NEET, JEE Main, NDA, CDS, CLAT, समेत कई परीक्षाओं के लिए फ्री कोचिंग दे रही है सरकार, करें रजिस्टर

अगर आप मेडिकल व इंजीनियरिंग एडमिशन से लेकर यूपीएससी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए खुशखबरी है। नीट (NEET), जेईई मेन (JEE Main), जेईई एडवांस्ड (JEE Advanced), यूपीएससी, सीडीएस (UPSC CDS), एनडीए (NDA) या किसी अन्य क्षेत्र में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। केंद्र सरकार नीट यूजी, जेईई मेन, बैं‌किंग, क्लैट, सीडीएस जैसी कई परीक्षाओं के लिए आप मुफ्त में कोचिंग क्लासेस कर सकते हैं।। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की लास्ट डेट 10 सितंबर 2021 है।

केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय(Ministry of Social Justice and Empowerment) ने हाशिए के समुदायों के उम्मीदवारों को इंजीनियरिंग, मेडिकल और कानून प्रवेश परीक्षा जेईई मेन, एनईईटी और सीएलएटी और भर्ती परीक्षा जैसे परीक्षाओं में मदद करने के लिए एक मुफ्त कोचिंग योजना के लिए आवेदन शुरू किया था। एमएसजेई की “एससी और ओबीसी छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग योजना मोड 2” छात्रवृत्ति योजना अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणियों से संबंधित छात्रों के लिए है।

अनुसूचित जाति(एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग(ओबीसी) के सभी छात्र, जिनकी पारिवारिक आय 08 लाख रुपये प्रति वर्ष से कम है, योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 सितंबर 2021 है।

आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार: “सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग की फ्री कोचिंग योजना आर्थिक रूप से वंचित अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) उम्मीदवारों के लिए गुणवत्तायुक्त कोचिंग देने का काम कर रहा है।

रजिस्ट्रेशन कैसे करें

-सबसे पहले ऑफिशियल पोर्टल पर लॉगिन करें।

-अपनी जानकारी दर्ज करें। जैसे कैटेगरी, नाम, पिता का नाम, लिंग, मोबाइल नंबर, जन्म तिथि, 10वीं बोर्ड पास करने की स्थिति, 10वीं बोर्ड प्रमाणपत्र संख्या, 10वीं बोर्ड पास करने का वर्ष

-अब अपना पासवर्ड बनाएं

क्या है फ्री कोचिंग योजना

कोचिंग शुल्क (योजना के तहत वास्तविक या निर्धारित कोचिंग शुल्क, जो भी कम हो) रुपये का वजीफा। बाहरी और स्थानीय छात्रों को क्रमशः 6,000 और 3,000 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। दिव्यांग छात्रों के लिए 2,000 मासिक है।

इन परीक्षा की मिलेगी फ्री कोचिंग

संघ लोक सेवा आयोग(UPSC), राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC), क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB), कर्मचारी चयन आयोग (SSC) संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE Main), राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET), सामान्य प्रवेश परीक्षा (CAT), सामान्य कानून प्रवेश परीक्षा (CLAT), इंजीनियरिंग में स्नातक योग्यता परीक्षा (GATE) बैंक, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU), वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस (CPL), राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA), संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा (CDS) एक विदेशी भाषा के रूप में अंग्रेजी की परीक्षा (TOFL), स्नातक प्रबंधन प्रवेश परीक्षा (GMAT), स्नातक रिकॉर्ड परीक्षा (GRE), शैक्षिक मूल्यांकन परीक्षा (SAT)

उत्तराखंड :- धनोल्टी से वर्तमान निर्दलीय विधायक प्रीतम सिंह पंवार नई दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे।

