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भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई), एनवी रमना को एक युवा लड़की द्वारा लिखे गए एक पत्र के आधार पर जनहित याचिका दर्ज की

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने मामलों की भौतिक सुनवाई के लिए अदालतों को फिर से खोलने के मुद्दों पर विचार करने के लिए एक जनहित याचिका (PIL) याचिका दर्ज की है।इस बात का खुलासा CJI को सम्मानित करने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा आयोजित एक समारोह के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जज विनीत सारन ने किया

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई), एनवी रमना को एक युवा लड़की द्वारा लिखे गए एक पत्र के आधार पर जनहित याचिका दर्ज की गई थी, जिसमें बताया गया था कि कैसे स्कूल फिर से खुल गए हैं लेकिन अदालत अभी भी पूर्ण शारीरिक मोड में वापस आने के लिए अनिच्छुक है।
न्यायमूर्ति सरन ने कहा, “एक युवा लड़की ने कल सीजेआई को भी लिखा था कि जब स्कूल खुल गए हैं तो अदालतें क्यों नहीं। सीजेआई ने इसे एक जनहित याचिका के रूप में नोट किया है और इस पर जल्द ही सुनवाई होगी।”

हालांकि कई उच्च न्यायालयों और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी सीमित शारीरिक सुनवाई फिर से शुरू कर दी है, फिर भी अधिकांश मामलों की सुनवाई वर्चुअल माध्यम से की जा रही है।

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने हाइब्रिड माध्यम से 1 सितंबर को सीमित शारीरिक सुनवाई शुरू की थी। उसी के अनुसार, वकीलों के पास किसी विशेष मामले में वर्चुअल या फिजिकल मोड का विकल्प चुनने का विकल्प होता है।

मार्च 2020 में COVID-19 के प्रकोप के बाद से भारत में न्यायालय वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कार्य कर रहे हैं।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने नानकमत्ता गुरुद्वारे लगाई झाड़ू

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने नानकमत्ता गुरुद्वारे में झाड़ू लगाकर और संगत के जोड़े साफ कर पंज प्यारे वाले बयान के लिए अपनी गलती का प्रायश्चित किया।
विगत दिनों हरीश रावत द्वारा पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और कार्यवाहक अध्यक्षों के लिए पंज प्यारे शब्द का इस्तेमाल करने से उत्पन्न विवाद के कारण उनके खिलाफ प्रदर्शन होने लगे थे। मंकी उनका कहना था कि उनकी मंशा किसी की तुलना पंच प्यारों से करने की नहीं थी। अपने बयान को लेकर माफी मांगते हुए कहा कि वे अपनी गलती के लिए माफी मांगते हैं उत्तराखंड में गुरु के घर में झाड़ू लगाकर अपनी इस गलती का प्रायश्चित करेंगे। इसके बावजूद यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा था। कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा नानकमत्ता पहुंचे हरीश रावत ने यहां पवित्र गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब परिसर मैं झाड़ू लगाकर और संगत के जोड़े साथ पर गलती का प्रायश्चित किया।

 

देहरादून : डीएवी पीजी कॉलेज में स्नातक प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि एक बार फिर बढ़ा दी गई है

देहरादून : डीएवी पीजी कॉलेज में स्नातक प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि एक बार फिर बढ़ा दी गई है। कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. हरिओम शंकर ने बताया कि विभिन्न छात्र संगठनों के अनुरोध पर स्नातक प्रथम सेमेस्टर में ऑनलाइन पंजीकरण व स्नातक और स्नातकोत्तर के असाइनमेंट जमा करने की अंतिम तारीख चार सितंबर कर दी गई है। इससे पहले 30 अगस्त और फिर दो सितंबर अंतिम तारीख तय की गई थी।

डॉ. हरिओम शंकर ने बताया कि चार सितंबर सभी विद्यार्थियों के लिए पंजीकरण और असाइनमेंट के लिए अंतिम अवसर होगा। जिन विद्यार्थियों के फार्म में त्रुटि है तो वह भी इसमें सुधार कर सकते हैं। पांच और छह सितंबर को पोर्टल बैंकिंग क्लीयरेंस के कारण बंद रहेगा। चार तारीख को किए गए आवेदन की त्रुटि का सुधार सात सितंबर को किया जा सकता है।
पंजीकरण और असाइनमेंट दोनों ही डीएवी कॉलेज की वेबसाइट www.davpgcollege.in पर ही होंगे।

डीबीएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीसी पांडेय ने बताया कि कॉलेज में स्नातक प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के आनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि तीन सितंबर है।

एमकेपी कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रेखा खरे ने बताया कि कॉलेज में स्नातक प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की दो सितंबर को अंतिम तारीख थी। इसके बाद मेरिट की सूची जारी करने पर कार्य किया जाएगा। अगर सामान्य या आरक्षित वर्ग में सीट रिक्त रहती हैं तो आवेदन के लिए छात्र-छात्राओं को फिर मौका दिया जाएगा।

