राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस पर अपने संदेश में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि 04 मार्च से 10 मार्च तक सुरक्षा की दृष्टि से औद्योगिक दुर्घटनाओं और सड़क दुर्घटनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर वर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है। 04 मार्च 1972 से प्रतिवर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाया जा रहा है। इस साल राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस की थीम ‘‘आपदा से सीखें और सुरक्षित भविष्य की तैयारी करें’’ है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि यह दिवस हमारे सुरक्षा सैनिक, अर्द्वसैनिक बल और पुलिस को समर्पित किया जाता है। जो अपनी जान जोखिम में डालकर हमेशा लोगों की सुरक्षा को लेकर तैयार होते हैं। आपदाओं से हम सबक सीखें और कैसे लोगों को सुरक्षित रख सखते हैं, इस पर चितंन-मनन होगा। सुरक्षा में लगी सभी एजेंसियों को भी मुख्यमंत्री ने शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड आपदा की दृष्टि से संवेदशील राज्य है। आपदा प्रबंधन की दृष्टि से राज्य में अनेक कार्य किये जा रहे हैं। राज्य में इन्सीडेंट रिस्पॉस सिस्टम को काफी मजबूत किया गया है।
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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिये कुम्भ मेले की व्यवस्थाओं को “शीघ्र अंतिम रूप देने के निर्देश “
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिये कुम्भ मेले की व्यवस्थाओं को शीघ्र अंतिम रूप देने के निर्देश
ग्रीन कुम्भ मेले की कल्पना को साकार करने के लिये सफाई व्यवस्था पर दिया जाये विशेष ध्यान
कुम्भ क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के लिये किये जाये प्रभावी प्रयास
शहर की आंतरिक सड़कों की मरम्मत आदि में लायी जाये तेजी
कुम्भ क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था पर दिया जाये ध्यान
कुम्भ मेले की व्यवस्थाओं में कोई कमी न रहे, इसके लिये अधिकारी आपसी समन्वय से करें कार्य
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को कुम्भ मेला क्षेत्र में संचालित स्थायी एवं अस्थायी निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद अटल बिहारी वाजपेई राज्य अतिथि गृह में कुम्भ मेले से जुड़े सभी उच्चाधिकारियों की बैठक ली।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेले में संचालित स्थायी एवं अस्थायी निर्माण कार्यों के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को कुम्भ मेले की व्यवस्थाओं से सम्बंधित कार्यों को शीघ्र अंतिम रूप देने को कहा। मुख्यमंत्री ने ग्रीन कुम्भ की कल्पना को साकार करने के लिए कुम्भ मेले की सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कुम्भ क्षेत्र के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिये जाने पर बल दिया। शहर की आंतरिक सड़कों की आवश्यक मरम्मत, साफ-सफाई एवं अतिक्रमण हटाये जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी व्यक्तिगत ध्यान देकर शेष कार्यों को पूर्ण करायंे। उन्होंने व्यवस्थाओं को शीघ्र दुरूस्त करने के लिये आपसी समन्वय से कार्य करने के भी निर्देश दिये। कुम्भ क्षेत्र के साथ ही स्नान घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि शहर में जो लाइटें खराब हैं, उन्हें तुरंत बदला जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ क्षेत्र की सफाई व्यवस्था हेतु धनराशि की कमी नहीं होनी दी जाएगी। इसके लिए आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था करने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।
