पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि की आशंका से टंकी फुल कराने के लिए मची होड़, पिछले 24 घंटे में तेल की बिक्री में 15-20% का उछाल

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि की आशंका को देखते हुए में अचानक बिक्री में बढ़ोतरी देखी गई। पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही गाड़ियों की लंबी कतार लगने लगी। इसमें सबसे ज्यादा भीड़ बाइक में पेट्रोल डलवाने वालों की है। लोगों के मन में यह डर सता रहा है कि 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद तेल की कीमतों में अचानक से बढ़ोतरी होगी।

रूस-यूक्रेन में छिड़ी जंग के बीच कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी होने की आशंका है। इसी को देखते हुए जिले में अचानक बिक्री में बढ़ोत्तरी हो गई है। सामान्य दिनों के मुकाबले डेढ़ गुनी तक अधिक बिक्री हो रही है। प्रमुख पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों की लंबी कतार लगने लगी। सबसे ज्यादा भीड़ बाइक में पेट्रोल डलवाने वालों की है। अधिकांश लोग होड़ा-होड़ी टंकी फुल करा रहे हैं।

दाम बढ़ने की लग रही अटकलों के बीच पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल लेने के लिए लोगों की कतार लगने लगी है। लोग पेट्रोल और डीजल का स्टॉक करने में लगे हैं। रूस व यूक्रेन के बीच युद्ध के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ रही है। जिससे लोगों को कीमतें बेतहाशा बढ़ने की चिंता सताने लगी है। पिछले दो दिन में पेट्रोल व डीजल की डेढ़ गुणा बिक्री बढ़ गई है। किसान डीजल का स्टॉक करने में जुटे हैं। आम लोग अपनी वाहनों की टंकी फूल करा रहे है। दरअसल, पिछले दो महीनों से तेल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध और प्रदेश में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद अब तेल की कीमतें बढ़ने की आशंका लोगों को परेशान कर रही है। इसी वजह से पेट्रोल पंपों पर स्टाक में तेल खरीदने वालों की तादाद काफी बढ़ गई है। पेट्रोल पंप संचालक बता रहे हैं कि बिक्री का ग्राफ आने वाले कुछ दिनों में और भी ऊपर जा सकता है।

पेट्रोल और डीजल का दाम प्रति दिन कुछ-कुछ रुपये प्रति लीटर दाम बढ़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं। मूल्यों में बढ़ोतरी की आशंका के चलते डिपो से भी पेट्रोल और डीजल की गाड़ी नहीं मिल पा रही है। पेट्रोल से चलने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक भी अब टंकी फुल करवा रहे हैं। तेल कंपनियों की मानें तो पिछले 24 घंटे में तेल की बिक्री में 20 से 30 फीसद उछाल आया है, जो आने वाले दिनों में और भी बढ़ सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने जेलेंस्की के बाद राष्ट्रपति पुतिन से 50 मिनट तक बात, यूक्रेन के हालात पर की चर्चा

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से बातचीत के बाद पीएम नरेंद्र मोदी  ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की। पीएम मोदी ने युद्ध हालात को लेकर पुतिन से चर्चा की। इस बीच मोदी-पुतिन के बीच 50 मिनट तक बातचीत हुई। इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पीएम से बातचीत का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि रूसी आक्रमण का मुकाबला करने को लेकर भारतीय प्रधानमंत्री मोदी को सूचित किया गया। भारत ने युद्ध के दौरान अपने नागरिकों की मदद और उच्चतम स्तर पर शांतिपूर्ण वार्ता के लिए यूक्रेन की प्रतिबद्धता की सराहना  की है। उन्होंने कहा, यूक्रेन के लोगों के समर्थन के लिए आभारी हूं।