कांग्रेसियों ने रसोई गैस की महंगाई पर बल्लीवाला चौक पर प्रदर्शन किया

आक्रोश

-घरेलू गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी

-बल्लीवाला चौक पर विरोध-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने फूंका पुतला

देहरादून:- रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के विरोध में कांग्रेसियों ने बल्लीवाला चौक पर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुतला फूंककर सरकार से उन्होंने अपना विरोध दर्ज करया। साथ ही ‘महंगाई से मुंह मत मोड़ो, कम नहीं कर सकते तो कुर्सी छोड़ो का नारा भी लगाया।

गुरुवार को महंगाई के विरोध में कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता बल्लीवाला चौक पहुंचे थे। यहां सबने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और रसोई गैस की कीमत कम करने की मांग उठाई। धस्माना ने कहा कि केंद्र सरकार ने रसोई गैस पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक की है। सब्जियां, दालें, आटा-चावल और अब खाने का तेल भी महंगा हो गया है। धस्माना ने कहा कि देश की जनता, खासतौर पर माताएं-बहनें रसोई पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक को नहीं भूलेंगी। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस सचिव मंजू त्रिपाठी और महेश जोशी, महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष गौतम सोनकर, कांवली ब्लॉक अध्यक्ष अल्ताफ, यमुना कॉलोनी अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, महानगर कांग्रेस उपाध्यक्ष धर्म सोनकर, सुमित खन्ना, संगीता गुप्ता, सभासद जितेंद्र तनेजा, प्रेमनगर महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशीला शर्मा, कांवली अध्यक्ष जया गुलानी, पूर्व पार्षद ललित भद्री, राजेंद्र धवन, संजय थापा, विजय शाही, अवधेश, अनीता दास, विमलेश, संजय भारती, सुल्तान अहमद, उदवीर सिंह पंवार शामिल रहे।

आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने 5 आईएएस अधिकारियों को सुनाई जेल की सजा, कोर्ट की अवमानना का मामला

अदालत ने नेल्लोर जिले के वेंकटचलम मंडल के कनुपुर गांव में रहने वाली एक महिला के मामले की सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया है। आंध्र सरकार ने नेल्लोर जिले के तल्लापाका गांव निवासी साईं ब्रह्मा नामक एक महिला से 2015 में जमीन का अधिग्रहण किया था और महिला को इसके बदले मुआवजा नहीं मिला। हाई कोर्ट ने अपने पहले आदेश में तीन महीने के भीतर पैसे देने के निर्देश दिए थे

तीन महीने की जगह 6 साल बीत जाने के बाद भी महिला को उसका मुआवजा नहीं मिला जिसके बाद यह अवमानना का केस फाइल किया गया, इसी मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने 5 आईएएस अधिकारियों को सजा सुनाई है। 5 अधिकारियों में से 2 को 4 हफ्ते की जेल और 3 अन्य को दो हफ्ते की जेल की सजा दी गई है।

राजस्व के तत्कालीन प्रधान सचिव, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनमोहन सिंह को चार सप्ताह जेल और 1,000 के जुर्माने की सजा सुनाई गई, वित्त के प्रमुख सचिव एसएस रावत को एक महीने जेल और 2,000 जुर्माना की सजा सुनाई गई थी। अदालत ने कहा कि जुर्माने का भुगतान नहीं करने पर जेल की सजा एक और सप्ताह बढ़ जाएगी।

नेल्लोर के जिला कलेक्टर रेवु मुत्याला राजू को 1,000 के जुर्माने के साथ दो सप्ताह की जेल की सजा सुनाई गई है, जबकि केएनवी चक्रधर और एमवी शेषगिरी बाबू, जो पहले नेल्लोर के जिला कलेक्टर के रूप में काम कर चुके हैं, प्रत्येक पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

न्यायमूर्ति बट्टू देवानंद ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही और अवज्ञा के कारण बुढ़िया को काफी नुकसान हुआ। यह देखते हुए कि यह अदालत की अवमानना ​​के लिए एक उपयुक्त मामला है, उन्होंने अधिकारियों द्वारा दी गई बिना शर्त माफी को खारिज कर दिया। अदालत ने राज्य सरकार को याचिकाकर्ता को लागत के रूप में एक लाख रुपये का भुगतान करने का भी निर्देश दिया। हालांकि, न्यायमूर्ति देवानंद ने अधिकारियों के अनुरोध के बाद चार सप्ताह के लिए सजा के संचालन को निलंबित कर दिया।