देहरादून :- धनोल्टी से वर्तमान निर्दलीय विधायक प्रीतम सिंह पंवार भाजपा में शामिल हो गए है, 2017 के चुनावों में मोदी लहर के बीच जीत दर्ज करने वाले निर्दलीय प्रत्याशी रहे प्रीतम सिंह पंवार ने सरकार के साथ शामिल होने बजाय विपक्ष में बैठना उचित समझा लेकिन अब चुनाव से पहले वो भाजपा में शामिल हो गए है मन जा रहा है कि अनिल बलूनी ने उनकी एंट्री भाजपा में करवाई है।

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने बड़ा दांव चला है। धनोल्टी के निर्दलीय विधायक प्रीतम सिंह पंवार को पार्टी अपने पाले में लाने में कामयाब रही है। बुधवार को विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने नई दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने उन्हें सदस्यता ग्रहण कराई। बता दें कि प्रीतम उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) से भी मंत्री रह चुके हैं। उन पर कांग्रेस की भी नजर थी।

प्रीतम सिंह पंवार ने कहा कि मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं कि देश की सबसे बड़ी पार्टी में शामिल हुआ हूं। मैं धार्मिक प्रदेश से हूं, जहां चारधाम हैं, देवी देवताओं का वास है। पीएम मोदी का नाता भी देवभूमि से रहा है। जिस तरह से उनकी धार्मिक आस्था देवभूमि से जुड़ी हैं उससे निश्चित तौर पर प्रदेश का विकास होगा।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान, बोले- भारत में रहने वाले हिंदू-मुस्लिम के पूर्वज एक

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ) ने पुणे में ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पॉलिसी फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि समझदार मुस्लिम नेताओं को कट्टरपंथियों के खिलाफ दृढ़ता से खड़ा हो जाना चाहिए.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने हिंदू और मुसलमान को लेकर बड़ा दिया है. उन्होंने कहा कि हिंदुओं और मुसलमानों के पूर्वज एक ही थे और हर भारतीय नागरिक हिंदू हैं. उन्होंने पुणे में ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पॉलिसी फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि समझदार मुस्लिम नेताओं को कट्टरपंथियों के खिलाफ दृढ़ता से खड़ा हो जाना चाहिए.

हिंदू किसी से दुश्मनी नहीं रखते: भागवत
मोहन भागवत ने कहा कि भारत में अल्पसंख्यक समुदाय को किसी चीज से डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हिंदू किसी से दुश्मनी नहीं रखते हैं. उन्होंने कहा, ‘हिंदू शब्द मातृभूमि, पूर्वज और भारतीय संस्कृति के बराबर है. यह अन्य विचारों का असम्मान नहीं है. हमें मुस्लिम वर्चस्व के बारे में नहीं, बल्कि भारतीय वर्चस्व के बारे में सोचना है. भारत के सर्वांगीण विकास के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए.

‘मुस्लिम नेताओं को करना चाहिए अनावश्यक मुद्दों का विरोध’
मोहन भागवत ने कहा, ‘इस्लाम आक्रांताओं के साथ भारत आया. यह इतिहास है और इसे उसी रूप में बताया जाना चाहिए. समझदार मुस्लिम नेताओं को अनावश्यक मुद्दों का विरोध करना चाहिए और कट्टरपंथियों एवं चरमपंथियों के विरुद्ध दृढ़ता से खड़ा रहना चाहिए. जितनी जल्दी हम यह करेंगे, उससे समाज को उतना ही कम नुकसान होगा.’

हमारे लिए हर भारतीय हिंदू है: मोहन भागवत
आरएसएस प्रमुख ने कहा कि भारत बतौर महाशक्ति किसी को डराएगा नहीं. उन्होंने राष्ट्र प्रथम एवं राष्ट्र सर्वोच्च विषयक संगोष्ठी में कहा, ‘हिंदू शब्द हमारी मातृभूमि, पूर्वज और संस्कृति की समृद्ध धरोहर का पर्यायवाची है. इस संदर्भ में हमारे लिए हर भारतीय हिंदू है, चाहे उसका धार्मिक, भाषायी और नस्लीय अभिविन्यास कुछ भी हो.’ उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति विविध विचारों को समायोजित करती है और अन्य धर्मों का सम्मान करती है.