गौरतलब है कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग का आज 12वां दिन है। भारत सरकार यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा चला रही है। अभी भी बड़ी संख्या में भारतीय यूक्रेन में फंसे हुए हैं। इनकी सुरक्षित वापसी को लेकर सरकार रूस और यूक्रेन से बातचीत कर रही है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से सोमावार को 35 मिनट बातचीत के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति से फोन पर बात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 50 मिनट तक बात हुई। इस दौरान दोनों ने यूक्रेन में उभरती स्थिति पर चर्चा की। राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन और रूस की टीमों के बीच वार्ता की स्थिति के बारे में पीएम मोदी को जानकारी दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन से यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के संग उनकी टीमों के बीच सीधी बातचीत का आग्रह किया। पीएम मोदी ने युद्धविराम की घोषणा और यूक्रेन के कुछ हिस्सों में मानवीय गलियारों की स्थापना की सराहना की। मोदी ने सूमी से भारतीय नागरिकों को जल्द सुरक्षित निकालने पर जोर दिया। राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को भारतीयों की सुरक्षित निकासी में हर संभव सहयोग का वादा किया।

भारतीयों को यूक्रेन से हर घंटे निकाल रही हैं रोमानिया और पोलैंड की बसें, उत्‍तराखंड के 32 छात्र पहुंचे अपने घर

रूस और यूक्रेन के बीच जंग के बीच यूक्रेन में फंसे भारतीयों को आपरेशन गंगा के तहत भारत लाया जा रहा है। बीती रात भारत आइ फ्लाइट में उत्‍तराखंड के चार छात्र भी आए। इसमें देहरादून की ईशा रावत, हरिद्वार के मोहम्‍मद अनश, नैनीताल की शैली त्रिपाठी और पिथौरागढ़ की तनुश्री पांडेय शमिल हैं। अब तक कुल 32 उत्‍तराखंड के छात्र अपने घर लौट चुके हैं।

यूक्रेन में फंसे छात्र छात्राओं के साथ ही भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए रोमानिया और पोलैंड के दूतावासों के अधिकारियों की देखरेख में कई बसों का संचालन किया जा रहा है । हर एक 40 से 50 मिनट के अंतराल पर एक बस रवाना की जा रही है।

रूस और यूक्रेन के बीच पिछले एक सप्ताह से जारी भारी जंग के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से परमाणु हमले की धमकी के बाद यूक्रेन की राजधानी समेत तमाम शहरों में फंसे भारतीय छात्र छात्राओं और नागरिकों को निकालने के लिए केंद्र सरकार के साथ ही पोलैंड और रोमानिया में भारतीय दूतावासों के अधिकारियों ने कवायद तेज कर दी है। तकरीबन हर घंटे दूतावास की बसें तिरंगा लगाकर भारतीयों को पोलैंड और रोमानिया पहुंचा रही हैं जहां से उनकी स्वदेश वापसी के इंतजाम किए जा रहे हैं। तब तक भारतीयों के रहने खाने का इंतजाम भी एयरपोर्ट के नजदीक किया जा रहा है।

दूसरी ओर यूक्रेन से सुरक्षित निकलकर रोमानिया पहुंचे छात्र-छात्राओं के साथ ही उनके परिजनों ने भी राहत की सांस ली है। रोमानियाई राजधानी बुखारेस्ट पहुंचे छात्र-छात्राओं का कहना है कि फिलहाल वे खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अमर उजाला संवाददाता को छात्र-छात्राओं ने बताया कि यूक्रेन की राजधानी कीव समेत तमाम शहरों में अफरा-तफरी का माहौल है रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से परमाणु हमले की चेतावनी दिए जाने के बाद हर कोई दहशत में हैं।

यूक्रेन के नागरिकों को दी जा रही परमाणु हमले से बचाव की जानकारीरोमानिया पहुंचे छात्र-छात्राओं ने बताया कि रूसी सेना की ओर से परमाणु हमले की आशंकाओं के बीच यूक्रेन की सेना और पुलिस के अधिकारी आम नागरिकों को परमाणु हमले की स्थिति में क्या क्या कदम उठाए जाने हैं इसकी जानकारी दे रहे हैं। छात्र-छात्राओं की माने तो यूक्रेनी सेना और पुलिस प्रशासनिक अधिकारी आमजन को इस बात की तस्दीक दे रहे हैं कि परमाणु हमला होने की स्थिति में चेहरे पर गीला कपड़ा बांधने के साथ ही अपने घरों को गीले कपड़े के साथ खिड़कियों को सील करें ताकि रेडिएशन से बचा जा सके।

