का निर्णय बैठक में लिया गया। बैठक में यह चेतावनी भी दी गई यदि कोई भी ग्रामीण फैसले को नहीं मानेगा तो उसपर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने के साथ उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।

अमेरिका में नए साल पर हमले की साजिश नाकाम: हथौड़ा-चाकू.. ISIS से प्रभावित साजिशकर्ता से FBI को क्या-क्या मिला?

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में नए साल की पूर्व संध्या पर हमले की साजिश को एफबीआई ने नाकाम कर दिया। आईएसआईएस से प्रेरित युवक गिरफ्तार किया गया, जिसके घर से चाकू और हथौड़ा बरामद किया गया। सात जनवरी को अगली सुनवाई तक वह एफबीआई की हिरासत में रहेगा।

अमेरिका के न्याय विभाग ने शुक्रवार को कहा कि उत्तरी कैरोलिना में नए साल की पूर्व संध्या पर एक चाकू और हथौड़े से हमले की साजिश को नाकाम कर दिया गया। विभाग ने कहा कि इस हमले को अंजाम देने की योजना कथित तौर पर इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) से प्रभावित एक व्यक्ति ने बनाई थी।

मामले पर एफबीआई निदेशक ने क्या कहा?
समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, अमेरिकी संघीय गुप्तचरों ने बुधवार को क्रिश्चियन स्टर्डिवेंट (18 वर्षीय) को इस हमले की योजना बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया। संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के निदेशक काश पटेल ने शुक्रवार को कहा कि अधिकारियों ने इस हमले की साजिश को नाकाम कर दिया। उन्होंने एक्स पर लिखा, एफबीआई और सहयोगियों ने नए साल की पूर्व संध्या पर एक और हमले की साजिश को नाकाम कर दिया, जिसे कथित तौर पर आईएस से प्रभावित एक व्यक्ति अंजाम देने वाला था। एफबीआई जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में और जानकारी साझा करेगी। 

अगली सुनवाई तक हिरासत में रहेगा आरोपी
रिपोर्ट के मुताबिक, जब यह स्पष्ट हुआ कि स्टर्डिवेंट हमला करने की योजना बना रहा था, तो उसे चौबीस घंटे की निगरानी में रखा गया। नॉर्थ कैरोलिना की एक जज ने उसे सात जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई तक हिरासत में रखने का आदेश दिया। 

जिहाद करने वाला था स्टर्डिवेंट: अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय
अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के मुताबिक, एफबीआई के गुप्तचरों ने स्टर्डिवेंट को यह भरोसा दिलाया कि वे आईएसआईएस के सदस्य हैं। उसने आईएसआईएस के प्रति अपनी वफादारी जताई और बताया कि वह जल्द ही ‘जिहाद’ करने वाला है। उसने खुद को ‘आईएस का सैनिक’ बताया। एक अन्य एफबीआई एजेंट को उसने बताया कि उसने मिंट हिल शहर में एक ग्रॉसरी स्टोर और फास्ट-फूड रेस्तरां में चाकू और हथौड़े से हमला करने की योजना बनाई थी। स्टर्डिवेंट ने माना कि वह बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर नए साल की पूर्व संध्या पर लोगों पर हमला करने वाला था।

2022 से आईएसआईएस सदस्य के संपर्क में था’
एफबीआई के एक बयान के मुताबिक, गुप्तचरों ने स्टर्डिवेंट के घर से हाथ से  लिखा एक नोट बरामद किया जिसका शीर्षक ‘नए साल पर हमला 2026’ था। इसमें करीब 20 लोगों को छुरा मारने और पुलिस अधिकारियों पर हमला करने की योजना बताई गई थी। एएफपी ने विशेष गुप्तचर जेम्स बार्नकल के हवाले से बताया, एफबीआई 2022 से ही स्टर्डिवेंट को जानती थी जब वह अभी नाबालिग था। उस समय वह सोशल मीडिया के जरिये आईएसआईएस के एक अज्ञात सदस्य के संपर्क में था।

Chamoli: स्पेन की जेमा अपनी पीठ पर ढो रहीं हिमालय का कचरा, 2023 में योग सीखने और पहाड़ घूमने थी आई

स्पेन की जेमा अपनी पीठ पर हिमालय का कचरा ढो रहीं हैं। वह वर्ष 2023 में योग सीखने व पहाड़ घूमने आईं थी, लेकिन यहां कूड़ा देखकर हैरान रह गई।

स्पेन में ग्राफिक डिजाइनर जेमा कोलेल पहाड़ घूमने के लिए उत्तराखंड आईं लेकिन जब यहां हिमालयी क्षेत्र में फैले कूड़े को देखा तो वह हैरान रह गईं। उसने उसी पल तय कर लिया कि हिमालय को न सिर्फ साफ करेंगी बल्कि इसके लिए लोगों को भी जागरूक करेंगी। दो साल से यहां रह रहीं जेमा हिमालय में फैलाए कचरे को एकत्रित कर अपनी पीठ पर ढोकर सड़क तक लाती हैं।

जेमा (30) स्पेन कोलेल में ग्राफिक डिजाइनर हैं। वर्ष 2023 में वह योग सीखने और पहाड़ घूमने के लिए उत्तराखंड आईं। ऋषिकेश में उन्होंने योग सीखा और फिर पहाड़ घूमने के लिए निकल पड़ीं। इसके लिए उन्होंने चमोली जिले के लोहाजंग निवासी मनोज राणा से संपर्क किया। वह पर्वतारोहण करवाते हैं।