भारत में रहने वाले अफगान नागरिकों को भारत छोड़ने से पहले गृह मंत्रालय से मंजूरी लेनी होगी, नई गाइडलाइन्स जारी

केंद्र सरकार द्वारा जारी हालिया दिशानिर्देशों के अनुसार, भारत में रहने वाले अफगान नागरिकों को भारत छोड़ने से पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) से मंजूरी लेनी होगी। यह कदम अफगान संसद की 20 वर्षीय महिला सदस्य रंगिना कारगर को वैध कागजात के बावजूद आईजीआई हवाई अड्डे से इस्तांबुल भेजे जाने के कुछ दिनों बाद उठाया गया है। सरकार ने बाद में कारगर से माफी मांगी थी।

दिशानिर्देश के मुताबिक, “किसी भी श्रेणी के वीजा पर भारत में रहने वाले अफगान नागरिकों को संबंधित विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय द्वारा अगले आदेश तक वीजा का विस्तार दिया जाएगा।” कई अफगान नागरिक, जो अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे से पहले भारत आए थे, छह महीने से अधिक समय से भारत में रह रहे हैं, मार्च 2020 में पहले लॉकडाउन की घोषणा के बाद से भारत में फसे हैं, को पिछले हफ्ते एमएचए ने वीजा विस्तार दिया है। कोरोना महामारी के कारण यहां फंसे अफगानों सहित सभी विदेशी नागरिकों को 30 सितंबर तक वीजा विस्तार दिया गया है।

एक अधिकारी ने कहा, “भारत में अफ़गानों को वीज़ा विस्तार दिया गया है, लेकिन अब हम उन्हें ई-वीज़ा के तहत लाने की योजना पर काम कर रहे हैं ताकि वे बिना किसी परेशानी के ऑनलाइन आवेदन कर सकें। अफगानिस्तान में मौजूदा स्थिति के कारण, उन्हें एमएचए की मंजूरी के बिना देश से निर्वासित या बाहर नहीं किया जा सकता है। अफगान नागरिकों के लिए ई-वीजा पिछले महीने काबुल में भारतीय दूतावास को बंद करने के बाद शुरू किया गया था। इसमें सुरक्षा एजेंसियों द्वारा अनिवार्य सत्यापन शामिल है।”

 

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई), एनवी रमना को एक युवा लड़की द्वारा लिखे गए एक पत्र के आधार पर जनहित याचिका दर्ज की

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने मामलों की भौतिक सुनवाई के लिए अदालतों को फिर से खोलने के मुद्दों पर विचार करने के लिए एक जनहित याचिका (PIL) याचिका दर्ज की है।इस बात का खुलासा CJI को सम्मानित करने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा आयोजित एक समारोह के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जज विनीत सारन ने किया

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई), एनवी रमना को एक युवा लड़की द्वारा लिखे गए एक पत्र के आधार पर जनहित याचिका दर्ज की गई थी, जिसमें बताया गया था कि कैसे स्कूल फिर से खुल गए हैं लेकिन अदालत अभी भी पूर्ण शारीरिक मोड में वापस आने के लिए अनिच्छुक है।
न्यायमूर्ति सरन ने कहा, “एक युवा लड़की ने कल सीजेआई को भी लिखा था कि जब स्कूल खुल गए हैं तो अदालतें क्यों नहीं। सीजेआई ने इसे एक जनहित याचिका के रूप में नोट किया है और इस पर जल्द ही सुनवाई होगी।”

हालांकि कई उच्च न्यायालयों और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी सीमित शारीरिक सुनवाई फिर से शुरू कर दी है, फिर भी अधिकांश मामलों की सुनवाई वर्चुअल माध्यम से की जा रही है।