अन्य देशों के मुकाबले भारत का ज्यादा सफल रहा आपरेशन गंगा, अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देशों ने यूक्रेन में अपने लोगों को उनके हाल पर छोड़ा, लेकिन भारत ने पूरी ताकत झोंकी

रूस के हमले से यूक्रेन में कई देशों के नागरिक फंस गए हैं। कुछ मुल्क तो ऐसे हैं, जिन्होंने अपने नागरिकों को उनके हाल पर छोड़ दिया है और कहा है कि वे खुद वहां से निकलने की कोशिश करें।लेकिन भारत ने अपने नागरिकों को यूक्रेन से लाने में पूरी ताकत झोंक दी है और उन्हें स्वदेश वापस लाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। यूक्रेन में फंसे अपने नागरिकों को वहां से निकालने के लिए भारत ने ‘ऑपरेशन गंगा’ अभियान शुरू किया है।

इसके साथ ही भारत ने यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए पश्चिमी शहर क्राकोविक के साथ ही हंगरी में जहोनी सीमा चौकी, पोलैंड में शेयनी-मेदिका सीमा चौकियों, स्लोवाक गणराज्य में विसने नेमेके तथा रोमानिया में सुकीवा पारगमन चौकी पर अधिकारियों का दल तैनात किया है। यूक्रेन के पड़ोसी देशों के साथ राजनयिक पहुंच का इस्तेमाल करते हुए भारत सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि हमारे नागरिक सुरक्षित घर लौट रहे हैं।

युद्धग्रस्त देश यूक्रेन से अपने लोगों को निकालने में अब तक भारत का आपरेशन गंगा सबसे आगे दिख रहा है। ब्रिटेन, जर्मनी और अमेरिका ने अपने-अपने नागरिकों को निकालने में परोक्ष रूप से असमर्थता जता दी है। चीन ने अपने नागरिकों को निकालने का आपरेशन स्थगित कर दिया है। मिस्त्र, नाइजीरिया और मोरक्को जैसे देशों ने अपने छात्रों को निकालने के लिए अब तक कोई आपरेशन शुरू नहीं किया है। यूक्रेन में 80 हजार से अधिक विदेशी छात्र पढ़ रहे हैं, जिनमें भारतीय छात्रों की संख्या सर्वाधिक है।

भारतीय दूतावास पूरी तरह से काम कर रहा है और छात्रों व नागरिकों को हर संभव मदद उपलब्ध करा रहा है।अब तक लगभग छह हजार लोग वापस भारत आ चुके हैं जिनमे से आपरेशन गंगा के तहत 1396 छात्रों को वापस लाया गया है। मंगलवार को फिर से तीन फ्लाइट आने की संभावना जताई जा रही है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने मोरारजी देसाई को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई को उनकी 126वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने देसाई की सिद्धांत आधारित राजनीति को याद किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोरारजी देसाई की जयंती पर सोमवार को उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने भारत को समृद्ध बनाने के लिए कई प्रयास किए।

उस समय बम्बई का हिस्सा रहे और अब गुजरात में शामिल वलसाड में 1896 में जन्मे देसाई देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री थे, जो कांग्रेस पार्टी के सदस्य नहीं थे।

पीएम मोदी ने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट एक संक्षिप्त वीडियो शेयर किया। पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी भाई देसाई को उनकी जयंती पर शत-शत नमन। उन्होंने हमेशा अनुशासन और सिद्धांतों पर आधारित राजनीति की, जिसके लिए वे हमेशा याद किए जाएंगे।

पीएम मोदी ने एक ट्वीट में कहा, “मैं अपने पूर्व पीएम मोरारजीभाई देसाई को श्रद्धांजलि देता हूं। राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए उनका व्यापक सम्मान है। उन्होंने भारत को और अधिक समृद्ध बनाने के लिए व्यापक प्रयास किए। उन्होंने हमेशा सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी पर जोर दिया।”