जेमा पहाड़ों में आईं तो यहां छोटे से लेकर ऊंची चोटियों पर फैले कूड़े को देखकर हैरान रह गईं। इसके बाद उन्होंने यहां की सफाई की ठानी और हिमालयी क्षेत्र में सफाई का अभियान शुरू कर दिया। मनोज राणा इस अभियान में उनके साथ आ गए। अभी तक वे उच्च हिमालय से 300 किलो से अधिक प्लास्टिक कचरा पीठ पर ढोकर नीचे ला चुकी हैं। लोहाजंग में रहकर जेमा स्थानीय लोगों को भी हिमालय को साफ रखने के लिए जागरूक कर रही हैं। 

संभले नहीं तो तस्वीरों में ही रह जाएगा हिमालय

– जेमा कहती हैं कि हिमालय में इस तरह का कूड़ा फेंकना बहुत खतरनाक हो सकता है। यदि इसके प्रति जागरूक नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ी हिमालय को वास्तविक रूप में नहीं देख पाएगी। वह बस तस्वीरों तक ही सीमित रह जाएगा।

स्पेन में साथ लेकर चलते हैं अपना कूड़ा

– जेमा कहती हैं कि उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है लेकिन लोग जिसे देवभूमि मानते हैं उसे ही गंदा कैसे कर सकते हैं। स्पेन में हम अपना कूड़ा अपने साथ लेकर चलते हैं लेकिन यहां लोगों में यह आदत नहीं दिखी। यदि हम अपना कूड़ा अपने साथ ले आएं तो सभी पहाड़ खुद ही साफ हो जाएंगे। हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि जहां एक बार सफाई करते हैं वहां दोबारा जाने पर फिर कूड़ा फैला मिल जाता है।

स्कूलों में चला रहे जागरूकता कार्यक्रम

– जेमा और मनोज राणा ने एक ग्रुप बनाया है जिसे नाम दिया है द 108 पीक क्लीन माउंटेन सेफ माउंटेन। इस ग्रुप के माध्यम से वे पर्वतारोहण भी करवाते हैं। लोग इसमें वालंटियर के तौर पर जुड़कर उनके साथ सफाई में सहयोग भी करते हैं। साथ ही जेमा और मनोज स्कूलों में जाकर बच्चों को और गांवों में लोगों को भी हिमालय की सफाई और ग्लोबल वार्मिंग के बारे में जागरूक कर रहे हैं। वह अभी तक लोहाजंग की आसपास की चोटियों के साथ ही लार्ड कर्जन ट्रैक, ऑली व वेदनी बुग्याल, चंद्रशिला, धर्मावली आदि जगह पर सफाई अभियान चला चुकी हैं। इसके अलावा 7120 मीटर ऊंचाई पर स्थित त्रिशूल, 7242 मीटर पर स्थित मुकुट पर्वत को सफलतापूर्वक पार कर चुके हैं।

चिंताजनक: हवा में बढ़ता कार्बन डाइऑक्साइड छीन रहा फसलों का पोषण, भविष्य में पौष्टिक भोजन भी बन सकता है बेअसर

हवा में बढ़ती कार्बन डाइऑक्साइड गेहूं, धान और दालों से प्रोटीन, आयरन व जिंक जैसे जरूरी पोषक तत्व कम कर रही है। वैज्ञानिकों ने इसे भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी बताया है।

जलवायु परिवर्तन का असर अब सिर्फ मौसम और तापमान तक सीमित नहीं रहा। हवा में लगातार बढ़ता कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2) अब हमारी थाली तक पहुंच चुका है। नीदरलैंड की लीडन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के नए अध्ययन से चेतावनी मिली है कि वातावरण में बढ़ता कार्बन डाइऑक्साइड गेहूं, धान, चना जैसी प्रमुख फसलों से प्रोटीन, जिंक और आयरन जैसे जरूरी पोषक तत्व छीन रहा है। यदि यही रफ्तार जारी रही, तो भविष्य में स्वस्थ भोजन भी शरीर की पोषण जरूरतें पूरी करने में नाकाम हो सकता है।

यह अध्ययन अंतरराष्ट्रीय जर्नल ग्लोबल चेंज बायोलॉजी में प्रकाशित हुआ है। यह शोध भारत सहित 15 देशों में सीओ2 के बढ़ते स्तर और पौधों पर उसके प्रभाव से जुड़े पहले से उपलब्ध अध्ययनों के व्यापक विश्लेषण पर आधारित है। वैज्ञानिकों ने अलग-अलग प्रयोगों से जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर गेहूं, धान, चना, आलू, टमाटर जैसी 43 फसलों का विश्लेषण किया और उनमें मौजूद 32 पोषक तत्वों पर सीओ2 के असर को मापा। सीओ2 जितना बढ़ेगा, पोषण उतना घटेगा। अध्ययन में यह स्पष्ट रूप से सामने आया है कि सीओ2 का असर सीधा और अनुपातिक है।

जहरीले तत्वों का बढ़ता खतरा
शोध में इस बात के भी संकेत मिले हैं कि सीओ2 के बढ़ते स्तर के कारण फसलों में सीसा (लेड) जैसे जहरीले तत्वों की मात्रा बढ़ सकती है। लंबे समय तक ऐसे तत्वों का सेवन मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकता है, खासकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए।

धान-गेहूं पर क्यों है सबसे बड़ा संकट
दुनिया की बड़ी आबादी, खासकर एशिया और अफ्रीका के देशों में, रोजमर्रा के भोजन के लिए धान और गेहूं पर निर्भर है। अध्ययन के अनुसार सीओ2 बढ़ने पर इन दोनों फसलों में पोषण सबसे तेजी से गिर सकता है। इसका सीधा मतलब यह है कि सबसे ज्यादा असर उन्हीं लोगों पर पड़ेगा, जिनकी थाली पहले से सीमित है और जो पहले ही कुपोषण के खतरे से जूझ रहे हैं।