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने हाइब्रिड माध्यम से 1 सितंबर को सीमित शारीरिक सुनवाई शुरू की थी। उसी के अनुसार, वकीलों के पास किसी विशेष मामले में वर्चुअल या फिजिकल मोड का विकल्प चुनने का विकल्प होता है।

मार्च 2020 में COVID-19 के प्रकोप के बाद से भारत में न्यायालय वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कार्य कर रहे हैं।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने नानकमत्ता गुरुद्वारे लगाई झाड़ू

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने नानकमत्ता गुरुद्वारे में झाड़ू लगाकर और संगत के जोड़े साफ कर पंज प्यारे वाले बयान के लिए अपनी गलती का प्रायश्चित किया।
विगत दिनों हरीश रावत द्वारा पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और कार्यवाहक अध्यक्षों के लिए पंज प्यारे शब्द का इस्तेमाल करने से उत्पन्न विवाद के कारण उनके खिलाफ प्रदर्शन होने लगे थे। मंकी उनका कहना था कि उनकी मंशा किसी की तुलना पंच प्यारों से करने की नहीं थी। अपने बयान को लेकर माफी मांगते हुए कहा कि वे अपनी गलती के लिए माफी मांगते हैं उत्तराखंड में गुरु के घर में झाड़ू लगाकर अपनी इस गलती का प्रायश्चित करेंगे। इसके बावजूद यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा था। कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा नानकमत्ता पहुंचे हरीश रावत ने यहां पवित्र गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब परिसर मैं झाड़ू लगाकर और संगत के जोड़े साथ पर गलती का प्रायश्चित किया।

 

आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने 5 आईएएस अधिकारियों को सुनाई जेल की सजा, कोर्ट की अवमानना का मामला

अदालत ने नेल्लोर जिले के वेंकटचलम मंडल के कनुपुर गांव में रहने वाली एक महिला के मामले की सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया है। आंध्र सरकार ने नेल्लोर जिले के तल्लापाका गांव निवासी साईं ब्रह्मा नामक एक महिला से 2015 में जमीन का अधिग्रहण किया था और महिला को इसके बदले मुआवजा नहीं मिला। हाई कोर्ट ने अपने पहले आदेश में तीन महीने के भीतर पैसे देने के निर्देश दिए थे

तीन महीने की जगह 6 साल बीत जाने के बाद भी महिला को उसका मुआवजा नहीं मिला जिसके बाद यह अवमानना का केस फाइल किया गया, इसी मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने 5 आईएएस अधिकारियों को सजा सुनाई है। 5 अधिकारियों में से 2 को 4 हफ्ते की जेल और 3 अन्य को दो हफ्ते की जेल की सजा दी गई है।

राजस्व के तत्कालीन प्रधान सचिव, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनमोहन सिंह को चार सप्ताह जेल और 1,000 के जुर्माने की सजा सुनाई गई, वित्त के प्रमुख सचिव एसएस रावत को एक महीने जेल और 2,000 जुर्माना की सजा सुनाई गई थी। अदालत ने कहा कि जुर्माने का भुगतान नहीं करने पर जेल की सजा एक और सप्ताह बढ़ जाएगी।

नेल्लोर के जिला कलेक्टर रेवु मुत्याला राजू को 1,000 के जुर्माने के साथ दो सप्ताह की जेल की सजा सुनाई गई है, जबकि केएनवी चक्रधर और एमवी शेषगिरी बाबू, जो पहले नेल्लोर के जिला कलेक्टर के रूप में काम कर चुके हैं, प्रत्येक पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