बैठक में मेलाधिकारी दीपक रावत, जिलाधिकारी सी. रविशंकर, आईजी कुंभ संजय गुंज्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंभ जन्मेजय खंडूड़ी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार सेंथिल अबुदई कृष्ण राज एस आदि अधिकारीगण मौजूद थे।
रुद्रपुर काठगोदाम राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनने वाला “टोल प्लाजा रुदपुर रोड पर किलोमीटर 61 में बनेगा”
रुद्रपुर काठगोदाम राष्ट्रीय राजमार्ग पर लालकुआं बरेली रोड पर बाईपास के पास बनने वाला टोल प्लाजा अब बाईपास से रुदपुर रोड पर किलोमीटर 61 में बनेगा। वन विभाग से अनुमति मिलने तक वहां पर टेंपरेरी टोल प्लाजा बनाया जाएगा।राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने निर्माणाधीन रुद्रपुर काठगोदाम राष्ट्रीय राजमार्ग का टोल प्लाजा नगला बाईपास पर बनाने के लिए चयनित किया था। लेकिन वहा पर हाथी कॉरिडोर होने के कारण वन विभाग द्वारा एनएचएआई को भूमि अधिग्रहण की अनुमति नहीं दी गई । जिसके बाद एनएचएआई ने नगला बाईपास से रुद्रपुर की तरफ किलोमीटर 61 पर टोल प्लाजा बनाने का निर्णय लिया है।
जिसके लिए एनएचएआई को फिर से वन विभाग से भूमि अधिकरण की प्रक्रिया करनी होगी। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में समय लगने के चलते एनएचएआई पहले अस्थाई रूप से टोल प्लाजा का निर्माण करेगी। जिसके बाद वन विभाग से अनुमति मिलने पर वहां पर स्थाई टोल प्लाजा का निर्माण कर दिया जाएगा।एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर योगेश शर्मा ने बताया कि प्रोजेक्ट में पहले नगला बाईपास पर लालकुआं की तरफ टोल प्लाजा बनाने का लक्ष्य था, लेकिन वन विभाग द्वारा वहां पर भूमि नहीं दी जा रही है, जिसके बाद आप नगला बाईपास से रुद्रपुर की तरफ किलोमीटर 61 में टोल प्लाजा बनाया जाएगा।
टीकाकरण अभियान का 45वां दिन- कोविड-19 टीकाकरण के अगले चरण की शुरूआत आज को-विन पोर्टल पर 25 लाख लाभार्थियों ने पंजीकरण कराया ; इनमें 24.5 लाख नागरिक लाभार्थी हैं कोविड-19 वैक्सीन की 1.47 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं आज शाम सात बजे तक 4.27 लाख वैक्सीन की खुराक दी गईं
देश में दी गई कोविड-19 वैक्सीन की खुराकों की कुल संख्या आज 1.47 करोड़ से अधिक हो गई हैं।
देशव्यापी टीकाकरण अभियान 16 जनवरी 2021 को शुरू किया गया था। फ्रंटलाइन कर्मियों (एफएलडब्ल्यू) का टीकाकरण 2 फरवरी 2021 से शुरू हुआ था। कोविड-19 टीकाकरण का अगला चरण आज शुरू हुआ है। टीकाकरण के इस चरण में 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों तथा 45 साल वर्ष और इससे अधिक आयु के बीमार व्यक्तियों को कोविड के टीके लगाए जा रहे हैं।
आज 25 लाख संभावित लाभार्थियों ने को-विन पोर्टल पर पंजीकरण कराया। इसमें से 24.5 लाख नागरिक हैं और बकाया लोग स्वास्थ्यकर्मी और फ्रंटलाइन कर्मी हैं। आज लगभग 6.44 लाख नागरिक लाभार्थियों ने टीके लगवाने के लिए अपाइंटमेंट लिए हैं।
अस्थायी रिपोर्ट के अनुसार आज शाम 7 बजे तक कुल 1,47,28,569 वैक्सीन खुराक दी जा चुकी हैं।
इनमें पहली खुराक लेने वाले 66,95,665 एचसीडब्ल्यू, दूसरी खुराक लेने वाले 25,57,837 एचसीडब्ल्यू, और पहली खुराक लेने वाले 53,27,587 एफएलडब्ल्यू और 60 साल से अधिक उम्र के 1,28,630 लाभार्थी तथा 45 और इससे अधिक आयु के 18,850 रोगग्रस्त लाभार्थी शामिल हैं।
अस्थायी रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रव्यापी कोविड-19 टीकाकरण के 45वें दिन आज शाम 7 बजे तक कुल 4,27,072 वैक्सीन की खुराकें दी गईं। जिसमें से 3,25,485 लाभार्थियों को पहली खुराक दी गई और 1,01,587 एचसीडब्ल्यू को वैक्सीन की दूसरी खुराक दी गई। अंतिम रिपोर्ट आज देर रात तक तैयार की जाएगी।