Sidharth Shukla Dies: बिग बॉस 13 विनर सिद्धार्थ शुक्ला का हार्ट अटैक से निधन

टीवी इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद और हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। टीवी इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता और बिग बॉस 13 विनर सिद्धार्थ शुक्ला का निधन हो गया है। सिद्धार्थ के फैंस के लिए ये खबर एक बहुत बड़ा झटका है। सिद्धार्थ की मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। एक्टर की मौत की खबर से हर कोई हैरान है, लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा है कि सिद्धार्थ अब इस दुनिया में नहीं रहे। सिद्धार्थ के निधन की खबर की पुष्टि मुंबई पुलिस ने की है।

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही सिद्धार्थ डांसिंग रिएलिटी शो ‘डांस दीवाने 3’ और ‘बिग बॉस ओटीटी’ में नज़र आए थे, जहां उन्होंने जमकर मस्ती की थी। दोनों ही शोज़ में सिद्धार्थ अपनी खास दोस्त शहनाज़ कौर गिल के साथ पहुंचे थे। ‘डांस दीवाने 3’ में सिड ने माधुरी के साथ रोमांटिक डांस भी किया था। वहीं, बिग बॉस ओटीटी में उन्होंने शहनाज़ के साथ रोमांटिक डांस किया था।

 

गोकशी के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा गाय भारतीय संस्कृति का हिस्सा है; उसे मौलिक अधिकार और राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए: इलाहाबाद उच्च न्यायालय

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बुधवार को एक जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि गोरक्षा को हिंदुओं का मूल अधिकार बनाया जाना चाहिए। जस्टिस शेखर यादव की बेंच ने ये टिप्पणियां गोकशी के एक आरोपी जावेद की जमानत याचिका को खारिज करते हुए कीं।

एकल न्यायाधीश न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने कहा कि गाय को मौलिक अधिकार देने और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए सरकार को संसद में एक विधेयक लाना चाहिए और गाय को नुकसान पहुंचाने की बात करने वालों को दंडित करने के लिए सख्त कानून बनाना चाहिए।

कोर्ट ने कहा, “गोरक्षा का कार्य केवल एक धार्मिक संप्रदाय का नहीं है, बल्कि गाय भारत की संस्कृति है और संस्कृति को बचाने का कार्य देश में रहने वाले प्रत्येक नागरिक का है, चाहे वह किसी भी धर्म का हो।”

न्यायाधीश ने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करें और गाय को नुकसान पहुंचाने की बात करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाएं।

सुप्रीम कोर्ट के नौ नए न्यायाधीशों ने ली शपथ, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 33 हो गई।

नौ नए न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण के बाद मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की कार्य क्षमता बढ़कर 33 हो गई।              अपने 70 साल के इतिहास में यह पहली बार था जब नौ न्यायाधीश एक बार में पद की शपथ ले रहे थे।

इसके साथ ही शीर्ष अदालत में रिक्तियां 10 से घटकर 1 रह गईं। सुप्रीम कोर्ट की स्वीकृत संख्या 34 है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने नौ नए न्यायाधीशों – जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका, विक्रम नाथ, जितेंद्र कुमार माहेश्वरी, हेमा कोहली, बीवी नागरत्ना, सीटी रविकुमार, एमएम सुंदरेश, बेला त्रिवेदी और पीएस नरसिम्हा को पद की शपथ दिलाई।

नौ न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश 17 अगस्त को कॉलेजियम द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में की गई थी और बाद में 26 अगस्त को केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित की गई थी।

राज्य के स्कूल भी खुले गए , लेकिन कोविड कर्फ्यू भी बढ़ा गया , स्कूल खुलने के फैसले के खिलाफ मामला हाईकोर्ट में…

उत्तराखण्ड कैबिनेट के फैसले के अनुसार प्रदेश में 2 अगस्त 2021 से स्कूल खोल दिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर देर शाम कोविड-19 के नियंत्रण हेतु कोविड कर्फ्यू के संबंध में नई गाइडलाइन भी जारी की गई है, जिसके तहत प्रदेश में अब कोविड कर्फ्यू 10 अगस्त 2021 तक बढा दिया गया है। नई गाइडलाइन के मुताबिक राज्य के समस्त शासकीय एवं निजी विद्यालय, विद्यालयी शिक्षा विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार संचालित होंगे। प्रदेश के समस्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, पॉलीटेक्निक, महाविद्यालय, मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, कृषि एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, समस्त विश्वविद्यालय एवं अन्य समस्त संस्थान को खोलने के लिए संबंधित विभाग द्वारा मानक प्रचलन विधि कोविड प्रोटोकॉल के साथ खोले जाने हेतु पृथक से जारी की जाएगी एवं उसकी संबंधित संस्थानों द्वारा कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

वहीं राज्य में 2 अगस्त से स्कूल खोलने का मामला हाईकोर्ट भी पहुंच गया है। हाईकोर्ट में कैबिनेट के फैसले के खिलाफ जनहित याचिका दायर की गई है, कोर्ट ने सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता से कैबिनेट के निर्णय के बजाय संबंधित शासनादेश को चुनौती देने को कहा है, मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी।