न्यायमूर्ति बट्टू देवानंद ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही और अवज्ञा के कारण बुढ़िया को काफी नुकसान हुआ। यह देखते हुए कि यह अदालत की अवमानना ​​के लिए एक उपयुक्त मामला है, उन्होंने अधिकारियों द्वारा दी गई बिना शर्त माफी को खारिज कर दिया। अदालत ने राज्य सरकार को याचिकाकर्ता को लागत के रूप में एक लाख रुपये का भुगतान करने का भी निर्देश दिया। हालांकि, न्यायमूर्ति देवानंद ने अधिकारियों के अनुरोध के बाद चार सप्ताह के लिए सजा के संचालन को निलंबित कर दिया।

Sidharth Shukla Dies: बिग बॉस 13 विनर सिद्धार्थ शुक्ला का हार्ट अटैक से निधन

टीवी इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद और हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। टीवी इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता और बिग बॉस 13 विनर सिद्धार्थ शुक्ला का निधन हो गया है। सिद्धार्थ के फैंस के लिए ये खबर एक बहुत बड़ा झटका है। सिद्धार्थ की मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। एक्टर की मौत की खबर से हर कोई हैरान है, लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा है कि सिद्धार्थ अब इस दुनिया में नहीं रहे। सिद्धार्थ के निधन की खबर की पुष्टि मुंबई पुलिस ने की है।

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही सिद्धार्थ डांसिंग रिएलिटी शो ‘डांस दीवाने 3’ और ‘बिग बॉस ओटीटी’ में नज़र आए थे, जहां उन्होंने जमकर मस्ती की थी। दोनों ही शोज़ में सिद्धार्थ अपनी खास दोस्त शहनाज़ कौर गिल के साथ पहुंचे थे। ‘डांस दीवाने 3’ में सिड ने माधुरी के साथ रोमांटिक डांस भी किया था। वहीं, बिग बॉस ओटीटी में उन्होंने शहनाज़ के साथ रोमांटिक डांस किया था।

 

गोकशी के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा गाय भारतीय संस्कृति का हिस्सा है; उसे मौलिक अधिकार और राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए: इलाहाबाद उच्च न्यायालय

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बुधवार को एक जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि गोरक्षा को हिंदुओं का मूल अधिकार बनाया जाना चाहिए। जस्टिस शेखर यादव की बेंच ने ये टिप्पणियां गोकशी के एक आरोपी जावेद की जमानत याचिका को खारिज करते हुए कीं।

एकल न्यायाधीश न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने कहा कि गाय को मौलिक अधिकार देने और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए सरकार को संसद में एक विधेयक लाना चाहिए और गाय को नुकसान पहुंचाने की बात करने वालों को दंडित करने के लिए सख्त कानून बनाना चाहिए।

कोर्ट ने कहा, “गोरक्षा का कार्य केवल एक धार्मिक संप्रदाय का नहीं है, बल्कि गाय भारत की संस्कृति है और संस्कृति को बचाने का कार्य देश में रहने वाले प्रत्येक नागरिक का है, चाहे वह किसी भी धर्म का हो।”

न्यायाधीश ने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करें और गाय को नुकसान पहुंचाने की बात करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाएं।

सुप्रीम कोर्ट के नौ नए न्यायाधीशों ने ली शपथ, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 33 हो गई।

नौ नए न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण के बाद मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की कार्य क्षमता बढ़कर 33 हो गई।              अपने 70 साल के इतिहास में यह पहली बार था जब नौ न्यायाधीश एक बार में पद की शपथ ले रहे थे।

इसके साथ ही शीर्ष अदालत में रिक्तियां 10 से घटकर 1 रह गईं। सुप्रीम कोर्ट की स्वीकृत संख्या 34 है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने नौ नए न्यायाधीशों – जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका, विक्रम नाथ, जितेंद्र कुमार माहेश्वरी, हेमा कोहली, बीवी नागरत्ना, सीटी रविकुमार, एमएम सुंदरेश, बेला त्रिवेदी और पीएस नरसिम्हा को पद की शपथ दिलाई।

नौ न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश 17 अगस्त को कॉलेजियम द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में की गई थी और बाद में 26 अगस्त को केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित की गई थी।