यूक्रेन में फंसे 219 भारतीय छात्रों को लेकर रोमानिया से एअर इंडिया का पहला विमान मुंबई के लिए रवाना

यूक्रेन में फंसे भारतीयों की वतन वापसी शुरू हो गई है। शनिवार को एयर इंडिया का एक विमान रोमानिया के बुखारेस्ट से भारतीय यात्रियों को लेकर मुंबई के लिए रवाना हो गया है। यह विमान शनिवार सुबह ही मुंबई से बुखारेस्ट शहर पहुंचा। यूक्रेन पर रूस के हमले के तीसरे दिन वहां फंसे 219 भारतीय छात्रों को लेकर एअर इंडिया के विमान AI-1943 ने रोमानिया के बुखारेस्ट से मुंबई के लिए उड़ान भर ली है।

विमान में बैठकर छात्र काफी खुश नजर आए। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि हम छात्रों की वापसी की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इधर, यूक्रेन से भारत आने वाले यात्रियों के लिए मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक स्पेशल कॉरिडोर बनाया गया है। यहां से बाहर निकलने के लिए यात्रियों को कोविड-19 टीकाकरण का प्रमाणपत्र या RT-PCR की निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी।

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा है कि यूक्रेन से निकाले गए 219 भारतीयों के साथ पहली उड़ान रोमानिया से मुंबई के लिए रवाना हुई। हम प्रगति कर रहे हैं। हमारी टीमें 24 घंटे जमीन पर काम कर रही हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहा हूं।

यूक्रेन की इंडियन एम्बेसी ने एडवाइजरी जारी की।

पोलैंड में भारतीय राजदूत नगमा मल्लिक ने कहा कि दूतावास ने तीन टीमों का गठन किया है। ये टीमें भारतीयों को पश्चिमी यूक्रेन से बाहर निकलने में सहायता करेंगी। सभी फंसे हुए भारतीयों को पोलैंड ले जाया जाएगा, वहां से उन्हें भारत भेजने की व्यवस्था की जाएगी। यूक्रेन की इंडियन एम्बेसी ने एडवाइजरी जारी कर वहां फंसे भारतीयों से कहा है- सीमा पर तैनात भारतीय अधिकारियों से समन्वय के बिना सीमा की तरफ न निकलें। पश्चिमी शहरों में खाने पीने की चीजों के साथ जहां हैं वहां बने रहना बेहतर है। बिना कोआर्डिनेशन के बॉर्डर पर पहुंचने से परेशानी उठानी पड़ सकती है। पूर्वी इलाके में अगले निर्देश तक घरों के अंदर या जहां पनाह लिए हैं वहीं रहें।

यूक्रेन में फंसे उत्तराखंड के 188 नागरिक की वापसी के लिए सरकार की पहल, जानें उत्तराखंड का हेल्पलाइन नंबर

रूस व यूक्रेन के बीच बढ़ते विवाद को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने यूक्रेन में फंसे राज्यवासियों की पहली लिस्ट विदेश मंत्रालय को उपलब्ध करा दी है। आज शनिवार को डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि हमें उत्तराखंड के 188 लोगों के यूक्रेन में फंसे होने की सूचना मिली है।विदेश मंत्रालय उन्हें बाहर निकालने के लिए जरूरी इंतजाम कर रहे हैं। उत्तराखंड का हेल्पलाइन नंबर 112 है।

सबसे अधिक 39 देहरादून जिले के हैं। इसके अलावा ऊधमसिंह नगर के 20, टिहरी जिले के 10, अल्मोड़ा से एक, चमोली से दो, चंपावत से चार, पिथौरागढ़ से दो उत्तरकाशी से सात, पौड़ी गढ़वाल से 13, हरिद्वार से 26, रुद्रप्रयाग से पांच, नैनीताल से 22 नागरिकों के यूक्रेन में फंसे होने की सूचना मिली है।