| दिनांक 1 मार्च 2021 | ||||||
| एचसीडब्ल्यू | एफएलडल्ब्यू | 45 से 60 वर्ष की आयु के बीमार लाभार्थी | 60 वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थी | कुल उपलब्धि | ||
| पहली खुराक | दूसरी खुराक | पहली खुराक | पहली खुराक | पहली खुराक | पहली खुराक | दूसरी खुराक |
| 25,656 | 1,01,587 | 1,52,349 | 18,850 | 1,28,630 | 3,25,485 | 1,01,587 |
प्रधानमंत्री 2 मार्च को मैरीटाइम इंडिया समिट-2021 का शुभारंभ करेंगे
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 2 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘मैरीटाइम इंडिया समिट 2021’ का शुभारंभ करेंगे।
मैरीटाइम इंडिया समिट-2021 के बारे में :
2 मार्च से 4 मार्च 2021 तक एक आभासी मंच www.maritimeindiasummit.in पर पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा मैरीटाइम इंडिया समिट-2021 का आयोजन किया जा रहा है।
यह शिखर सम्मेलन अगले दशक के लिए भारत के समुद्री क्षेत्र के लिए एक रोडमैप की संकल्पना करेगा और भारत को वैश्विक समुद्री क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए कार्य करेगा। कई देशों के प्रख्यात वक्ताओं के शिखर सम्मेलन में भाग लेने और भारतीय समुद्री क्षेत्र में संभावित व्यापार अवसरों और निवेश की तलाश करने की सम्भावना है। तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन के लिए डेनमार्क साझेदार देश है।
प्रधानमंत्री ने कोविड-19 वैक्सीन की पहली खुराक ली
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली में कोविड-19 वैक्सीन की पहली खुराक ली है।
प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘मैंने आज एम्स में कोविड-19 वैक्सीन की पहली खुराक ली है। यह उल्लेखनीय है कि हमारे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने कोविड-19 के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत बनाने के लिए बहुत तेजी से काम किया है। मैं वैक्सीन लेने के सभी पात्र व्यक्तियों से वैक्सीन लेने का अनुरोध करता हूं। आइए, हम मिलकर भारत को कोविड-19 से मुक्त बनाएं।’’
प्रधानमंत्री ने संत रविदास को उनकी जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने संत रविदास को उनकी जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
एक ट्वीट में प्रधानमंत्री ने कहा, “संत रविदास जी ने सदियों पहले समानता, सद्भावना और करुणा पर जो संदेश दिए, वे देशवासियों को युगों-युगों तक प्रेरित करने वाले हैं। उनकी जयंती पर उन्हें मेरा सादर नमन।”
पं. सुभाष चन्द्र जोशी जी वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद ( राज्य स्तर मंत्री) उत्तराखंड के अध्यक्ष मनोनीत किया गया .
पं. सुभाष चन्द्र जोशी जी वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद ( राज्य स्तर मंत्री) के अध्यक्ष मनोनीत । देवभूमि जॉर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन , रजि. उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष एवं देवभूमि पत्रकार यूनियन, रजि. के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य , दृष्टि में ही सृष्टि, पत्रिका के सम्पादक , वरिष्ठ पत्रकार, ब्राह्मण समाज महासंघ के संरक्षक , भागवताचार्य, पं.सुभाष चन्द्र जोशी जी को मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी द्वारा वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद , उत्तराखंड सरकार का अध्यक्ष ( राज्य स्तर मंत्री) मनोनीत किये जाने पर पत्रकारों में हर्ष की लहर दौड़ गई । इसके लिए एसोसिएशन व यूनियन ने मुख्यमंत्री जी का आभार प्रकट किया है । प्रदेश भर के पत्रकारों ने एवं धार्मिक संस्थाओं ने जोशी जी को शुभ कामनाएं प्रेषित करते हुए हर्ष प्रकट किया है । डॉ. वी डी शर्मा, प्रदेश महासचिव, देवभूमि जॉर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तराखंड व देवभूमि पत्रकार यूनियन, रजि. उत्तराखंड ।