देहरादून के विजय सिंह ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि बीते दिनों कैबिनेट ने कक्षा 6 से बारह तक के विद्यालयों को खोलने का ऐलान किया, प्रदेश में कोरोना संकट जारी है। पहाड़ी क्षेत्रों में अब भी बड़ी संख्या में लोगों को वैक्सीन की पहली डो़ज तक नहीं लगी है। ऐसे में सरकार का निर्णय गलत है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में हुई इस दौरान याचिकाकर्ता की ओर से बतााय गया कि उन्होंने कैबिनेट के निर्णय को चुनौती देते हुए 29 जुलाई को याचिका दायार की है। सरकार से संबंधित जिओ 31 जुलाई को जारी किया गया ऐसे में उन्हें जनहित याचिका में संशोधन को समय दिया जाए, इस पर कोर्ट ने समय दे दिया। राज्य में कई अभिभावक संगठन भी सरकार के स्कूल खोलने के फैसले के खिलाफ हैं, अभिवावक संघों का कहना है कि स्कूलों के दबाव में सरकार ने यह फैसला लिया है। अभिभावकों से सहमति पत्र भरवाकर स्कूल जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहे हैं, स्कलों को बच्चों की कोई परवाह नहीं है।

CLAT 2021 की ऑनलाइन पहली काउंसलिंग स्टार्ट हो गयी है , 1 अगस्त को पहली सूचि जारी होगी |

CLAT Result 2021 घोषित किए जाने के साथ ही देश के टॉप विधि विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया (CLAT Counseling process 2021) शुरू कर दी गई है | पहले चरण की काउंसलिंग के नतीजे 1 अगस्त को जारी किए जाएंगे | लॉ प्रेप ट्यूटोरियल देहरादून के निदेशक सिद्धनाथ उपाध्याय ने बताया कि यह काउंसलिंग ऑनलाइन हो रही है, सीट आवंटन मेरिट कम भागीदारी यानी इसको और प्रवेश के समय दी गई वरीयता के कर्म के आधार पर होगी | दाखिले के लिए काउंसलिंग के न्यूनतम 5 राउंड होंगे और छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया के दौरान आवंटित सीटों को सुरक्षित करने के लिए 50 हजार रुपए जमा करने होंगे |

यह रहेगा काउंसलिंग का कार्यक्रमपहले चरण की काउंसलिंग के नतीजे 1 अगस्त को जारी किए जाएंगे | छात्रों को अपनी वैधता के हिसाब से आवंटित सीटों को सुरक्षित करने के लिए शुल्क जमा करना होगा | दूसरे चरण की काउंसलिंग के लिए 9 अगस्त तक सूची जारी होने की उम्मीद है, जिन अभ्यर्थियों के नाम इस सूची में होंगे उनके लिए काउंसलिंग 9 और 10 अगस्त को होगी | यह काउंसलिंग भी ऑनलाइन ही कराई जाएगी | तीसरी, चौथी और पांचवी सूची 13 अगस्त से 20 अगस्त के बीच जारी होगी | हर सूची के बाद छात्र के पास केवल 2 दिन का समय होगा |

इस दौरान उसे सीट ब्लॉक करने के लिए अपने डाक्यूमेंट्स को अपलोड करके फीस जमा करना अनिवार्य होगा | इस प्रक्रिया के बाद अगर किसी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में कोई सीट खाली होगी तो अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालयों की व्यक्तिगत वेबसाइट पर उसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी | उस पर दी गई कटऑफ के आधार पर अलग से आवेदन करना होगा | जो छात्र CLAT 2021 परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, वे ऑफिशियल वेबसाइट consortiumofnlus.ac.in पर जाकर अपना रिजल्ट (CLAT Result 2021) चेक कर सकेंगे |

आधिकारिक साइट पर जारी कैलेंडर के अनुसार CLAT 2021 काउंसलिंग रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है | यह 30 जुलाई (12 दोपहर) तक चलेगी |  उम्मीदवारों को अपनी पसंद के एनएलयू में अपनी सीटों को ब्लॉक करने के लिए 50,000 रुपये का भुगतान करना होगा | ऑफिशियल नोटिस में यह भी कहा गया है, “यदि उम्मीदवार जिन्हें पहली से चौथी Allocation लिस्ट में सीटें आवंटित की गई हैं, वे अपना प्रोविजनल एडमिशन वापस लेना चाहते हैं, तो वे इसे 18 अगस्त, 2021 को या उससे पहले कर सकते हैं |इस तारीख के बाद, सीट को ब्लॉक करने और वेटिंग उम्मीदवारों को नुकसान में डालने के लिए काउंसलिंग फीस से 10 हजार रुपये काट लिए जाएंगे |