गृह विभाग ने यूक्रेन में फंसे उत्तराखंड के लोगों की जानकारी जुटाने के लिए दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया है। डीआईजी पी रेणुका देवी और एसपी कानून व्यवस्था प्रमोद कुमार को यह जिम्मेदारी दी गई है।

हेल्पलाइन नंबर
पी रेणुका देवी (नोडल अधिकारी) : 7579278144
प्रमोद कुमार (सहायक नोडल अधिकारी): 9837788889
आपातकालीन नंबर: 112 (टोल फ्री)
उत्तराखंड सदन : 011-26875614-15

नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड के मुख्य स्थानिक आयुक्त कार्यालय को विदेश मंत्रालय के सम्पर्क में रहने को कहा गया है। इसके साथ ही सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों से फंसे लोगों का विवरण लेकर शासन तक पहुंचाने को कहा गया है। सरकार हर परिवार की चिंता में शामिल है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री   

 

गणतंत्र दिवस 2022: 26 जनवरी को राष्ट्रपति का पुलिस पदक से उत्तराखंड के छह पुलिसकर्मियों होंगे सम्मानित

गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति की ओर उत्तराखंड के 6 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा।

अभिनव कुमार को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से नवाजा जाएगा। उन्हें यह सम्मान गणतंत्र दिवस पर प्रदान किया जाएगा। इनके अलावा पांच अधिकारियों और कर्मियों को सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक के लिए चुना गया है।

आईपीएस अधिकारी अभिनव कुमार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अपर प्रमुख सचिव भी हैं। राज्य गठन के बाद पहली बार कोई अपर प्रमुख सचिव पद बनाया गया है। अपर पुलिस महानिदेशक पद पर आसीन अभिनव कुमार तेज तर्रार अफसर माने जाते हैं। अभिनव कुमार 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह एसएसपी हरिद्वार, एसएसपी देहरादून, आईजी गढ़वाल, आईजी बीएसएफ जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। इसके अलावा वह कई साल तक जम्मू और कश्मीर में डेपुटेशन पर रहे हैं।

गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी को पुलिस उपाधीक्षक चमोली धन सिंह तोमर, पुलिस उपाधीक्षक पुलिस मुख्यालय नंदन सिंह बिष्ट, पुलिस उपाधीक्षक जिला पौड़ी गणेश लाल, निरीक्षक अभिसूचना पुलिस मुख्यालय महेश चंद्र चंदोला, उप निरीक्षक विशेष श्रेणी जिला चंपावत रमेश चंद्र भट्ट को सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक दिया जाएगा।

सोबन सिंह जीना मेडिकल कालेज अल्मोड़ा को मिली मान्यता, एमबीबीएस की 100 सीटें पर इसी सत्र छात्र करेंगे पढ़ाई

 नेशनल मेडिकल काउंसिल ने सोबन सिंह जीना मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा को मान्यता प्रदान कर दी है। मेडीकल कमीशन अल्मोड़ा मेडिकल कालेज को एमबीबीएस की 100 सीटें दी हैं। पिछले सप्ताह एनएमसी की टीम अल्मोड़ा का दौरा कर वापस लौटी थी। अल्मोड़ा में कालेज करीब आठ साल से निर्माणाधीन है। प्रदेश की लिए यह बड़ी उपलब्धि है।

सोबन सिंह जीना राजकीय मेडिकल कालेज अल्मोड़ा में पिछले सप्ताह ही नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की टीम ने निरीक्षण किया था। तभी उम्मीद जग गई थी कि इस बार मान्यता मिल जाएगी। प्राचार्य प्रो. सीपी भैंसोड़ा ने बताया कि अभी पहली काउंसिलंग चल रही है। दूसरी काउंसिलंग में राज्य कोटे की 85 सीटों पर प्रवेश होगा। 15 सीटों पर आल इंडिया कोटे से प्रवेश होंगे।
प्रचार्य प्रो. सीपी भैंसोड़ा ने बताया कि मेडिकल कालेज को शुरू कराने के लिए लेटर आफ इंटेंट प्राप्त हो गया है। जल्द ही लेटर आफ परमिशन भी मिल जाएगा। इसी सत्र से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। यह कुमाऊं ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए बड़ी उपलब्धि है।