भारत में कोविड-19 टीकाकरण कवरेज 1.34 करोड के पार 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1000 से कम सक्रिय मामले पिछले 24 घंटों में 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से कोविड के कारण मौत होने का कोई नया मामला दर्ज नहीं हुआ
भारत में कोविड-19 टीकाकरण का कुल कवरेज 1.34 करोड के पार हो गया है।
प्रारंभिक सूचना के अनुसार आज सुबह सात बजे तक 2,78,915 सत्रों में 1,34,72,643 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। इनमें से 66,21,418 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं (एचसीडल्ब्यू) को पहली खुराक दी जा चुकी है और 20,32,994 स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को दूसरी खुराक दी जा चुकी है। इसके साथ ही अग्रिम पंक्ति के 48,18,231 कार्यकर्ताओं (एफएलडब्ल्यू) को पहली खुराक दी गई है।
13 फरवरी 2021 को उन लाभार्थियों को कोविड-19 टीके की दूसरी खुराक देने का कार्यक्रम शुरू हुआ जिन्हें पहली खुराक दिए हुए 28 दिन पूरे हो चुके थे। अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं का टीकाकरण 2 फरवरी 2021 को शुरू किया गया था।
| क्र. संख्या |
राज्य/केंद्र शासित प्रदेश |
टीकाकरण किए गए लाभर्थी | ||
| पहली खुराक | दूसरी खुराक | कुल खुराक | ||
| 1 |
अंडमान निकोबार द्वीप समूह |
6,034 | 2,385 | 8,419 |
| 2 |
आंध्र प्रदेश |
5,03,858 | 1,30,591 | 6,34,449 |
| 3 |
अरुणाचल प्रदेश |
24,193 | 6,331 | 30,524 |
| 4 |
असम |
1,89,569 | 21,468 | 2,11,037 |
| 5 |
बिहार |
5,48,175 | 76,211 | 6,24,386 |
| 6 |
चंडीगढ़ |
18,894 | 1,568 | 20,462 |
| 7 |
छत्तीसगढ |
3,73,644 | 48,347 | 4,21,991 |
| 8 |
दादरा और नगर हवेली |
5,252 | 337 | 5,589 |
| 9 |
दमन और दीव |
2,151 | 254 | 2,405 |
| 10 |
दिल्ली |
3,62,072 | 34,567 | 3,96,639 |
| 11 |
गोवा |
17,875 | 1,918 | 19,793 |
| 12 |
गुजरात |
8,32,737 | 1,25,357 | 9,58,094 |
| 13 |
हरियाणा |
2,20,672 | 68,361 | 2,89,033 |
| 14 |
हिमाचल प्रदेश |
1,00,723 | 17,041 | 1,17,764 |
| 15 |
जम्मू और कश्मीर |
2,30,494 | 13,391 | 2,43,885 |
| 16 |
झारखंड |
2,80,339 | 19,440 | 2,99,779 |
| 17 |
कर्नाटक |
5,96,274 | 1,92,934 | 7,89,208 |
| 18 |
केरल |
4,41,597 | 88,877 | 5,30,474 |
| 19 |
लद्दाख |
8,753 | 748 | 9,501 |
| 20 |
लक्षद्वीप |
2,353 | 688 | 3,041 |
| 21 |
मध्य प्रदेश |
6,49,377 | 1,31,088 | 7,80,465 |
| 22 |
महाराष्ट्र |
10,10,322 | 1,31,968 | 11,42,290 |
| 23 |
मणिपुर |
48,938 | 2,239 | 51,177 |
| 24 |
मेघालय |
28,860 | 1,350 | 30,210 |
| 25 |
मिजोरम |
20,955 | 4,876 | 25,831 |
| 26 |
नगालैंड |
28,691 | 5,425 | 34,116 |
| 27 |
ओडिशा |
4,58,368 | 1,54,434 | 6,12,802 |
| 28 |
पुदुचेरी |
9,455 | 1,024 | 10,479 |
| 29 |
पंजाब |
1,49,029 | 32,863 | 1,81,892 |
| 30 |
राजस्थान |
7,97,900 | 1,52,486 | 9,50,386 |
| 31 |
सिक्किम |
16,630 | 1,228 | 17,858 |
| 32 |
तमिलनाडु |
3,78,411 | 50,844 | 4,29,255 |
| 33 |
तेलंगाना |
2,84,058 | 1,14,020 | 3,98,078 |
| 34 |
त्रिपुरा |
88,487 | 19,527 | 1,08,014 |
| 35 |
उत्तर प्रदेश |
11,67,285 | 2,03,454 | 13,70,739 |
| 36 |
उत्तराखंड |
1,40,671 | 14,323 | 1,54,994 |
| 37 |
पश्चिम बंगाल |
8,72,999 | 1,20,107 | 9,93,106 |
| 38 |
अन्य |
5,23,554 | 40,924 | 5,64,478 |
कुल |
1,14,39,649 | 20,32,994 | 1,34,72,643 | |