उत्तराखंड में अभी तक तीन सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इनमें एक देहरादून, दूसरा श्रीनगर और तीसरा हल्द्वानी में है। अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज का निर्माण 2012 से चल रहा था। अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को वैसे तो वर्ष 2017 में शुरू करने की योजना थी लेकिन धीरे-धीरे तारीख पीछे खिसकती चली गई। छात्रों का इंतजार भी साल-दर-साल आगे बढ़ता चला गया। पिछले साल भी अनुमति नहीं मिल पाई थी। इस साल स्टूडेंट्स लगातार इस कॉलेज को मान्यता दिलाने की मांग कर रहे थे। देहरादून के मेडिकल एजुकेशन एक्सपर्ट डीके मिश्रा की अगुवाई में ट्विटर व अन्य माध्यमों अभियान चलाया।

सोबन सिंह जीना मेडिकल कॉलेज राजकीय मेडिकल कालेज अल्मोड़ा को एमबीबीएस की मान्यता के लिए वर्ष 2019 से निरीक्षण चल रहा है। पिछले सप्ताह नेशनल मेडिकल कमीशन की टीम अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने आई थी। मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया नई दिल्ली की टीम ने निरीक्षण किया, लेकिन फैकल्टी की कमी और संसाधनों के अभाव के चलते मान्यता नहीं मिल सकी।

एचएनबी मेडिकल एजुकेशन यूनिवर्सिटी की ओर से उत्तराखंड एमबीबीएस नीट काउन्सलिंग शुरू होने जा रही है। पहले चरण में इस कॉलेज का विकल्प मिलना मुश्किल है लेकिन दूसरे चरण में छात्रों को इसका विकल्प मिलेगा।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द 73वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आज देश को संबोधित करेंगे 

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द आज मंगलवार को 73वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित करेंगे।राष्ट्रपति भवन ने सोमवार रात जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी। यह संबोधन शाम सात बजे से आकाशवाणी के सभी राष्ट्रीय नेटवर्क और दूरदर्शन के सभी चैनलों पर हिंदी में प्रसारित किया जाएगा। राष्ट्रपति भवन ने एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी है। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर 23 जनवरी से शुरू हो गया है। 30 जनवरी को इसका समापन होगा।

यह संबोधन शाम सात बजे से आकाशवाणी (AIR) के सभी राष्ट्रीय नेटवर्क और दूरदर्शन के सभी चैनलों पर हिंदी में प्रसारित किया जाएगा। इसके बाद इसका अंग्रेजी में प्रसारण होगा।  विज्ञप्ति में कहा गया है कि हिंदी और अंग्रेजी में संबोधन के प्रसारण के बाद दूरदर्शन के क्षेत्रीय चैनलों द्वारा इसका प्रसारण क्षेत्रीय भाषाओं में किया जाएगा। विज्ञप्ति में कहा गया है कि आकाशवाणी अपने संबंधित क्षेत्रीय नेटवर्क पर रात 9.30 बजे से क्षेत्रीय भाषा में इसका प्रसारण करेगा।

दूरदर्शन 59 कैमरों की मदद से गणतंत्र दिवस परेड की हर गतिविधि का सीधा प्रसारण करेगा। भारतीय वायुसेना के 75 विमानों के विशाल बेड़े के विभिन्न करतबों के सीधे प्रसारण के साथ-साथ फ्लाई-पास्ट के नए पहलुओं को प्रदर्शित करने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में कहा कि दूरदर्शन ने गणतंत्र दिवस समारोह के सीधे प्रसारण के लिए नेशनल स्टेडियम के गुंबद, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, इंडिया गेट और राष्ट्रपति भवन के बीच कई अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर कैमरे लगाए हैं। लोगों को इस पूरे समारोह के विहंगम दृश्य दिखाने के लिए दो ‘360 डिग्री कैमरे’ लगाए गए हैं। इनमें से एक कैमरा राजपथ पर लगा है और दूसरा इंडिया गेट के शीर्ष पर।