टीकाकरण अभियान के 41वें दिन (25 फरवरी 2021) टीके की 8,01,480 खुराकें दी गईं। इनमें से 3,84,834(एचसीडब्ल्यू और एफएलडब्ल्यू)लाभार्थियों को पहली खुराक के लिए 14,600 सत्रों में और 4,16,646 एचसीडव्ल्यू को दूसरी खुराक के लिए टीका लगाया गया।
कुल 1,34,72,643 टीका खुराकों में से 1,14,39,649 (एचसीडब्ल्यू और एफएलडब्ल्यू) को टीके की पहली खुराक और 20,32,994 एचसीडब्ल्यू को टीके की दूसरी खुराक दी जा चुकी है।
कुल पंजीकृत एचसीडब्ल्यू में से 60 प्रतिशत से कम को नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में टीका लगाया गया है।
इनमें अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली, तेलंगाना, लद्दाख, चंडीगढ़, नगालैंड, पंजाब और पुदुचेरी शामिल हैं।

कुल पंजीकृत एफएलडब्ल्यू में से 40 प्रतिशत से कम को 13 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में टीका लगाया गया है।
इनमें चंडीगढ़, नागालैंड, तेलंगाना, मिजोरम, पंजाब, गोवा, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, मणिपुर, असम, अंडमान निकोबार द्वीर समूह, मेघालय और पुदुचेरी शामिल हैं।

आज की तारीख में भारत में कुल सक्रिय मामलों की संख्या 1,55,986 है जो कि कुल पॉजिटिव मामलों का 1.41 प्रतिशत है। ऐसा कुछ राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में प्रतिदिन नए मामलों में हो रही वृद्धि के कारण हुआ है।
21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1,000 से कम सक्रिय मामले दर्ज हुए हैं।
इमें जम्मू कश्मीर (820), आंध्र प्रदेश (611), ओडिशा (609), गोवा (531), उत्तराखंड (491), बिहार (478), झारखंड (467), चंडीगढ़ (279), हिमाचल प्रदेश (244), पुदुचेरी (196), लक्षद्वीप (86), लद्दाख (56), सिक्किम (43), मणिपुर (40), त्रिपुरा (32), मिजोरम (27), मेघालय (20), नागालैंड (13), दमन एवं द्वीवऔर दादरा नगर हवेली (5), अरूणाचल प्रदेश (3) और अंडमान निकोबार द्वीप समूह (2) शामिल हैं।

20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने पिछले 24 घंटों में कोविड-19 से मौत का एक भी मामला दर्ज नहीं किया है।
इनमें दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू- कश्मीर, आंध्र प्रदेश, झारखंड, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, असम, लद्दाख, त्रिपुरा, मिजोरम, नागालैंड, मणिपुर, मेघालय, सिक्किम, दमन और दीव और दादरा और नगर हवेली, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं।
नीचे दी गई टेबल में पिछले 24 घंटे में सक्रिय मामलों में आए बदलाव को दर्शाया गया है। महाराष्ट्र में सबसे अधिक 4,902 पॉजिटिव मामले दर्ज किए गए हैं जबकि केरल ने सबसे अधिक 989 नेगेटिव मामले दर्ज किए हैं।

आज तक भारत में कुल 1,07,50,680कोविड-19 रोगी स्वस्थ्य हो चुके हैं। आज रिकवरी दर 97.17 प्रतिशत हो गई है।
स्वस्थ्य हुए कुल रोगियों और सक्रिय मामलों के बीच का अंतर लगातार बढ़ रहा है और आज यह 10,594,694हो गया है।
पिछले 24 घंटों में 12,179 रोगी स्वस्थ हुए हैं।
नए स्वस्थ हुए रोगियों के 85.34 प्रतिशत मामले 6 राज्यों में दर्ज हुए हैं।
केरल में पिछले 24 घंटों में एक दिन में सबसे अधिक 4,652 लोग स्वस्थ हुए हैं। महाराष्ट्र में यह संख्या 3,744 और तमिलनाडु में 947 है।

पिछले 24 घंटों में 16,577 नए मामले दर्ज किए गए हैं।
इनमें से 86.18 प्रतिशत नए मामले 6 राज्यों में दर्ज हुए हैं।
महाराष्ट्र में प्रतिदिन सबसे अधिक 8,702 नए मामले दर्ज हुए हैं, दूसरे स्थान पर केरल है जहां 3,677 जबकि पंजाब में 563 नए मामले मिले हैं।

पिछले 24 घंटों में कोविड से 120 मौतें हुई हैं।
इनमें से 85.83 प्रतिशत मामले 6 राज्यों में दर्ज हुए हैं। महाराष्ट्र में सबसे अधिक 56, केरल में 14 और पंजाब में 13 मौतें दर्ज हुई हैं।

